सांसद आदर्श ग्राम योजना | Sansad Adarsh Gram Yojana in Hindi

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सांसद आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जयप्रकाश नारायण के जन्मदिन के अवसर पर 11 अक्टूबर 2014 को किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्सर गाँवों में विकास आपूर्ति की उपलब्धता के अनुरूप किया जाता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सांसद आदर्श योजना की तीन अनूठी विशेषतायें होनी चाहिए। यह माँग पर आधारित हो, समाज द्वारा प्रेरित हो और इसमें जनता की भागीदारी होनी चाहिए। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र और राजनीतिको अलग नहीं किया जा सकता लेकिन बुरी राजनीति से अक्सर नुकसान होता है। यह योजना अच्छी राजनीति की ओर बढ़ने की प्रेरणा देगी और सांसद मददगार और उत्प्रेरक के रूप में भूमिका निभाएंगे।

सांसद आदर्श ग्राम योजना गांवों के निर्माण और विकास हेतु कार्यक्रम है, जिसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में विकास करना है। सांसद आदर्श ग्राम योजना का का मुख्य उद्देश्य गांवों और वहाँ के लोगों में उन मूल्यों को स्थापित करना है, जिससे वे स्वयं के जीवन में सुधार कर दूसरों के लिए एक आदर्श गाँव बने और लोग उनका अनुकरण कर बदलावों को स्वयं पर भी लागू करें।

यह योजना संसद के दोनों सदनों के सांसदों को प्रोत्साहित करती है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के कम से कम एक गाँव की पहचान करें, और 2016 तक एक आदर्श गांव का विकास करें और 2019 तक दो और गाँवों को शामिल करते हुए देश भर में फैले 6 लाख गाँवों में से 2500 गाँवों को इस योजना का हिस्सा बनायें। परंतु इसमें ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह गाँव उस क्षेत्र के सांसद का स्वयं का गाँव या उसका ससुराल नहीं होना चाहिए। इस योजना का दूसरा उद्देश्य यह है कि इस योजना के अंतर्गत विकसित हुए ग्राम को देखकर अन्य ग्रामों को विकास के लिए उत्साहित करना है।