कंटेंट optimization एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपके webpages को सर्च इंजन और उपयोगकर्ता के लिए अनुकूल और आकर्षक बनाती है। यह प्रक्रिया सिर्फ अच्छे keywords के इस्तेमाल तक ही सीमित नही है बल्कि websites से जुड़ी कई और चीज़ों पर भी ध्यान देती है जैसे कि कंटेंट की गुणवत्ता (quality), broken links, title tags, और meta tags आदि। एक बार आपका कंटेंट optimize हो जाए तो सर्च इंजन आसानी से आपकी वेबसाइट को ढूंढ के indexing कर सकता है और उसे search results pages में दिखा सकता है।

कंटेंट optimization के लिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान दिया जा सकता है।

Title Tag: यह आपके page या post के शीर्षक (title) को दर्शाता है यह एक page के HTML code के head में सम्मिलित होता है। यह search result pages पर आपके पृष्ठ के सबसे ऊपर वाले हिस्से में दिखाई देता है। जो title tag संक्षिप्त (consice) , सही और प्रासंगिक (relevant) होता है वह कंटेट optimization के लिए बहुत अच्छा समझा जाता है। SEO experts के मुताबिक एक बढ़िया title tag में 50-60 अक्षर (characters) होने चाहिए, यह page में दी गई जानकारी के मुताबिक होना चाहिए, और मुख्य keywords title tag की शुरुआत में होने चाहिए।

Meta description: यह वह जानकारी है जो Google search result page पर title tag के निचे दिखाई देती है। यह आपके page में दी गई जानकारी का संक्षिप्त सारांश होता है। इससे उपयोगकर्ता को आभास हो जाता है कि आपके page पर किस तरह की जानकारी दी हुई है। इसलिए meta description में प्रासंगिक (relevant ) keywords होने चाहिए क्यूंकि जब कोई उपयोगकर्ता किसी keyword से जानकारी खोजता है तो सर्च इंजन उस keyword से सम्बंधित meta description को दिखाता है। अगर आप बेहतर परिणाम चाहते हैं तो meta description में लगभग 150 अक्षर ही रखें।

Meta keywords: इनको आप खाली भी छोड़ सकते हो क्यूंकि 2009 से इनका इस्तेमाल नही हो रहा है। अगर आप इनका इस्तेमाल करते हो तो आपके प्रतियोगियों को आपके मुख्य keywords का पता चल सकता है। अगर आपकी internal site search में जरूरत है तो आप meta keywords का इस्तेमाल कर सकते हो।

Fresh कंटेंट: नया और अलग कंटेंट उपयोगकर्ता और सर्च इंजन दोनों को अच्छा लगता है। इसलिए नियमित रूप से अपनी वेबसाइट को अपडेट करते रहें ताकि आपका कंटेंट SEO के अनुकूल हो जाए। नए page और नए लेख जोड़ते रहें।