विशेषण की परिभाषा 

विशेषण (Adjective) क्या है?

ऐसे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता का बोध कराते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं, या फिर जो शब्द वाक्य की गुणवत्ता प्रकट करें, विशेषण कहलाते हैं। जैसे:-सुन्दर, बहादुर, काला-गोरा, मीठा इत्यादि, ये सभी शब्द एक विशेष गुण बता रहे हैं, और वाक्य में मिलकर उसकी विशेषता बताते हैं। इसलिए ऐसे शब्द विशेषण कहलाते हैं।

उदाहरण: मोहन बहुत ही मेहनती बालक है

उपरोक्त वाक्य में मोहन संज्ञा है, जबकि मेहनती होना उसका गुण है। मेहनती शब्द एक विशेषण है जो कि संज्ञा की विशेषता बता रहा है।

सांप एक जहरीला जीव है

उपरोक्त वाक्य में सांप (संज्ञा) की विशेषता जहरीला होना है, यानी जहरीला विशेषण शब्द है।

विशेषण के प्रकार

विशेषण कुल आठ प्रकार के होते हैं:-

1- गुणवाचक विशेषण

2- संख्यावाचक विशेषण

3- परिमाणवाचक विशेषण

4- सार्वनामिक विशेषण

5- व्यक्तिवाचक विशेषण

6- प्रश्नवाचक विशेषण

7- तुलनाबोधक विशेषण

8- सम्बन्धवाचक विशेषण

1-गुणवाचक विशेषण:

ऐसे शब्द जो हमें संज्ञा या सर्वनाम के प्रकृति यानी उनके रंग-रूप का बोध कराते हैं, वे गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे:-

  • चारमीनार एक ऐतिहासिक इमारत है।
  • ताज़ी सब्जियां स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती हैं।
  • मेरा पुश्तैनी घर कानपुर में है।

उपरोक्त वाक्यों में ऐतिहासिक,ताज़ी सब्जियां, और पुश्तैनी शब्द वाक्य की विशेषता बता रहे हैं, इसलिए ये शब्द विशेषण कहलाएंगे।

2-संख्यावाचक विशेषण:

वे शब्द जो संज्ञा अथवा सर्वनाम की संख्या के बारे में जानकारी देते हैं, वे शब्द संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे:-

  • मोहन की कक्षा में तीस विद्यार्थी पढ़ते हैं।
  • क्रिकेट टीम में ग्यारह खिलाड़ी अनिवार्य होते हैं।

उपरोक्त दोनों वाक्यों में, कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या और खिलाड़ियों की संख्या बतायी जा रही है, ऐसे शब्द संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं।

3- परिमाणवाचक विशेषण:

ऐसे शब्द जो वाक्य में संज्ञा अथवा सर्वनाम की मात्रा की जानकारी देते हैं, वे शब्द परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे:-

  • रमेश रोजाना एक किलोमीटर दौड़ लगाता है
  • माताजी बाजार से एक मीटर कपड़ा लेकर आयीं

उपरोक्त वाक्यों में स्पष्ट रूप से संज्ञा अथवा सर्वनाम की मात्रा बतायी जा रही है। इस तरह के शब्द अगर इस्तेमाल नहीं होते तो हमें पता नहीं लगता कि रमेश कितना प्रतिदिन दौड़ता है और माताजी कितना कपड़ा लायीं। अर्थात ऐसे शब्द परिमाणवाचक विशेषण के अंतर्गत आएंगे।

4-सार्वनामिक विशेषण:

ऐसे शब्द जो संज्ञा से पहले आएं और विशेषण की तरह उसकी विशेषता बताएं वे शब्द सार्वनामिक विशेषण कहलाएंगे। जैसे:-

  • वे लड़के अच्छा फुटबाल खेलते हैं।
  • उस आदमी का काम मुझे काफी पसंद आया।

उपरोक्त वाक्यों में सर्वनाम संज्ञा से पहले आ रहे हैं और उनकी विशेषता बता रहे हैं। जैसे अच्छा खेलना, काम पसंद आना| ऐसे शब्द सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत आएंगे।

5- व्यक्तिवाचक विशेषण:

ऐसे शब्द जिनका निर्माण व्यक्तिवाचक संज्ञा से होता है और वे विशेषण शब्दों का निर्माण करते हैं, ऐसे शब्द व्यक्तिवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे:-

  • बनारसी पान पूरी दुनिया में मशहूर है।
  • बंगाली मिठाई का नाम आते ही मेरे मुंह में पानी आ जाता है।

उपरोक्त वाक्यों में बनारसी और बंगाली खानपान की विशेषता के बारे में जानकारी दे रहे हैं। ऐसे शब्द व्यक्तिवाचक विशेषण कहलाएंगे।

6- संबंधवाचक विशेषण:

यदि किसी शब्द का प्रयोग किसी व्यक्ति या वस्तु का सम्बन्ध दूसरे के साथ जोड़ने के लिए किया जाये, तो वह शब्द संबंधवाचक विशेषण कहलाएगा। जैसे:-

समुद्र के भीतर कई रत्न होते हैं।

उपरोक्त वाक्य में भीतर शब्द समुद्र के अंदर और बाहर का ज्ञान करा रहा है, यानि दोनों के बीच सम्बन्ध का बोध हो रहा है। ऐसे शब्द संबंधवाचक विशेषण कहलाते हैं।

7- तुलनाबोधक विशेषण:

ऐसे शब्द जो दो व्यक्तियों या वस्तुओं की तुलना करें, वे शब्द तुलनाबोधक विशेषण कहलाते हैं। जैसे:-

  • विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के मुकाबले तेज बल्लेबाज है
  • हमें कौए की तरह चालाक होना चाहिए

ऊपर दोनों ही वाक्यों में परस्पर तुलना की गयी है। अतः ऐसे शब्द तुलनाबोधक विशेषण कहलाएंगे।

8- प्रश्नवाचक विशेषण:

वे शब्द जिनका प्रयोग संज्ञा अथवा सर्वनाम को जानने के लिए होता है, जैसे क्यों, कौन, क्या आदि, ऐसे शब्द प्रश्नवाचक विशेषण कहलाते हैं।

  • तुम्हारी कक्षा में कितने विद्यार्थी हैं ?
  • तुम कौन सी मोटरसाइकिल पसंद करते हो ?

उपरोक्त वाक्यों में कितने और कौन प्रश्नवाचक शब्द हैं। इसलिए ऐसे शब्द प्रश्नवाचक विशेषण कहलाएंगे। 

इस लेख से आपको विशेषण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी| यदि आपको किसी और विषय पर जानकारी चाहिए तो आप हमें लिख सकते हैं|