शिव नादर की जीवनी | Shiv Nadar Biography in Hindi

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परिचय

शिव नादर एक मसहूर भारतीय IT (Information Technology) उद्योगपति एवं समाजसेवी हैं। वे HCL (Hindustan Computers Limited) शिव नादर फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने HCL की स्थापना सन 1970 में की और धीरे-धीरे कंपनी को हार्डवेयर के साथ-साथ IT उद्योग का एक बड़ा नाम बना दिया। भारत सरकार ने IT उद्योग में शिव नादर के योगदान को देखते हुए सन 2008 में ‘पद्म भूषण’ पुरुस्कार से सम्मानित किया। इन्होने IT क्षेत्र के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी परिवर्तन लाने के लिए काम किया हैं।

शुरूआती जीवन

शिव नादर का जन्म 14 जुलाई 1945 को तमिलनाडु राज्य के थूथुकुड़ी जिले के मूलाइपुजहि गांव में हुआ था।  इनके पिता का नाम ‘शिवसुब्रमण्य नादर’ तथा माता का नाम ‘वामसुंदरी देवी’ है। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई कुम्बकोनम के टाउन हायर सेकेंडरी स्कूल से की। इसके बाद ‘द अमेरिकन कॉलेज, मदुरै’ से प्री-यूनिवर्सिटी डिग्री प्राप्त की। उसके बाद कोयंबटूर के PSG कॉलेज से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

करियर

शिव नादर ने अपने करियर की शुरुआत सन 1967 में पुणे स्थित ‘कूपर इंजीनियरिंग’ से की, लेकिन इस  काम से प्रसन्न नहीं थे क्योंकि वो अपना खुद का व्यापार करने की इच्छा रखते थे। उन्होंने सन 1976 में अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘माइक्रोकॉम्प लिमिटेड’ नाम की एक कंपनी बनाई, जो टेलीडिजिटल कैलकुलेटर्स बेचने का काम करने लगी। इसके बाद उन्होंने HCL नामक कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी बनाई और सन 1982 में अपने पहले PC (personal computer) के साथ HCL बाजार में उतरा। HCL के लिए एक बड़ी महत्वपूर्ण बात ये रही की कुछ वर्ष पहले ही सन 1977 में IBM (International Business Machines) ने भारत छोड़ा था जिस की वजय से IT सेक्टर में एक बड़ा रिक्त स्थान सा हो गया और इसका पूरा लाभ HCL को मिला। उन्होंने विदेशी में भी ने खुद को स्थापित कर लिया और एक के बाद एक सफलता हासिल होती रही।

शिव नादर ने जल्दी ही अपने IT व्यापार में 5 कंपनियां HCL टेक्नोलॉजीज (ग्लोबल आईटी सर्विस कंपनी), HCL कॉमनेट (नेटवर्क सर्विसेज कंपनी), HCL इंफोसिस्टम्स (इंडियन आईटी हार्डवेयर लीडर), HCL पेरॉट (आईटी एप्लीकेशंस) और NIIT (एजुकेशन सर्विसेज) स्थापित कर लीं। सन 1980 में, IT हार्डवेयर बेचने के लिए HCL ने सिंगापुर में ‘फार ईस्ट कम्प्यूटर्स’ की स्थापना के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखा और इस व्यापार में पहले साल ही करीब 10 लाख रूपए की मुनाफा हुई। सन 1989 में HCL ने अमेरिकी कंप्यूटर हार्डवेयर मार्केट में हाथ आजमाने की प्रयास किया लेकिन ये कोशिश असफल साबित हुई और कंपनी ने सन 1991 अपने आप को PC व्यापार से बाहर कर लिया।

शिव नादर ने जॉन हॉपकिंस मेडिसिन इंटरनेशनल के साथ मिलकर एक क्लीनिक श्रृंखला HCL Avitas की शुरुआत की है। इस अपार सफलता के साथ-साथ शिव नादर ने खुद को समाज सेवा के कार्यों में लग गये और शिव नादर फाउंडेशन की स्थापना की जिसके द्वारा भारतीय शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए काम करने लगे। उन्होंने SSN (Sri Sivasubramaniya Nadar College of Engineering) की स्थापना की, जो आज देश के सर्वश्रेष्ठ निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में SNU (Shiv Nadar University) की स्थापना की, जहां अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्री प्राप्त कर सकते है। उत्तर प्रदेश में ‘विद्याज्ञान’ पब्लिक स्कूलों का निर्माण किया गया, जहां गाँव के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है।

अवार्ड एवं सम्मान

  • सन 1995 में डाटाक्वेस्ट ने उन्हें ‘आई टी मैन ऑफ़ द ईयर’ चुना।
  • सन 2005 में प्रधानमंत्री ने उन्हें CNBC बिजनेस एक्सिलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
  • सन 2006 में AIMA (All India Management Association) ने मानद फैलोशिप से सम्मानित किया।
  • सन 2007 में मद्रास विश्वविद्यालय ने सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में उन्हें DSC (Digital Signature Certificates) से सम्मानित किया।
  • सन 2007 में अर्न्स्ट एंड यंग ने उन्हें ‘इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द ईयर’ से सम्मानित किया गया ।
  • IT ट्रेड एंड इंडस्ट्री सहित जनसेवा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सन 2008 में उन्हें ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया।
  • सन 2009 में फोर्ब्स पत्रिका ने एशिया पैसिफिक रीजन के 48 हीरोज ऑफ फिलेनथ्रोपी में उन्हें शामिल किया।
  • सन 2010 में ‘डाटाक्वेस्ट लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
  • इंडिया टुडे पत्रिका ने अप्रैल 2017 की सूची के 50 सबसे शक्तिशाली लोगों में शिव नादर को 16 वां स्थान दिया।
  • वर्तमान में शिव नादर Indian Institute of Technology Kanpur के अध्यक्ष हैं।