ताजमहल | Tajmahal in Hindi

165

ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के शहर आगरा में स्थित है, जिसकी ख़ूबसूरती सारी दुनिया में मशहूर है। यह आकर्षक ईमारत असल में एक मकबरा है, जिसका निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में करवाया (जिनकी मृत्यु अपनी 14वी संतान को जन्म देने के पश्चात हो गई थी)। ताजमहल को पूर्ण करने के लिए लगभग बीस हजार कर्मियों ने करीब बीस-बाईस वर्ष कार्य किया। सन. 1983 में ताजमहल युनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल बना और इसको विश्व अत्युत्तम मानवी कृतियों में शामिल किया गया। सन. 2007 में ताजमहल को दुनिया के नए सात अजूबों में से एक घोषित किया गया। आज ताजमहल भारत का प्रसिद्ध स्मारक स्थल है।

इतिहास

ऐसा कथित और लिखित दोनों रूपों से प्रमाण मिलता है कि अपनी सात पत्नियों में से शाहजहाँ सर्वाधिक प्रेम अपनी चौथी पत्नी मुमताज महल से करते थे। मुमताज की 14वी संतान के प्रसव के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। तब शाहजहाँ बहुत उदास हुए। अपनी बेगम की याद में शाहजहाँ ने मुमताज की कब्र पे ताजमहल का निर्माण करवाया। ताजमहल का निर्माण कार्य सन. 1632 में आगरा शहर में यमुना नदी के पास प्रारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक ईमारत का निर्माण करने के लिए बीस हज़ार कर्मियों ने कार्य किया। ताजमहल को बनने में लगभग बीस से बाईस वर्षों का वक्त लगा।

निर्माण कार्य

ताजमहल निर्माण करने के सामान को पूरे भारतवर्ष से एक हज़ार हाथियों के द्वारा लाया गया, जिसमें विभिन्न प्रक्रार के रत्न व पत्थर शामिल थे। पारदर्शी श्वेत संगमर्मर को राजस्थान के मकराना शहर से, सूर्यकांत मणि को पंजाब से, जेड और क्रिस्टल को चीन से, फिरोजा (नीले से हरा खनिज रत्न) को तिब्बत से, लापीस लाजुली (नीले रंग की रूपांतरित चट्टान) को अफगानिस्तान से, नीलम (नीले रंग का रत्न) को श्रीलंका से और कार्नेलियन (भूरे लाल रंग का रत्न) को अरब से आदि रत्न और पत्थरों को मंगवाया गया। 28 प्रकार के सभी कीमती और अर्ध कीमती पत्थरों को श्वेत संगमर्मर में जड़कर ताजमहल का निर्माण किया गया। चबूतरों और कब्र को बनाने में लगभग 12 साल लग गए। बाकी बचे शेष कार्य को पूर्ण करने में और दस साल का वक्त लगा, जिसमें प्रवेश द्वार, मस्जिद और मीनारों का कार्य पूर्ण किया गया। मकबरे का निर्माण कार्य मूल रूप से सन. 1963 तक पूरा हो गया, जबकि बाहरी इमारतों पर कार्य जारी रहा। ताजमहल के निर्माण कार्य को पूरा करने में अनुमानित लागत 3.2 करोड़ की हुई, जो आज के आकड़ों के मुताबिक लगभग 82.7 करोड़ होगी।

पर्यटन

दुनिया के नए साथ अजूबों में शामिल होने के पश्चात ताजमहल दुनिया भर के लोगों के लिए एक आकर्षण की जगह बन चुकी है। प्रत्येक वर्ष ताजमहल को देखने के लिए दुनिया भर से दर्शक आते हैं, जिनकी संख्या पूरे वर्ष के दर्शकों को मिलाकर बीस से चालीस लाख के बराबर होती है। ताजमहल को देखने अधिकतर दर्शक अक्टूबर, नवंबर और फरवरी के माह में पहुँचते हैं। ताजमहल से 500 मीटर की दूरी के अन्दर तक पेट्रोल और डीजल के वाहनों का प्रोयोग करने पर ताज ट्रैपीजियम क्षेत्र प्राधिकरण के द्वारा प्रतिबन्ध है। दर्शक ताजमहल तक पहुँचने के लिए पैदल या विद्युत चालित बस सेवा का प्रयोग कर सकते हैं। ताजमहल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दर्शकों को ताजमहल के अन्दर केवल पाँच चीजों को ले जाने की अनुमति है।