हंस | Hans | Swan in Hindi

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हंस का वैज्ञानिक नाम सिग्नस (Cygnus) है और अंग्रेजी में इसको स्वान (Swan) कहते हैं। हंस सन. 1984 से डेनमार्क देश का राष्ट्रीय पक्षी है। यह मूल रूप से भारत में हिमालय के मानसरोवर झील में पाए जाते हैं। इनके शरीर का रंग सफेद होता है और चोंच का रंग नारंगी होता है। हंस को हिन्दू धर्म में एक ब्राहमण के समान पदवी दी गई है। हिन्दू धर्म के अनुसार हंस बहुत ही पवित्र और विवेकशील पक्षी होते हैं, इसकी हत्या करने से पिता, गुरु और देवता की हत्या करने के समान पाप मनुष्य को लगता है वह तीन जन्मों तक नर्क भोगता है। कहा जाता है कि हंस के पास दूध और पानी के मिश्रण में से दूध और पानी को अलग करने का सामर्थ्य होता है। हिन्दू धर्म में वर्णित इन्हीं विशेषताओं के कारण हंस को सभी पक्षियों में सबसे श्रेष्ट पक्षी माना जाता है।

दांपत्य जीवन

हंस के जीवन में भी मनुष्यों की तरह सामाजिक और पारिवारिक भावनाएं होती हैं। इनमें अपने जीवन-साथी का चयन करने के लिए लड़ाई नहीं होती। यह आपसी समझ के बल पर अपने जीवन-साथी को चुनते हैं। हंस को सच्चे प्रेम का प्रतिक माना जाता है। अगर हंस के जोड़े में किसी एक की मौत हो जाए तो दूसरा अपने जीवन के अंत तक अकेला ही रहता या रहती है। इनका दांपत्य जीवन मनुष्य जाति के लिए एक आदर्श का श्रोत है।

महत्त्व

हिन्दू धर्म में हंस को अधिक महत्व प्राप्त है। इसको हिन्दू धर्म के लोग धार्मिक दृष्टि से देखते हैं क्योंकि यह ज्ञान की देवी सरस्वती का वाहन है। पक्षियों में हंस एकमात्र ऐसी योनी है, जिसे केवल सिद्ध पुरुष या यम-नियम का पालन करने वाले मनुष्यों को ही प्राप्त होती है। इस योनी में ये महामानव कुछ काल तक रहते हैं और उसके उपरांत उन्हें पुन: मनुष्य की योनी प्राप्त हो जाती है, या फिर उनकी आत्मा देवलोक की ओर चली जाती है।