वे शब्दांश जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर शब्द के अर्थ में विशेषता या परिवर्तन लाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।

जैसे –

कवि + त्व = कवित्व
गरीब + ई = गरीबी
हर्ष + इत = हर्षित
श्री + मान = श्रीमान्

प्रत्यय के प्रकार

प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं|

1) कृदन्त प्रत्यय

वे प्रत्यय जो क्रिया के मूलरूप के साथ जुड़कर नए शब्दों का निमार्ण करते हैं, उन्हें कृदन्त प्रत्यय कहते हैं।

प्रत्ययअर्थशब्द रूप
हटभावचिल्लाहट, घबराहट
अनीययोग्यपरिवर्तनीय, परिवर्जनीय, दर्शनीय
आईभावलड़ाई, पिटाई
करनेनायक, ग्राहक, व्यापक
भावबचत, खपत, लागत

2) तद्धित प्रत्यय

वे प्रत्यय जो संज्ञा, सर्वनाम, एवं विशेषण के साथ मिलकर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।

प्रत्ययअर्थशब्द रूप
कारकरने वालेचर्मकार, स्वर्णकार
संख्या सूचकशतक, दशक
जातउत्पन्नजलजात, नवजात
करणभावसरलीकरण, स्पष्टीकरण
करदेने या करनेसुखकर, कष्टकर