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वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र वैदिक विज्ञान है, जो घर के निर्माण में उपयोग होता है। अर्थात वास्तु शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है, जो किसी भी जगह, घर, दुकान, मकान आदि का निर्माण और उसके शुभ-अशुभ प्रभावों की जानकारी देता है। वास्तु शास्त्र का सिद्धांत आठ दिशाओं और पंच महाभूतों- आकाश, प्रथ्वी,...
घर के निर्माण के समय वास्तु का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वास्तु के अनुसार मकान का निर्माण करवाया जाए, तो घर में कष्ट, रोग नहीं आते हैं। घर बनवाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- घर में हवा और प्राकृतिक रोशनी की सही व्यवस्था होनी चाहिए। टाॅयलेट पश्चिम दिशा...
वर्तमान समय में सभी व्यापारी चाहते हैं कि दुकान में खूब सफलता मिले, कई बार परिश्रम के बावजूद भी दुकान में सफलता नहीं मिलती। इसका एक कारण दुकान और व्यापारिक स्थल का वास्तु दोष हो सकता है। वास्तु शास्त्र में दुकान की शुरूआत करने के लिए विशेष नियम बताए...
घर निर्माण में वास्तु का महत्वपूर्ण योगदान है। वास्तु के अनुसार घर बना हो, तो हम शांति एवं खुशहाली से अपना जीवन व्यतीत कर सकते हैं। बैडरूम बनवाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-  घर की दक्षिण दिशा में बड़े-बुजुर्गों का बैडरूम और उत्तर-पश्चिम या उत्तर दिशा में युवाओं...
प्लाॅट बनवाते या खरीदते वक्त प्लाॅट का आकार, दिशा जैसी बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्लाॅट बनवाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- शमशान या कूड़ा वाली जगह पर घर नहीं बनाना चाहिए। नुक्कड़ तथा चहल-पहल वाली जगह पर घर नहीं होना चाहिए। ऐसी जगह दुकान के लिए अच्छी...
हर घर में पूजा करने का एक स्थान जरूर होता है, लेकिन अनजाने में घर में मंदिर या पूजा घर बनवाते समय बिना वास्तु की जानकारी के गलती हो जाती है। घर के पूजा घर में देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। घर में पूजा घर बनवाते...
वास्तु शास्त्र में रसोई (किचन) का महत्वपूर्ण स्थान है। किचन में स्टोव, चूल्हा, फ्रिज आदि को सही दिशा में रखना चाहिए। किचन (रसोई) में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-     घर में किचन (रसोई) दक्षिण-पूर्व दिशा में बनाना अच्छा होता है। किचन यदि दक्षिण-पूर्व दिशा में बनाना असंभव हो तो...
आजकल व्यापार में स्पर्धा बहुत अधिक बढ़ गई है। अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए लोग परिश्रम करते हैं, लेकिन परिश्रम करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती। इसका एक वजह उनके ऑफिस का वास्तु दोष हो सकता है। ऑफिस से संबंधित कुछ वास्तु नियम निम्न हैं-   ऑफिस के...
आज हर शहर, कस्बे में रेस्टोरेन्ट खुल गए हैं। ज्यादातर देखा जाता है कि कुछ रेस्टोरेन्ट बहुत ही अच्छे चलते हैं, कुछ रेस्टोरेन्ट का खर्चा भी नहीं निकल पाता तथा कुछ थोड़े ही समय में बंद हो जाते हैं। इसलिए रेस्टोरेन्ट में वास्तु का निवारण करना बहुत ही आवश्यक...
भारत की परंपरा के अनुसार लोग मुख्य द्वार को कलश, ऊँ, स्वास्तिक, केले के पत्तों से सजाते हैं। मुख्य द्वार की दिशा सही स्थिति में होना घर की खुशहाली के लिए आवश्यक है। अन्य द्वारों की अपेक्षा मुख्य द्वार को सजाकर रखना चाहिए। मुख्य द्वार से संबंधित कुछ वास्तु नियम...

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