वामन श्रीनिवास कुडवा की जीवनी | Vaman Srinivas Kudva Biography in Hindi

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परिचय

वामन श्रीनिवास कुडवा को वी.एस. कुडवा के नाम से भी जाना जाता था। वी.एस. कुडवा केनरा औद्योगिक और बैंकिंग सिंडीकेट लिमिटेड के रूप में शुरू हुए, सिंडिकेट बैंक के संस्थापक निदेशकों में से एक थे। उन्होंने 8 हजार रूपए की पूँजी से कुछ अन्य संस्थापकों ‘उपेन्द्र अनंत पई’ और ‘टी. एम. ए’ के साथ यह बैंक शुरू किया था।

सन 1964 में इसका नाम बदलकर सिंडिकेट बैंक हो गया और बैंक ने अपने व्यापार को भारत के अन्य हिस्सों में फ़ैलाने के साथ-साथ विदेशों में भी विस्तार किया। इस बैंक के स्थापना के अलावा वी.एस. कुडवा अन्य सामाजिक सेवा के कार्यों से भी जुड़े थे। उन्हें मंगलौर और दक्षिण कन्नड़ क्षेत्र में ‘कर्मयोगी’ के नाम से भी जाना जाता है।

शुरुआती जीवन

वी.एस. कुडवा का जन्म सन 1899 में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के मुल्की में एक रूढ़िवादी गौड़ सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका पालन-पोषण एक सामान्य माहौल में हुआ। उनके पिता का नाम ‘श्रीनिवास रामचंद्र कुडवा’ था, वो एक छोटी सी हथकरघा इकाई के मालिक थे। सन 1908 में उनके पिता उडुपी चले गए और वहाँ एक हार्डवेयर की दुकान खोली।

वी.एस. कुडवा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ‘मुल्की’ से की और हाई स्कूल की पढ़ाई ‘उडुपी’ से हासिल की। उन्होनें स्कूल में होने वाली बहस प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लिया और उन्हें अंग्रेजी एवं कन्नड दोनों भाषाओँ का अच्छा ज्ञान था। वी.एस. कुडवा ने सन 1918 में, गवर्नमेंट कॉलेज मंगलौर से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की और उसके बाद विक्टोरिया जुबली तकनीकी संस्थान (VJTI) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के लिए मुंबई चले गए। 3 वर्ष तक लगातार अपनी क्लास के टॉपर होने के बावजूद भी अपनी पढ़ाई छोड़कर, वे महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में कूद गए।

उद्योगों की शुरुआत

वी.एस. कुडवा ने सन 1922 से 1926 तक उडुपी में एक इंजीनियरिंग कार्यशाला चलाई और उसके बाद सन 1926 में केनरा पब्लिक कन्वेयंस कम्पनी लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक वी.एस. कामथ के बुलावे पर    वे मैंगलोर चले गए (CPC कम्पनी लिमिटेड) और इसके निर्माण प्रबंधक का पदभार संभाला और सन 1928 में उन्होंने वी.एस. कामथ की बेटी से विवाह किया। सन 1932 में वी.एस कामथ की मृत्यु के बाद वे कम्पनी के जनरल मैनेजर बने। सन 1938 में उन्हें प्रबंध निदेशक के रूप में चयनित किया गया और वे इस पद पर सन 1966 तक टिके रहे।

वी.एस. कुडवा के कार्यकाल में कंपनी ने सफलता की उंचाईयों को छुआ और राजस्व में भी भारी उन्नति हुई और देश भर में नाम कमाया। सन 1938 में ‘केनरा सेल्स कारपोरेशन लिमिटेड’ और सन 1941 में ‘केनरा मोटर एंड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ की स्थापना द्वारा उन्होंने अपनी धारणा को व्यवहारिक रूप दिया। सन 1943 में उन्होंने ‘केनरा वर्कशॉप लिमिटेड’ की स्थापना की और यहाँ पर उन्होंने सन 1950 में केनरा स्प्रिरंग ब्रांड नाम से ऑटोमोबाइल लीफ स्प्रिंग्स बनाना प्रारंभ किया।

उत्तर भारत में बढ़ते हुए मांग को देखते हुए उन्होंने नागपुर में एक नया कारखाना खोला, परन्तु इसे 1960 के दशक में विभिन्न समस्याओं के कारण इस इकाई को बंद करना पड़ा। उसके बाद लीफ स्प्रिंग्स को बनाने के लिए विदेशों से कच्चा माल मंगाया गया। वी.एस. कुडवा ने वांछित इस्पात का निर्माण करने के लिए एक मिनी स्टील प्लांट शुरू करने के बारे में भी सोचा। इसके परिणामस्वरूप एक मिनी स्टील प्लांट का गठन किया। इसके बाद सन 1947 में कुडवा ने ‘केनरा टायर एंड रबर वर्क्स लिमिटेड’ की स्थापना की। कानून द्वारा अनिवार्य बनने से पहले से ही उनकी कंपनियों में कर्मचारियों को बोनस, ग्रेच्युटी, पेंशन लाभ दिए गए थे।

पत्रकारिता

वी.एस. कुडवा अपने छात्र जीवन के समय से ही पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत दिलचस्पी थी। उन्होंने सन 1922 में कन्नड़ साप्ताहिक ‘सत्याग्रही’ का संपादन शुरू किया। सन 1923 में उन्होंने कन्नड़ साप्ताहिक ‘स्वदेसाभिमानी’ में एक संपादक की नौकरी कर ली और 1934 तक इस कार्य में लगे रहे। विभिन्न उद्योग-धंधों के अलावा उन्होंने सन 1941 में ‘न्यूज़पेपर पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की, जिसने कन्नड़ समाचार पत्र ‘नवभारत’ का प्रकाशन शुरू किया। इस पत्र के संपादक के रूप में उन्होंने कन्नड़ पत्रकारिता जगत में बहुत सम्मान अर्जित किया और मैंगलोर में अखिल कर्नाटक पत्रकार सम्मलेन का भी आयोजन किया।

सामाजिकता   

वी.एस. कुडवा ने टी. एम. ए. पई और उपेन्द्र अनंत पई के साथ मिलकर ‘केनरा औद्योगिक और बैंकिंग सिंडीकेट लिमिटेड’ (अब सिंडिकेट बैंक) की स्थापना वर्ष 1925 में मंगलौर में की। भारत के सबसे पुराने और प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों में से एक माने जाने वाले इस बैंक का राष्ट्रीयकरण भारत सरकार ने 19 जुलाई 1969 को कर दिया। वी.एस. कुडवा को वर्ष 1948 में ‘केनरा चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ का अध्यक्ष चुना गया।

वी.एस. कुडवा अगले 3 साल तक इस पद पर बने रहे। मैंगलोर में बंदरगाह और हवाई अड्डा बनवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 1955 में उन्होंने ‘केनरा फाउंडेशन’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य छात्रों को विदेशों में उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए ऋण उपलब्ध कराना था। सन 1960 में ‘यू श्रीनिवास माल्या’ के साथ मिलकर उन्होंने ‘कर्नाटक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज’ की स्थापना की, जो अब नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (NIT) सुरतकल के नाम से प्रसिद्द है।

रोटरी क्लब

मैंगलोर में पहला रोटरी क्लब शुरू करने का श्रेय भी वी.एस. कुडवा को ही जाता है। वह इसके चार्टर अध्यक्ष थे और इसके अलावा वो कई और कंपनियों और सामाजिक संगठनों के भी अध्यक्ष रहे। एस. के. डेवलपमेंट एंड वेलफेयर बोर्ड, स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और एसके विलेज इंडस्ट्रीज एसोसिएशन इनमे प्रमुख थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में देश-विदेश में अनेक यात्राएं की। ऐसा उस समय किया गया था, जब भारत से बाहर की यात्रा दुरूह और दुर्लभ थी। उन्होनें मध्य पूर्व, यूरोप और सन 1951 में संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। सन 1960 और सन 1963 में उन्होंने एक बार फिर यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान की यात्रा की।

निजी जीवन

वी.एस. कुडवा का विवाह वी.एस. कामथ की बेटी ‘शांता’ से सन 1928 में हुआ। उनके पांच पुत्र और एक पुत्री थी। 30 जून 1967 को वी.एस. कुडवा का देहांत हो गया, तब वो 68 साल के थे।

जीवन घटनाचक्र

  • 9 जून 1899 में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के मुल्की में जन्म हुआ।
  • गवर्नमेंट कॉलेज, मंगलौर से स्कूली पढ़ाई सन 1918 में पूरी की।
  • विक्टोरिया जुबली तकनीकी संस्थान (VJTI) बॉम्बे में सन 1918 में प्रवेश लिया।
  • सन 1921 में पढ़ाई छोड़कर असहयोग आंदोलन में कूद गए।
  • सन 1922 में कन्नड़ साप्ताहिक ‘सत्याग्रही’ का संपादन प्रारंभ किया।
  • सन 1923 में कन्नड़ साप्ताहिक ‘स्वदेसाभिमानी’ में संपादक।
  • केनरा औद्योगिक और बैंकिंग सिंडीकेट लिमिटेड की सन 1925 में स्थापना की।
  • सन 1926 में मंगलौर के पास और केनरा पब्लिक कन्वेयंस कम्पनी लिमिटेड में शामिल हुए।
  • सन 1928 में शांता से विवाह किया।
  • केनरा पब्लिक कन्वेयंस कम्पनी लिमिटेड के महाप्रबंधक सन 1932 में बने।
  • केनरा पब्लिक कन्वेयंस कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सन 1938 से 1966 तक रहे।
  • केनरा सेल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड का गठन सन 1938 में किया गया।
  • न्यूजपेपर्स पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड की सन 1941 में स्थापना की।
  • केनरा मोटर और जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड सन 1941 में स्थापना की।
  • केनरा वोर्क्शोप्स लिमिटेड सन 1943 में स्थापित की।
  • केनरा टायर एंड रबर वर्क्स लिमिटेड सन 1947 में स्थापित की गई।
  • केनरा चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष के रूप में सन 1948 में निर्वाचित किये गये।
  • केनरा स्प्रिंग्स के तहत ऑटोमोबाइल पत्ती स्प्रिंग्स का निर्माण सन 1950 में शुरू किया।
  • केनरा फाउंडेशन की सन 1955 में स्थापना की।
  • सूरतकल में कर्नाटक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज सन 1960 में स्थापित किया।
  • केनरा औद्योगिक और बैंकिंग सिंडीकेट लिमिटेड सिंडिकेट बैंक सन 1964 में बदल गया।
  • 30 जून 1967 में मैंगलोर में निधन हो गया।