परिचय

उदित नारायण एक भारतीय पार्श्वगायक हैं, जिनके ज्यादातर गाने हिन्दी सिनेमा की फिल्मों में आते हैं। उदित नारायण ने हिंदी के आलावा भी कई भाषाओं में गाने गाए हैं, जैसे- मैथिली, नेपाली, और भोजपुरी भाषा। इन्होंने अब तक कुल 4 राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीते हैं, जिनमें से 3 राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार इन्हें एक गायक के तौर पर मिले हैं और 1 राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार इन्हें प्रोडयूसर के तौर पर मिला है, और इन्हें 5 फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिले हैं, इसके साथ इन्हें और भी कई पुरस्कार मिले हैं।

उदित नारायण फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार के इतिहास में इकलौते पुरुष गायक हैं, जो 3 दशकों (1980, 1990 और 2000 के दशक) से इसे जीत रहे हैं। सन् 2009 में उदित नारायण  को भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ से भी सम्मानित किया गया था, और 2016 में इन्हें भारत सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया था।

सन् 2001 में नेपाल के राजा ‘बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव’ ने उदित नारायण को ‘आर्डर ऑफ़ गोरखाल दक्षानी बाबु’ नामक पुरस्कार से सम्मानित किया और भोजपुरी सिनेमा में किए गये काम के लिए इन्हें 2015 में ‘चित्रगुप्त सिनेयात्रा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

शुरूआती जीवन

उदित नारायण का जन्म 1955 में हुआ था। उदित नारायण के पिता ‘हरिकृष्ण झा’ नेपाल से थे और उनकी माता ‘भुवनेश्वरी झा’ भारत से थी। उदित नारायण के पिता एक किसान थे और उनकी माता एक पारंपरिक संगीत की गायिका थी।

2009 में, जब उदित नारायण को भारत का नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ दिया जा रहा था, तब कई लोगों ने उदित नारायण के भारत के नागरिक होने पर यह कहकर सवाल उठाये थे कि उनका जन्म नेपाल में हुआ था। हालांकि, उदित नारायण  ने खुद कहा कि यह झूठ है और उनका जन्म बिहार के ‘सुपौल’ जिले के बासी गांव में उनके नाना-नानी के घर पर हुआ था।

उदित नारायण को ‘पद्म श्री’ मिलने के बाद नेपाल में उनकी बहुत आलोचना हुई, तब उन्होंने नेपाल के कांतिपुर नाम के दैनिक समाचार पत्र में कहा कि ‘मेरे पिता नेपाल से थे, मगर मेरी माता बिहार से थीं।’ 2017 में किए गये एक साक्षात्कार के दौरान उदित नारायण ने यह साफ किया कि उनका जन्म ‘बासी’ गांव में हुआ था और वे बताते हैं कि उनके पिता नेपाल के निवासी थे।

उदित नारायण ने अपनी पढाई ‘जगेश्वर हाई स्कूल’, कुनौली, सुपौल, बिहार से की और उसके बाद उन्होंने काठमाण्डु, नेपाल के ‘रत्न राज्य लक्ष्मी कैम्पस’ से अपनी मध्यवर्ती डिग्री प्राप्त की।

करियर

उदित नारायण 1990 और 2000 के दशकों के शुरुआती दिनों में काफी मशहूर गायक हुआ करते थे। उदित नारायण कई हिंदी सिनेमा के सितारों के लिए ओन-स्क्रीन गायक रह चुके हैं। इन्होंने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, और देव आनन्द के लिए भी गाना गया है। उदित नारायण ने अपने करियर की शुरुआत 1970 में एक ‘मैथिली’ लोक गायक के तौर पर की थी। धीरे-धीरे इन्होंने मॉर्डन नेपाली गाने गाना शुरू किया। 8 सालों के बाद उदित नारायण एक संगीत छात्रवृत्ति के जरिए मुंबई (बॉम्बे) आ गये।

उदित नारायण ने बॉलीवुड में अपना करियर 1980 में शुरू किया, जब वे संगीत निर्देशक ‘राजेश रोशन’ से मिले और राजेश रोशन ने उदित नारायण को ‘उन्नीस बीस’ नाम की एक फिल्म में प्लेबैक गायक का काम करने को कहा। उदित नारायण ने महान गायक मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, किशोर कुमार, और सुरेश वाडकर के साथ भी काम किया है।

उदित नारायण की जिन्दगी में एक बड़ा पल 1988 में आया जब आनंद-मिलिंद ने उन्हें फिल्म ‘क़यामत से क़यामत तक’ के सभी गाने गाने का मौका दिया। इसी फिल्म में गाए गानों की वजह से उन्हें ‘फिल्मफेयर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

‘द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया’ के साथ एक साक्षात्कार में उदित नारायण ने बताया कि ‘मंजिलें’ गाना उनके करियर का दूसरा सबसे अच्छा गाना है, और उनके करियर का सबसे अच्छा गाना है ‘पहला नशा’। उसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए जिनमें से कुछ फिल्में हैं– पुकार, धड़कन, लगान, देवदास और वीर-ज़ारा। सन् 2014 में उदित नारायण ने ‘श्रेया घोषाल’ के साथ ‘न हम जो कह दे ’ नामक गाना गाया था।

अभिनेता के तौर पर

1985 में रिलीज हुई नेपाली फिल्म ‘कुसुमे रुमाल’ में उदित नारायण ने सारे गाने भी गाए थे और उसमें अभिनय भी किया था। वह फिल्म 25 हफ्तों तक बॉक्स ऑफिस पर टॉप 10 फिल्मों की सूची में रही थी और उस वजह से यह 2001 तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही।

पुरस्कार व सम्मान

  • 2016 – पद्म भूषण
  • 2015 – मध्य प्रदेश सरकार का राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार
  • 2016 – राजभवन में महाराष्ट्र की तरफ से राष्ट्रीय बहादुर पुरस्कार
  • 2009 – पद्म श्री
  • 2009 – किशोर कुमार मेमोरियल अवॉर्ड
  • 2015 – दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवॉर्ड्
  • 2015 – डॉ अम्बेडकर पुरस्कार
  • 2015 – बी.आई.एफ.ए. पुरस्कार
  • 2015 – 1st चित्रगुप्त सिनेयात्रा फिल्म पुरस्कार
  • 2014 – भोजपुरी पुरस्कार
  • 2011 – महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार
  • 2010 – पहला मोहम्मद रफी पुरस्कार
  • 2015 – चित्रगुप्त सिनेयात्रा फिल्म पुरस्कार
  • 2006 – सम्राट विक्रमादित्य संगीत अलकरन सम्मान