“मैंने लोगों की समस्या का समाधान करने से पहले ये नहीं पूछा कि क्या धर्म है तुम्हारा, क्या जाति है तुम्हारी, तुमने किसको वोट दिया।”
“अपने कर्तव्य, जिसका मैंने पालन किया उसके लिए मैं कभी माफ़ी नहीं मांगूंगी।”
“मैंने समाज की सेवा की, अपने कर्तव्य का पालन किया, कोई एहसान नहीं किया।”
“मैंने कभी-भी जाति के आधार पर न्याय या अन्याय करने का दुस्साहस नहीं किया।”
“जो जन्म देती है उस पर अगर खून का इलज़ाम लगाओ, तो ये स्वाभाविक है कि वो टूट जाती है, अन्दर से।”
“शिक्षा को रण भूमि मत बनाओ।”
“न्याय हो, दोषी जो हो उसको सूली पर चढ़ाओ।”
“इस देश को बर्बादी के कगार पर वो राजनीति ले जाएगी, जो एक बच्चे की मृत्यु को भी राजनीतिक अफ़सर बनाकर इस्तेमाल करती है।”
“जहाँ न्याय है, उस न्याय को अपना काम करने दो।”
“मैंने अपने पिता के नाम का सहारा लेकर इस समाज में, देश में, अपनी जगह नहीं बनाई है। अपने पुरुषार्थ से अपनी मेहनत से बनाई है।”
“कम उम्र में सफलता के शिखर पर पहुंचना, ये कोई अभिशाप नहीं है।”
“भारत सरकार से साधारण हिन्दुस्तानी की बस ये अपेक्षा है कि वो अपने दो हाथों के मेहनत से दो वक्त की रोटी कमा सकता है। बस आप उस काम के विषय में आड़े मत आना।”
“एक साधारण हिन्दुस्तानी अपने आप में इतना स्वाभिमानी है, इतना दृढ़ है कि वो खैरात नहीं माँगता।”
“इंसान की अहमियत अथवा उसके सपनों की ताकात को आप एक कागज़ से नहीं नाप सकते।”
“कभी मत सोचो कि ये तुम्हारे लिए संभव नहीं है। जो भी होगा अच्छा या बुरा अगर उसको भुगतने की शक्ति तुम में है, तो अपनी ज़िन्दगी अपने दम पर जियो, क्योंकि सबको ज़िन्दगी एक ही मिलती है।”