स्टैंड अप इण्डिया स्कीम

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अप्रैल 2016 को नोएडा के सैक्टर 62 में ‘स्टैंड अप इण्डिया स्कीम’ और इस योजना के लिए एक वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। स्टैंड अप इण्डिया स्कीम अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और महिला उद्यमियों के लिए भारत सरकार द्वारा शुभारंभ की गई एक नई पहल है। इस योजना से उद्यमियों को बड़ी संख्या में लाभ मिलने की संभावना है।

इस मंजूरी का समग्र उद्देश्य आबादी के ऐसे सुविधा विहीन क्षेत्रों तक बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करने के लिए संस्थागत ऋण संरचना का लाभ उठाना है। यह अभियान देश के युवाओं के लिए नये अवसर प्रदान करने के लिए बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कम से कम एक दलित और एक महिला उद्यमी का समर्थन करने के लिए सभी बैंकों से अनुरोध किया है।

स्टैंड अप इण्डिया स्कीम का 10 लाख रूपये से 100 लाख रूपये तक की सीमा में ऋणों के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने के लिए प्रारंभ किया जा रहा है। कारोबार निर्माण, सेवा या फिर व्यापार क्षेत्र से संबंधित होना चाहिए। गैर-व्यक्तिगत कारोबार के मामले में एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति या महिला की कारोबार में 51% की हिस्सेदारी होनी चाहिए।

उद्यमियों को वित्तीय सहायता अपने व्यवसाय को स्थापित करने हेतु संचालन के लिए पैसे की वापसी या पूंजी के लिए उन्हें एक RuPay debit card जारी किया जायेगा। योजना से देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद मिलेगी और लोगों को अपने उद्यम स्थापित करने के लिए इन निधियों का उपयोग करके इससे लाभ उठा सकते हैं।

10 हजार करोड़ रूपये की प्रारंभिक धनराशि के साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के माध्यम से पुनः वित्त सुविधा दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ऋण केवल ग्रीन फील्ड परियोजना के लिए उपलब्ध है। इस संदर्भ में ग्रीन फील्ड का मतलब है कि निर्माण या सेवाओं या व्यापार के क्षेत्र में लाभार्थी पहली बार काम कर रहा है। यह अभियान भारत में लोगों के लिए नए रोजगारों का निर्माण करेगा।

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