यमुना में पानी बढ़ने से दिल्ली के इन इलाकों में ‘बाढ़-संकट’

523

भारत की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाने के साथ ही बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इस जानकारी के मुताबिक दोपहर तक दिल्ली के कई निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को जलस्तर के खतरे को देखते हुए मुख्य सचिव अंशु प्रकाश सहित अपनी सरकार के आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। यमुना नगर में बाढ़ का कहर दिल्ली में आने से पहले हथिनी कुंड बैराज के पानी ने हरियाणा के यमुना नगर में तबाही मचा दी है। दिल्ली के निचले इलाके में बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिस वजह से लोग संकट में आ गए और शनिवार की रात सभी ने छत पर गुजारी।

अधिकारियों ने बताया है कि शनिवार शाम 7 बजे जल स्तर 205.30 मीटर पर पहुंच गया था, जो बढ़कर रविवार सुबह 205.30 मीटर पहुंच गया। इसमें और बढ़ोतरी होने की आशंका है। हथिनी कुंड बैराज से शनिवार शाम 6 बजे 6 लाख 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उसके दिल्ली पहुंचने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली में यमुना के निचले इलाके वजीराबाद, सोनिया विहार, शास्त्री पार्त, गांधी नगर, ओखला समेत इन इलाकों पर बाढ़ का साया मंडरा रहा है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दोपहर बाद यमुना विकराल रूप धारण कर सकती है। इस बीच रविवार सुबह 6 बजे 2 लाख 53 हज़ार क्यूसेक पानी फिर हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया है। ये पानी 31 जुलाई तक दिल्ली पहुंचेगा। यमुना में जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में हो रही खेती बर्बाद हो गई है। यमुना के किनारें किसानो की फसल तबाह हो चुकी है और  घरों में पानी घुस गया है, जिसके कारण निचले इलाके के लोगों को छतों पर चढ़कर रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। इधर, दिल्ली सीएम के साथ हुई आपात बैठक के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों से लोगों को निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सारे विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को ट्वीट किया, हरियाणा ने 5 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा है। आपात कालीन हालात पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई हैं। यह पानी कल शाम तक दिल्ली पहुंचने की संभावना है। प्रशासन जहां से भी लोगों को निकालकर ले जा रहा है, वहां पर उनसे सहयोग करने को कहा जा रहा है। दिल्ली के सारे विभाग में हाई अलर्ट पर हैं। दिल्ली सरकार ने बताया है कि बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति के लिए नियंत्रण कक्ष का नंबर 1077 है।’ राहत पहुंचाने वाली बात ये है कि 19 जून 2013 को हथिनी कुंड बैराज से 8 लाख पानी छोड़ा गया था, तब यमुना का जल स्तर 207 पहुंच गया था। लेकिन तब दिल्ली में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई थी।

यमुना में गिरने वाले सभी नालों को बंद कर दिया गया है और पंप से पानी खींचने का काम जारी कर दिया है। मिडिया अनुसार बताया गया है कि दिल्ली के पुरानीं रेलवे पुल पर यमुना नदी का जल स्तर 28 जुलाई की सुबह 7 बजे 204.92 मीटर तक पहुंच गया था। केजरीवाल सरकार के अधिकारी ने कहा, कि ‘सभी कार्यपालक इंजीनियरों/क्षेत्र के अधिकारियों को पानी जारी करने, पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर और केंद्रीय जल आयोग/एमईटी के परामर्श या पूर्वानुमान के बाबत नियंत्रण कक्ष से लगातार संपर्क में रहने और उचित उपाय करने का अनुरोध किया गया है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।’