स्वराज्य पॉल की जीवनी | Swraj Paul Biography in Hindi

403

परिचय

स्वराज पॉल (बैरन पॉल) भारतीय मूल के दिग्गज ब्रिटिश उद्योगपति, समाजसेवी और राजनीतिज्ञ हैं। सन 1996 में वे लेबर पार्टी के टिकट पर ‘हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स’ का सदस्य बने तथा उन्हें ‘बैरन पॉल’ की उपाधि मिली। स्वराज पॉल को दिसम्बर 2008 में ‘हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स’ का उपप्रवक्ता नियुक्त किया गया और अक्टूबर 2009 में उन्हें प्रिवी कौंसिल के लिए चुना गया। उन्हें इंग्लैंड के भूतपूर्व प्रधानमंत्री ‘गॉर्डोन ब्राउन’ और उनकी पत्नी ‘सारा’ का नजदीकी माना जाता है। यूनाईटेड किंगडम संसदीय खर्चे घोटाले के संदर्भ में उन्हें 1 नवम्बर 2010 को ‘हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स’ के उपप्रवक्ता के पद से इस्तीफा देना पड़ा।

शुरूआती जीवन

स्वराज पॉल की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, उनका जन्म 18 फरवरी 1931 में पंजाब राज्य के जालंधर शहर में हुआ था। उनके पिता एक छोटा ढलाईखाना चलाते थे, जहाँ स्टील की बाल्टियां और कृषि से सम्बंधित उपकरणों का निर्माण होता था। उनकी शुरूआती पढ़ाई लाहौर के ‘फॉरमैन क्रिस्चियन कॉलेज’ से हुई, जिसके बाद उन्होंने जालंधर के ‘दोआबा कॉलेज’ से भी शिक्षा ग्रहण की। उसके पश्चात उन्होंने BSC, MSC और Engineering की पढ़ाई अमेरिका के जाने-माने मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (MIT) से की।

व्यावसायिक करियर

मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (MIT) से निकलने बाद स्वराज पॉल ने भारत में अपने पारिवारिक कंपनी ‘APJ सुरेन्द्र ग्रुप’ में कार्य किया। इस कंपनी की स्थापना उनके पिता ने की थी और उस समय इसका संचालन स्वराज पॉल के दो बड़े भाई ‘सत्य पॉल’ और ‘जीत पॉल’ कर रहे थे।

स्वराज पॉल अपनी बेटी का इलाज करवाने के लिए सन 1966 में ‘यूनाइटेड किंगडम’ (UK) चले गए। उनकी बेटी रक्त के केंसर (लयूकेमिया) से पीड़ित थी और इसी बीमारी के कारण उनकी बेटी की मृत्यु हो गयी। अपनी बेटी की मौत से उबरने में उन्हें करीब एक साल का समय लगा और उसके बाद उन्होंने ‘नेचुरल गैस ट्यूब्स’ की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई स्टील की इकाईओं का अधिग्रहण कर लिया।

सन 1968 में स्वराज पॉल ने ‘कपारो ग्रुप’ की स्थापना की। कपारो ग्रुप वर्तमान में ‘यूनाइटेड किंगडम’ के अग्रणी स्टील उत्पाद बनाने वालों में से एक है। कपारो ग्रुप स्टील ट्यूब्स के साथ-साथ मर्चेंट बार्स और स्ट्रक्चरल भी बनता है। इसके अलावा स्वराज पॉल दूसरे उद्योगों में प्रयुक्त होने वाले स्टील उत्पाद भी बनाते हैं। कपारो ग्रुप उत्तर अमेरिका, यूरोप, भारत और मध्य पूर्व आदि देशों में करीब 10 हज़ार लोगों को रोज़गार प्रदान करता है। स्वराज पॉल ने सन 1996 में अपने आप को कंपनी के प्रबंधन से अलग कर लिया और उनके सबसे छोटे बेटे ‘अंगद’ ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाये गए।

सन्डे टाइम्स के अमीर व्यक्तियों की सूची में स्वराज पॉल का नाम भी आता है। सन 2015 में सन्डे टाइम्स ने उन्हें ब्रिटेन का 38वां सबसे अमीर व्यक्ति माना है। स्वराज पॉल दावा करते हैं कि अन्य आम लोगों की तरह वे भी लन्दन में सार्वजानिक यातायात का उपयोग करते हैं।

1960 के दशक से ही स्वराज पॉल मध्य लन्दन के पोर्टलैंड प्लेस में रहते हैं। वे और उनके परिवार के सदस्य इस ब्लाक में करीब दर्ज़न भर मकानों के मालिक हैं। इनमें से प्रत्येक मकान की कीमत करीब 10 लाख ब्रिटिश पौण्ड मानी जाती है। बीकन्सफील्ड (बकिंघमशायर) में करीब 250 एकड़ जमीन में फैला उनका एक कंट्री एस्टेट भी है।

सार्वजनिक भूमिका

 स्वराज पॉल कई महत्वपूर्ण सार्वजानिक पदों पर नियुक्त रह चुके हैं। वे ‘थेम्स वैली विश्वविद्यालय’ के प्रो-चांसलर के पद पर सन 1998 में और उसके गवर्नर के पद पर सन 1992-97 तक नियुक्त रहे। सन 1998 से वे ‘यूनिवर्सिटी ऑफ़ वॉलवेर्हम्प्टन’ और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टमिंस्टर’ के चांसलर रहे, जिसमें उनके पारिवारिक ट्रस्ट ने लगभग £300,000 का सहयोग दिया। उन्होंने ‘अम्बिका पॉल फाउंडेशन’ के माध्यम से ‘यूनिवर्सिटी ऑफ़ वॉलवेर्हम्प्टन’ को उदारतापूर्वक दान दिया और इसके ‘स्टूडेंट्स यूनियन सेण्टर’ का नवीनीकरण का खर्चा भी वहन किया। नवीनीकरण के बाद उसका नाम ‘द अम्बिका पॉल स्टूडेंट्स यूनियन सेंटर’ कर दिया गया।

स्वराज पॉल ब्रिटेन के विदेश नीति केंद्र, सलाहकार परिषद और MIT के यांत्रिक अभियांत्रिकी विजिटिंग समिति के सदस्य रह चुके हैं। वे लन्दन ओलिंपिक डिलिवरी समिति के अध्यक्ष रहे, जो लन्दन डेवेलपमेंट एजेंसी का उपसमूह है। स्वराज पॉल ने कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) की अध्यक्षता के लिए भी चुनाव लड़ा, जिसमें उनका एजेंडा- ‘पूरब और पश्चिम, के बीच के अंतर को कम करना’ था।

स्वराज पॉल भारतीय मूल के पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें ‘हाउज़ ऑफ़ लॉर्ड्स’ का उपाध्यक्ष बनाया गया। वे इस पद पर नियुक्त होने वाले 12 लोगों में से एक हैं। इसके बाद उन्हें 15 अक्टूबर 2009 को प्रिवी कौंसिल की शपथ दिलाई गयी।

अपनी बेटी की याद में बनाए गए ‘अम्बिका पॉल फाउंडेशन’ के माध्यम से स्वराज पॉल ‘कपारो ग्रुप’ से हुआ लाभ धर्मार्थ प्रयासों में देते हैं। वे ‘ज़ूओलॉजिकल सोसायटी ऑफ़ लन्दन’ के मानद संरक्षक हैं और ‘रीजेन्ट्स पार्क साईट’ में प्रमुख परियोजनाओं को वित्त पोषित भी किया है, जिसमें बच्चों का चिड़ियाघर शामिल है।

सन 2000-2005 तक स्वराज पॉल ‘इंडो-ब्रिटिश राउंड टेबल’ के को-चेयर थे। वे ‘पैनल 2000’ के सदस्य भी थे, जिसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री द्वारा ब्रिटेन के री-ब्रांडिंग के लिए गठित किया गया था। वे ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ‘गॉर्डोन ब्राउन’ के बड़े समर्थक हैं और उन्होंने लेबर पार्टी को £500,000 दान में भी दिया।

सन 2005 में वे लन्दन की दावेदारी का पक्ष रखने वाले दल के साथ सिंगापोर गए थे, जहाँ इस दल ने ‘इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी’ को लन्दन के दावेदारी के लिए मनाने में सफलता प्राप्त की। स्वराज पॉल ने ‘लन्दन ओलंपिक्स 2012’ के दावेदारी से लेकर आयोजन तक की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अवार्ड एवं सम्मान

स्वराज पॉल को कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, भारत, रूस और स्विट्ज़रलैंड के विश्वविद्यालयों द्वारा मानद सम्मान भी शामिल हैं।

  • भारत सरकार ने उन्हें सन 1983 में पद्म भूषण से सम्मानित किया।
  • उन्हें ‘भारत गौरव’ सम्मान इंडियन मर्चेंट्स चैम्बर ने दिया।
  • सन 1987 में ‘एशियन हूज हु’ में उन्हें ‘फर्स्ट एशियन ऑफ़ द इयर’ चुना गया।
  • मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (MTI) ने उन्हें सन 1989 में ‘कॉर्पोरेट लीडरशिप अवार्ड’ दिया।
  • अमेरिका के ‘सोसाइटी ऑफ़ मैन्युफैक्चरिंग एन्जिनेअर्स’ ने उन्हें सन 1995 में ‘डोनाल्ड सी. बुर्न्हम मैन्युफैक्चरिंग अवार्ड’ दिया।
  • सन 1998 में फ्रीडम ऑफ़ द सिटी ऑफ़ लन्दन।
  • 2008 एशियन बिज़नेस अवार्ड्स में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिया गया।
  • सन 2008 में एशियन वीमेन मैगज़ीन ने उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिया।
  • सन 2011 में ‘पाँवरब्रांड्स हाल ऑफ़ फेम’ ने उन्हें ‘ग्लोबल इंडियन ऑफ़ द इयर’ के लिए नामांकित किया।
  • नवम्बर 2013 में ‘इंडिया लिंक इंटरनेशनल’ पत्रिका ने उन्हें ‘इंटरनेशनल इंडियन ऑफ़ द डिकेड’ चुना।
  • ब्लैक कंट्री एशियन बिज़नस एसोसिएशन द्वारा उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ दिया गया।
  • ग्लोबल स्किल तरी कंसोर्टियम ने उन्हें सन 2014 में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ दिया।
  • जुलाई 2014 में ‘वर्ल्ड कंसल्टिंग रिसर्च कारपोरेशन’ ने उन्हें ‘इंटरनेशनल आइकॉन ऑफ़ द डिकेड अवार्ड’ दिया।