तमिलनाडु में गाजा तूफान का कहर

539

बंगाल की खाड़ी से तमिलनाडु और पुडुचेरी की तरफ बढ़ा गाजा तूफान गुरुवार देर रात तमिलनाडु के तटीय इलाकों में पहुंच गया। इस तूफान के आने से तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। गाजा तूफान से सर्वाधिक नुकसान नागपट्टिनम में हुआ। रात भर बारिश और तेज हवाओं की वजह से यहां के तटीय इलाकों में पेड़ और मकान गिर गए। इस दौरान हवाएं 100-120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं। गाजा तूफान की चपेट में आने से 11 लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। राज्य के मुख्यमंत्री ने घटना स्थल पर तुरंत पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया।

गाजा तूफान शुक्रवार की सुबह नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु तट से गुजरा। तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, निचले इलाकों से 76,290 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लोगों को नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम और तिरूवरूर सहित छह जिलों में स्थापित 300 से ज्यादा राहत शिविरों में रखा गया है। नागपट्टिनम के स्कूलों और कालेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि कुल 63,203 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और नागपट्टिनम और कुड्डालोर सहित 6 जिलों में 331 राहत केन्द्र खोले गए हैं।

मौसम विभाग के उपमहानिदेशक ने बताया- ‘‘हालांकि, तूफान का केन्द्र जमीन के ऊपर है, लेकिन उसका कुछ हिस्सा समुद्र के ऊपर भी है। इसके पूरी तरह जमीन पर आने में करीब एक घंटे का समय लगेगा।’’ उन्होंने आगे कहा कि तूफान को तटीय क्षेत्र से पूरी तरह गुजरने में करीब और 2 घंटे का समय लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवातीय तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 6 घंटे में कमजोर पड़ने की संभावना है। इस दौरान नागपट्टिनम, तिरुवरुर और तंजावुर में भारी बारिश हुई, कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। चक्रवात को देखते हुए यहां और तटवर्ती क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बंद रही। ‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल’ की 4 टीमें पहले से ही नागपट्टिनम में मौजूद हैं, जबकि ‘राज्य आपदा मोचन बल’ की 2 टीमों को कडलूर में तैनात किया गया है।