स्वच्छता और सफाई | Swachata Aur Safai | Hygiene And Cleanliness

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यह एक बहुत जरुरी मुद्दा है। लोगों को अपने आस-पास का इलाके के साथ-साथ खुद को भी साफ-सुथरा रखना चाहिए, ताकि लोग स्वस्थ रहें और दूसरों को भी कोई तकलीफ ना हो।
लोगों को अपने खाना रखने की जगह को साफ़ रखना चाहिए। साफ-सफाई एक अच्छी आदत है, जो स्वच्छ जीवन और एक अच्छी जीवन-शैली के लिए सबके पास होनी चाहिए। स्वच्छता और सफाई आज के इस युगमें एक बहुत बड़ा सामाजिक मुद्दा है, स्वच्छता और सफाई के लिए देश में बहुत सारे प्रयत्न चल रहे हैं।

स्वच्छ भारत अभियान

सरकार ने लोगों में स्वच्छता का संदेश फैलाने के लिए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का सहारा लिया है। स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसे भारत सरकार ने 2 अक्टूबर 2014 से शुरू किया था। स्वच्छ भारत अभियान का मकसद भारत के सभी गाँव और शहरों को साफ-सुथरा रखना है।
स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किया गया अभियान है, जो उन्होंने महात्मा गाँधी के 145वें जन्मदिन पर शुरू किया था। महात्मा गाँधी भारत देश को स्वच्छ बनाने का सपना देखते थे। इसके लिए महात्मा गाँधी ने बहुत काम किया और लोगों को साफ़-सफाई करने की सलाह दी। मोदी सरकार ने इस मिशन को 2019 तक पूरा होने का अनुमान लगाया है, जो गाँधी जी की 150वीं जयंती होगी।
इस आभियान में बहुत सारे काम किए गए हैं, जैसे-शौचालयों का निर्माण, गाँव में साफ-सफाई के लिए जागरूकता फैलाना, गलियों व सडकों की सफाई, देश के बुनियादी ढांचे को बदलना आदि किए गए कामों में शामिल हैं। 

नुकसान

  • लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं, जैसे- दस्त, कुपोषण, डेंगू, मलेरिया और कई अन्य बीमारियाँ।
  • यह बच्चों के विकास को भी प्रभावित करता है।
  • गंदे माहौल में रहकर किसी का भी मन काम में नहीं लग सकता, इसलिए यह देश के लिए भी बुरा है।
  • गन्दगी में कोई भीदेश आगे नहीं बढ़ सकता, यह हमारे देश के पीछे होने की एक बड़ी वजह है।
  • यह केवल किसी देश के लिए ही बुरी बात नहीं है, बल्कि यह हमारी पृथ्वी के लिए भी बहुत बुरा है। इससे हमारी पृथ्वी दूषित हो रही है।
  • जैसा हम सब जानते हैं, हम सब पृथ्वी पर ही रहते हैं। अगर पृथ्वी पूरी तरह दूषित हो गई, तो हमारी जिंदगी भी खतरे में आ सकती है।

कारण

इसके पीछे मुख्य कारण लोगों की लापरवाही और आलस है। लोग खुद गंदगी की समस्या पैदा करते हैं। लोग केवल अपने बारे में सोचते हैं और दूसरों के बारे में नहीं सोचते। लोगों को खुली जगह में कचरा फेंकने की आदत है, जो पर्यावरण को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

हल

  • लोगों को अपने आस-पास का इलाका साफ रखना चाहिए।
  • लोग को अपने साथ-साथ दूसरों की सेहत के बारे में सोचकर साफ-सफाई रखनी चाहिए।
  • मानव जाति को बचाने के लिए विभिन्न संस्थानों, संगठनों और सरकार द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जा चुके हैं।