UP पुलिस की ‘बहादुरी’ का शिकार बने विवेक का अंतिम संस्कार सम्पन्न

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UP की मित्र पुलिस की ‘बहादुरी’ का शुक्रवार देर रात शिकार बने एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी का अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैसा कुंड) में किया गया। उनके आवास पर कड़ी सुरक्षा के बीच पार्थिव शरीर को अंतिम क्रिया के लिए तैयार किया गया। बैकुंठ धाम में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई है। वहां पर प्रदेश सरकार की तरफ से विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ‘गोपाल’ उपस्थित थे। इस अवसर पर मंत्री ब्रजेश पाठक ने पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया। विवेक तिवारी के बड़े भाई राजेश तिवारी ने उनको मुखाग्नि दी। उस समय वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया।

इससे पहले आवास प्रांगण में विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी। उन्होंने परिवार के अन्य लोगों के साथ माला और पुष्प अर्पण किया। इसी बीच पत्नी कल्पना ने गोमतीनगर थाना में अपने पति की हत्या के मामले में तहरीर भी दी है। इससे पहले विवेक तिवारी की सहकर्मी सना खान की तरफ से हत्या की तहरीर दी गई थी।  इससे पहले कल देर शाम लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मृतक आश्रित परिवार को 25 लाख रुपया मुआवजा के साथ ही विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी को नगर निगम में अधिकारी पद देने की घोषणा के बाद परिवार के लोग अंतिम संस्कार पर राजी हुए थे। DM ने लिखित में परिवारीजनों को पत्र सौंपा। जिसके बाद वह मान गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया।

कल्पना के भाई विष्णु ने मीडिया के सामने मांगों को पूरी करने की घोषणा करने की बात कही। विष्णु ने बताया कि इस पर मंत्री और अधिकारी तैयार नहीं हुए। वह शव का अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाते रहे। दो घंटे तक बंद कमरे में चली वार्ता विफल रही। इसके बाद कल्पना तिवारी और परिवारीजन बाहर निकले और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। आक्रोशित परिवारीजन अपार्टमेंट में पार्किग के पास जाकर शव के समीप बैठ गए। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे।  उन्होंने कहा कि जब तक अब मुख्यमंत्री नहीं आएंगे और उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वह धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

हालांकि देर शाम हालात बिगड़ते देख शासन के आदेश पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने परिवारीजनों लिखित में पत्र दिया। जिसमें मृतक आश्रित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा और विवेक की पत्नी कल्पना को नगर निगम में अधिकारी पद की नौकरी की घोषणा थी। इसके बाद यह सभी लोग विवेक तिवारी के अंतिम संस्कार करने पर राजी हो गए। उधर एपल के अधिकारी विवेक तिवारी पर फायरिंग के आरोपी दोनों आरोपी सिपाहियों को 11 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शुक्रवार देर रात अपने ऑफिस की सहयोगी सना खान के साथ मोबाइल लॉन्चिंग के बाद उसको छोडऩे घर जा रहे एपल के एरिया सेल्स मैनेजर पर पेट्रोलिंग कर रहे सिपाहियों ने फायरिंग की थी। जिससे उनकी मौत हो गई।