यशवंत सिन्हा की जीवनी | Yashwant Sinha Biography in Hindi

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परिचय

यशवंत सिन्हा एक भारतीय राजनीतिज्ञ और ‘भारतीय जनता पार्टी’ के वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें लोग भारतीय अर्थव्यवस्था के संपरिवर्तित्र मानते हैं। वे अपने राजनीतिक जीवन के समय एक चरित्रवान और सज्जन व्यक्ति के रूप में जाने गए। यशवंत सिन्हा एक भव्य जीवन व्यतीत करने के बाद ‘जनता दल’ के टिकट पर भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और भारत के पूर्व वित्त मंत्री रहने के साथ-साथ ‘अटल बिहारी वाजपेयी’ मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मंडल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वे सन 1970 के दशक में ‘जय प्रकाश नारायण’ के समाजवादी आन्दोलन से बहुत प्रभावित हुए।

शुरूआती जीवन

यशवंत सिन्हा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 6 नवम्बर 1937 को एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम ‘बिपिन बिहारी सरन’ तथा उनकी माता का नाम ‘धना देवी’ था। उनकी शुरूआती पढ़ाई पटना में ही हुई। इसके बाद उन्होंने सन 1958 में राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर किया और ‘पटना विश्वविद्यालय’ में सन 1960 तक पढ़ाया।

अधिकारी के रूप में

यशवंत सिन्हा सन 1960 में ही ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ में शामिल हुए और अगले 24 वर्षों के शासनकाल में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी। उन्होंने 4 साल तक उप-प्रभागीय न्यायाधीश और न्यायाधीश के रूप में सेवा की। उन्होंने 2 साल तक बिहार सरकार के वित्त मंत्रालय में सचिव और उप सचिव के तौर पर काम किया और उसके बाद उन्होंने भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के रूप में कार्य किया।

यशवंत सिन्हा ने सन 1971 से 1973 के बीच बॉन, जर्मनी के भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने सन 1973 से 1974 तक फ्रेंकफ़र्ट में भारत के कौंसुल जनरल के पद पर काम किया। इस क्षेत्र में लगभग 7 वर्ष तक कार्य करने के बाद उन्हें विदेश व्यापार और भारत के यूरोपीय आर्थिक संघ से रिश्तों के विषय में बहुत निपुणता प्राप्त हो गयी।

इसके बाद यशवंत सिन्हा ने बिहार सरकार के औद्योगिक अवसंरचना विभाग और भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय में भी पदभार संभाला, जहाँ पर उन्होंने विदेशी व्यावसायिक सहयोग, तकनीक आयात और औद्योगिक समझौते से सम्बंधित कई कार्य किए। उन्होंने 1980-84 के बीच भारत सरकार के ‘भूतल परिवहन मंत्रालय’ में संयुक्त सचिव का पद संभाला और बंदरगाह, पोत परिवहन और सड़क परिवहन के सम्बंधित मामलों पर काम किया। 1970 के दशक में ‘जय प्रकाश नारायण’ के समाजवादी आन्दोलन से यशवंत सिन्हा काफी प्रभावित हुए थे।

राजनीतिक करियर

यशवंत सिन्हा ने सन 1984 में ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ से त्यागपत्र दे दिया और ‘जनता पार्टी’ में शामिल हो गए। उन्हें सन 1986 में पार्टी का ‘अखिल भारतीय महासचिव’ और सन 1988 में ‘राज्यसभा सदस्य’ नियुक्त किया गया। जनता दल के निर्माण के बाद उन्हें सन 1989 में पार्टी का महासचिव बनाया गया।

यशवंत सिन्हा ने सन 1990-91 के बीच ‘चंद्रशेखर सरकार’ में वित्त मंत्री के तौर पर काम किया। उन्हें भारतीय जनता पार्टी का प्रवक्ता सन 1996 में बनाया गया। यशवंत सिन्हा ‘अटलबिहारी वाजपेयी’ की सरकार में मार्च 1998 से मई 2002 तक वित्त मंत्री रहे और बाद में 2004 के अंत तक विदेश मंत्री रहे। यशवंत सिन्हा सन 2004 के लोकसभा चुनाव में अपने चुनाव क्षेत्र हजारीबाग, बिहार (अब झारखण्ड) से हार गए। उन्होंने सन 2005 में संसद में फिर से प्रवेश किया और सन 2009 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया।

 योगदान

भारत-फ्रांस संबंधों में योगदान के लिए यशवंत सिन्हा को सन 2015 में फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लीजन ऑफ़ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। सरकार की कुछ प्रमुख नीतियों और प्रस्तावों को ख़ारिज करने के चलते आलोचना होने के बावजूद उन्होंने जो आर्थिक सुधार किये और जो कदम उठाये उसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को सही दिशा मिली। इसमें व्याज दरो में कटौती, बंधक ब्याज पर कर कटौती, दूरसंचार क्षेत्र को मुक्त करना, पेट्रोलियम कारोबार को नियंत्रण मुक्त करना और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का निधिकरण शामिल थे।

यशवंत सिन्हा ने अंग्रेजों की शाम 5 बजे भारतीय बजट पेश करने की 53 साल पुरानी परंपरा को तोड़ दिया। यह परंपरा ‘ब्रिटीशर्स’ ने अपनी सुविधा के अनुसार प्रारम्भ की थी। यशवंत सिन्हा को आंतर्राष्ट्रीय समझौतों में उनकी योग्यता, सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने वित्त मंत्री रहते हुए अपने अनुभवों के विषय में एक किताब भी लिखी है, जिसका शीर्षक है ‘कॉन्फेशन ऑफ़ अ स्वदेशी’।

जीवन घटनाचक्र

  • यशवंत सिन्हा का जन्म सन 1937 में पटना बिहार में हुआ था।
  • सन 1958 में ‘पटना विश्व विद्यालय’ से राजनीति विज्ञान में स्नातकोतर की उपाधि ली।
  • सन 1960 में प्रतिष्ठित ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ में शामिल हुए।
  • सन 1971-73 में भारतीय दूतावास, बॉन, जर्मनी में सबसे पहले सचिव बने।
  • सन 1973-74 में फ्रंक्फर्ट में भारतीय महावाणिज्यदूत के पद पर काम किया।
  • सन 1980-84 में ‘भूतल परिवहन मंत्रालय’ में संयुक्त सचिव का पद संभाला।
  • सन 1984 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र दे दिया और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
  • सन 1986 में ‘जनता पार्टी’ के अखिल भारतीय महासचिव बनाये गए।
  • सन 1988 में राज्यसभा में नियुक्त किए गए।
  • सन 1989 में जनता दल के अखिल भारतीय महासचिव नियुक्त किए गए।
  • सन 1990-1991 में ‘चंद्रशेखर सरकार’ में वित्त मंत्री बने।
  • सन 1996 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने।
  • सन 1998-02 में ‘अटल बिहारी वाजपयी’ सरकार में वित्त मंत्री रहे।
  • सन 1002.04 में ‘अटल बिहारी वाजपयी सरकार’ में विदेश मंत्री बनाये गए।
  • सन 2004 में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हारे।
  • सन 2009 में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया।