योगी आदित्यनाथ की जीवनी | Yogi Adityanath Biography in Hindi

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परिचय

योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। योगी आदित्यनाथ भारतीय राजनीति में कट्टर हिंदुत्व की पहचान माने जाते हैं। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं। योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च सन. 2017 को उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

जन्म व बचपन

योगी आदित्यनाथ (मूल नाम अजय सिंह बिष्ट) का जन्म 5 जून सन. 1972 में उत्तराखंड के पौड़ी-गढवाल जिले के यमकेश्वर तहसील के पंचुर गाँव में एक राजपूत परिवार में हुआ था। योगी आदित्यनाथ के पिता का नाम श्री आनंद सिंह बिष्ट जो एक एक फॉरेस्ट रेंजर थे तथा माँ का नाम श्रीमती सावित्री देवी है। योगी आदित्यनाथ अपने माता-पिता के सात बच्चों में से तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद ये पांचवें और इनसे दो छोटे भाई भी हैं।

शिक्षा

योगी आदित्यनाथ ने सन. 1977 में टिहरी के गाजा कस्बे के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की। योगी आदित्यनाथ ने सन. 1987 में यहाँ से 10वीं की परीक्षा पास की और सन. 1989 में ऋषिकेश के ‘श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज’ से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। सन. 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए योगी आदित्यनाथ ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ से जुड़े। सन. 1992 में श्रीनगर के ‘हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय’ से योगी आदित्यनाथ ने गणित में BSC की परीक्षा पास की। उसके बाद कोटद्वार में रहने के दौरान योगी आदित्यनाथ के कमरे से सामान चोरी हो गया, जिसमें इनके सनद प्रमाण पत्र भी थे। इस कारण से गोरखपुर से विज्ञान स्नातकोत्तर करने का इनका प्रयास असफल रह गया। इसके बाद इन्होंने ऋषिकेश में फिर से विज्ञान स्नातकोत्तर में प्रवेश तो लिया, लेकिन ‘राम मंदिर आंदोलन’ का प्रभाव और स्नातकोत्तर में प्रवेश की परेशानी से उनका ध्यान दूसरी तरफ बंट गया।

सन्यासी जीवन

योगी आदित्यनाथ सन. 1993 में MSC गणित की पढ़ाई के दौरान ‘गुरु गोरखनाथ’ पर शोध करने गोरखपुर आये तथा गोरखपुर प्रवास के दौरान ही महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आये। महंत अवैद्यनाथ योगी आदित्यनाथ के पड़ोस के गांव के निवासी और परिवार के पुराने परिचित थे। योगी आदित्यनाथ महंत अवैद्यनाथ की शरण में चले गये और उनसे पूर्ण दीक्षा प्राप्त की। योगी आदित्यनाथ 21 वर्ष की आयु में सन. 1994 में सांसारिक मोहमाया त्यागकर पूर्ण संन्यासी बन गए, जिसके बाद उनका नाम ‘अजय सिंह बिष्ट’ से ‘संत योगी आदित्यनाथ’ हो गया। 12 सितंबर सन. 2014 को गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के निधन के बाद योगी आदित्यनाथ को यहाँ का महंत बनाया गया। 2 दिन बाद इन्हें ‘नाथ पंथ’ के पारंपरिक अनुष्ठान के अनुसार मंदिर का पीठाधीश्वर बनाया गया।

राजनीतिक जीवन

सन. 1998 में योगी आदित्यनाथ 26 वर्ष की आयु में गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े और जीत गए। योगी आदित्यनाथ 12वीं लोकसभा (1998-99) के सबसे युवा सांसद थे। सन. 1999 में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से दोबारा सांसद चुने गये। सन. 2002 अप्रैल में योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी बनायी। सन. 2004 में तीसरी बार लोकसभा का चुनाव जीता और सन. 2009 में 2 लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे। सन. 2014 में पांचवी बार फिर से दो लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर योगी आदित्यनाथ सांसद चुने गये।

सन. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिला, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। इसमें योगी आदित्यनाथ से काफी प्रचार कराया गया, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहा। सन. 2017 में विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने योगी आदित्यनाथ से पूरे राज्य में प्रचार कराया। 19 मार्च सन. 2017 में उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री पद सौंपा गया।

विवाद

योगी आदित्यनाथ एक हिन्दू महंत हैं। 7 सितम्बर सन. 2008 में योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में योगी आदित्यनाथ बाल-बाल बचे थे। यह हमला इतना बड़ा था कि 100 से भी अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को खून से लथ-पथ कर दिया। योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया, जब मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवक की जान चली गयी। योगी आदित्यनाथ ने इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी। योगी आदित्यनाथ को धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत जेल भेज दिया गया।

उन पर कार्यवाही के असर से मुंबई-गोरखपुर ‘गोदान एक्सप्रेस’ के कुछ डिब्बे फूंक दिए गये और जिसका आरोप उनके संगठन ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ पर लगा। यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फैल गए। उनकी गिरफ़्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का तबादला हो गया। कथित रूप से योगी आदित्यनाथ के ही दबाव के कारण मुलायम सिंह यादव की सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी। योगी आदित्यनाथ धर्मांतरण के खिलाफ और घर वापसी के लिए काफी चर्चा में रहे। 2005  में योगी आदित्यनाथ ने कथित तौर पर 1800 ईसाइयों का शुद्धीकरण कर हिन्दू धर्म में शामिल कराया। ईसाइयों के इस शुद्धीकरण का काम उत्तर प्रदेश के एटा जिले में किया गया था।