साई बाबा की आरती | Sai Baba Ki Aarti

442

ऊँ जय साईं नाथ, जय साईं नाथ
आदि न अंत तुम्हारा, तुम्हें श्रद्धा नमन हमारा (2)

धरती पर रहकर प्रभु तुमने
तन अमबर तक विस्तारा
ऊँ जय साईं नाथ, जय साईं नाथ
आदि न अंत तुम्हारा, तुम्हें श्रद्धा नमन हमारा

ईश्वरीय आलोक लिए प्रभु मानव रूप धरे हो
चमत्कार ही चमत्कार से तुम सम्पूर्ण भरे हो
चमत्कार ही चमत्कार से तुम सम्पूर्ण भरे हो
सौभाग्य जुड़े तब दर्शन का सौभाग्य मिले सुखकारा

ऊँ जय साईं नाथ, जय साईं नाथ
आदि न अंत तुम्हारा, तुम्हें श्रद्धा नमन हमारा

धरती पर रहकर प्रभु तुमने
तन अम्बर तक विस्तारा
ऊँ जय साईं नाथ, जय साईं नाथ
आदि न अंत तुम्हारा, तुम्हें श्रद्धा नमन हमारा

हम तो तुमसे जोड़ के बैठे नाते दुनिया वाले
रूप विराट दिखाकर तुमने मन अचरज में डाले
रूप विराट दिखाकर तुमने मन अचरज में डाले
साईं नाथ हमें फिर लौटा दो वही सहज रूप मनहारा

ऊँ जय साईं नाथ, जय साईं नाथ
आदि न अंत तुम्हारा, तुम्हें श्रद्धा नमन हमारा

धरती पर रहकर प्रभु तुमने
तन अमबर तक विस्तारा
ऊँ जय साईं नाथ, जय साईं नाथ
आदि न अंत तुम्हारा, तुम्हें श्रद्धा नमन हमारा