वायरल बुखार

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वायरल बुखार एक तरह का मौसमी बुखार होता है, जो वायरस के संक्रमण से होता है। वायरल बुखार का वायरस गले में सुप्तावस्था में रहता है। ठंडा पानी पीने या ठंडे वातावरण के संपर्क में आने से यह वायरस सक्रिय हो जाता है और हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को प्रभावित कर हमें बीमार कर देता है।

मुख्य लक्षण

  • बहुत ज्यादा थकान होना।
  • खांसी, जुकाम और गले में दर्द होना।
  • शरीर का तापमान 101 डिग्री से 103 डिग्री या और ज्यादा होना।
  • जोड़ों में सूजन और दर्द होना।
  • सिरदर्द, बदन दर्द और भूख ना लगना।

मुख्य कारण

वायरल बुखार का मुख्य कारण हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र या इम्यून सिस्टम का कमजोर होना है। यदि हमारा प्रतिरक्षा तंत्र या इम्यून सिस्टम मजबूत है, तो इस बुखार की संभावना कम हो जाती है।

वायरल बुखार से बचाव

  • कभी खाली पेट (बिना कुछ खाए) घर से बहार न निकलें। इससे आपका प्रतिरक्षा तंत्र या रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है।
  • मौसम के हिसाब से कपड़े पहने और फल-सब्जियां खाएं।
  • ज्यादा ठंडा पानी ना पिएं और बासी खाना न खाएं।
  • ज्यादा ठंडी चीज़ें न खाएं जैसे कि आइसक्रीम, कुल्फी आदि।
  • ज्यादा ठंडे पानी से स्नान ना करें।

घरेलू उपचार

दवा के इलावा कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी वायरल बुखार को कम या ठीक किया जा सकता है। कुछ आसान घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं।

  • हल्दी और अदरक: एक कप पानी में एक चम्मच काली मिर्च का चूर्ण, एक चम्मच अदरक का पाउडर (सौंठ), एक छोटा चम्मच हल्दी का चूर्ण, और थोड़ी चीनी डालकर तब तक गरम करें जब तक यह आधा न रह जाए। इसके बाद इस मिश्रण को ठंडा करके पियें।
  • तुलसी और लौंग: एक लीटर पानी में एक चम्मच लौंग का चूर्ण, दस से पंद्रह तुलसी के ताजे पत्तें डालकर तब तक गरम करें या तब तक उबालें जब तक यह मिश्रण आधा न रह जाए। इसके बाद इस मिश्रण को ठंडा करके हर एक घंटे में पियें।
  • धनिया चाय: एक गिलास पानी में एक चम्म्च साबुत धनिया डालकर ऊबाल लें। इसके बाद इसमें थोडा दूध और चीनी मिलाएं और इसका सेवन करें।
  • मेथी का पानी: पानी के गिलास में दो चम्मसच मेथी दाना डालकर रात भर के लिए भिगो दें। सुबह इसको छान कर खाली पेट पी लें।
  • तुलसी के पत्ते का काढ़ा: एक लीटर पानी में एक से आधा चम्मच लौंग पाउडर और लगभग 20 तुलसी के पत्ते डालकर तब तक गरम करें या उबालें, जब तक यह मिश्रण आधा ना रह जाए। मिश्रण के ठंडा होने पर हर दो घंटे में इसका सेवन करें।
  • चावल स्टार्च: एक कटोरी चावल में सही मात्रा में पानी डालकर चावल के आधा पकने तक पकाएं। इसके बाद चावल में से पानी निकाल कर इसमें स्वादानुसार नमक मिलाकर गर्म-गर्म ही पिएं।

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