वाक्यांश के लिए एक ही शब्द | Vakyaansh Ke Liye Ek Hi Shabdh in Hindi

1223

प्रत्येक भाषा में ऐसे अनेक शब्द होते हैं जिनके लिए एकाधिक शब्दों का प्रयोग किया जाता है।

जैसे-

अनेक शब्द एक शब्द
जिसे जीता न जा सके अजेय
जिसका कोई शत्रु न हो अजातशत्रु
जिसके आने की तिथि निश्चित न हो अतिथि
जिसकी तुलना न की जा सके अतुलनीय
बड़ा भाई अग्रज
अवसर के अनुसार बदल जाने वाला अवसरवादी
जिसकी आयु लम्बी हो दीर्घायु
जो स्वयं पैदा हुआ हो स्वयंभू
जो किसी के पक्ष में न हो तटस्थ
जिसके हाथ में वज्र हो वज्रपाणि
जिसकी आत्मा महान हो महात्मा
जिसका रूप अच्छा न हो कुरूप
तीनों लोकों का स्वमी त्रिलोकी
जो अभी पैदा हुआ हो नवजात
जिसके पास कुछ न हो अकिंचन
जो ममत्व से रहित हो निर्मम
सूरज के निकलने से पूर्व का काल उषाकाल
जिसकी इन्द्रियाँ वश में हों जितेन्द्रिय
वह कथा जो जन साधारण में प्रचलित हो किंवदन्ती
आलोचना करने वाला आलोचक
वह कवि जो तत्क्षण कविता कर सके आशुकवि
जो किसी की ओर ध्यान देता हो आशावादी
लिखने की वह कला जो बोलने के साथ ही (तीव्र गति से) लिखी जाती हो आशुलिपि
जो किसी विकार से ग्रस्त हो विकृत
भले-बुरे की पहचान का ज्ञान विवेक
जो गहन निद्रा में सो गया हो सुषुप्त
जिसका ज्ञान इन्द्रियों द्वारा हो सके गोचर
जो चक्र धारण करता है चक्रधर
जिसके हाथ में सुर्दशन चक्र है चक्रपाणि
ऐसी उक्ति जो परम्परागत हो अनुश्रुति
जो पत्नी को अपने साथ न रखता हो विपत्नीक
वह काव्य जिसमें गद्य एवं पद्य मिश्रित हो चम्पू
जिसमें तेज न हो निस्तेज
सूर्य जिस स्थान से निकलता है उदयाचल
पूर्व और उत्तर के बीच की दिशा ईशान
इस लोक से सम्बन्ध रखने वाला ऐहलौकिक
विवाहित स्त्री से उत्पन्न पुत्र औरस
जिसे यह न सूझ पड़े कि अब क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए किंकत्र्तव्यविमूढ़
जिस लड़की का विवाह न हुआ हो कुमारी
जो अच्छे कुल में उत्पन्न हुआ हो कुलीन
अहसान मानने वाला कृतज्ञ
स्त्री और पुरूष का जोड़ा दम्पत्ति
जिसे दबाया या सताया गया हो दलित
जो नष्ट होने वाला हो नश्वर
जो दूसरों के अधीन हो पराधीन
पाने की इच्छा रखने वाला पिपासु
जो फूल आधा खिला हो मुकुल
जो क्षमा पाने योग्य है क्षम्य
भूख से व्याकुल क्षुधातुर
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला पाक्षिक