सूचना क्रांति | Suchana Kranti | Information Revolution in Hindi

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मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। प्राचीन काल से ही वह विचारों के आदान-प्रदान के लिए विभिन्न साधनों को अपनाता रहा है। आदिकाल में ढ़ोल बजाकर या ढ़िढ़ोरा पीटकर यह कार्य किया जाता था।
धीरे-धीरे समाचार पत्र, रेडियो, टी॰वी॰, टेलीफोन, मोबाइल आदि की सहायता से देश-विदेश के समाचार मिलने लगे।

आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी का युग है। कंप्यूटर व इंटरनेट के विकास ने तो मानो क्रांति ही ला दी है। शिक्षा, व्यापार, विज्ञान, युद्ध, अंतरिक्ष यान आदि क्षेत्रों में कंप्यूटर ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आज छोटे-बड़े सभी इसका प्रयोग कर रहे हैं। विद्यालयों में इसके माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। इंटरनेट की सहायता से विद्यार्थी नई से नई जानकारी प्राप्त करते हैं। बेरोजगार रोजगार प्राप्त करते हैं, यहाँ तक कि अब तो शादी-ब्याह भी इंटरनेट पर तय होने लगे हैं।
सूचना क्रांति ने वैज्ञानिक क्षेत्र में भी अद्भुत योगदान दिया है। आज इसी तकनीक के कारण मौसम विज्ञान, भूकंप विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान आदि के संबंध में नवीनतम जानकारी प्राप्त होती है।

आज हमारे वैज्ञानिकों ने ‘सुपर कंप्यूटर’ का निर्माण कर लिया है, जो एक सैकेंड में असंख्य गणनाएँ कर सकता है। आज भारतीय विशेषज्ञों की दुनिया भर में माँग है, वे विदेशों से धन कमाकर लाते हैं।
इससे हमारी अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला है। इसी सूचना क्रांति के कारण ही हमारे देश की बड़ी-बड़ी कंपनियाँ, जैसे- टाटा, विप्रो, रिलायंस, इंफोसिस आदि विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पा रही हैं।

इस तकनीक के कारण आज विश्व बहुत छोटा हो गया है। विश्व के किसी भी कोने में घटित घटनाओं, सूचनाओं को इंटरनेट की सहायता से पूरे विश्व में पहुँचाया जा सकता है। हम इंटरनेट पर अपनी मनचाही फिल्में देख सकते हैं।
दुनिया में कहीं भी बैठे अपने मित्रों, रिश्तेदारों से इस प्रकार बातचीत कर सकते हैं, मानो आमने-सामने बैठे हों।

आज इस सूचना क्रांति के कारण भारत को विश्व में गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ है। इसके आभाव में वर्तमान युग का विकास संभव नहीं। अतः हमें निरंतर इस क्षेत्र में नई-नई खोजें कर अग्रसर होना है।