दिल्ली की एक अदालत सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में कांग्रेस नेता शशि थरूर को आरोपी के तौर पर तलब करने के सवाल पर पांच जून को अपना आदेश सुनाएगी।

अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि थरूर को तलब करने के लिये उसके पास पर्याप्त सबूत हैं। इसके बाद अलावा मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा कि वह बाद में आदेश सुनाएंगे। दिल्ली पुलिस ने 14 मई को शशि थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिये उकसाने का आरोप लगाया था।

दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि शशि थरूर को साढ़े चार साल पुराने मामले में आरोपी के तौर पर तलब किया जाना चाहिये। उसने दावा किया कि उसके पास पर्याप्त सबूत हैं। दिल्ली पुलिस ने तकरीबन 3000 पन्नों के आरोप पत्र में शशि थरूर को एकमात्र आरोपी के तौर पर नामजद किया है। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ क्रूरता की। शशि थरूर के घरेलू नौकर नारायण सिंह को मामले में एक महत्वपूर्ण गवाह बनाया गया है।

सुनंदा 17 जनवरी,  2014 को राष्ट्रीय राजधानी के एक होटल में मृत पायी गई थीं। कांग्रेसी नेता शशि थरूर पर आईपीसी की धारा 498 ए (क्रूरता) और 306 (आत्महत्या के लिये उकसाने) के आरोप लगाए गए हैं। धारा 498 ए के तहत अधिकतम 3 साल के कारावास की सजा का प्रावधान है जबकि धारा 306 के तहत अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है।

दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को आईपीसी की धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। शशि थरूर को इस मामले में अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।