सेंधा नमक का वैज्ञाानिक नाम हैलाइट (halite) है | सेंधा नमक में सोडियम क्लोराइड सबसे प्रमुख घटक (98%)है। इसमें कई उपयोगी खनिज तत्व जैसे आयोडीन, लिथियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, क्रोमियम, मैंगनीज, लोहा, जस्ता, स्ट्रोटियम आदि शामिल हैं। सेंधा नमक दुर्लभ आयुर्वेदिक पदार्थो में से एक है, जिसका इस्तेमाल व्रत में भी किया जाता है। ‘सेंधा नमक’ या ‘सैंधव नमक’ का मतलब है सिंध या सिन्धु के इलाके से आया हुआ। इस नमक को ‘लाहौरी नमक’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह अक्सर लाहौर से होता हुआ पूरे उत्तर भारत में बेचा जाता था।

सेंधा नमक के फायदे

  1. सेंधा नमक भूख में सुधार लाता है, आंतों और पेट से गैस निकालने के साथ-साथ ऐंठन को भी दूर करता है।
  2. सेंधा नमक बिना पेट में जलन या गैस्ट्राइटिस को बिगाड़े पाचन में सुधार लाता है।
  3. नींबू के रस के साथ सेंधा नमक का सेवन करने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं और उल्टी, जी मिचलाने की समस्या भी दूर होती है।
  4. मांसपेशियों की ऐंठन से पीड़ित व्यक्तियों को पानी में एक चम्मच सेंधा नमक मिलाकर पीना चाहिए, इससे मांसपेशियों की ऐंठन में आराम मिलेगा।
  5. सेंधा नमक शरीर की मृत त्वचा को साफ करने के लिए एक स्क्रब के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  6. गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर गरारे करने से गले में दर्द, गले में सूजन, सूखी खाँसी और टाॅन्सिल में आराम मिलता है।
  7. सेंधा नमक एक तेज तंत्रिका उत्तेजक है, जो शरीर और मन को आराम देता है, जिससे सांस, संचार और तंत्रिका तंत्र बेहतर रहता है।
  8. कम रक्तचाप होने पर एक गिलास पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर दिन में 2 बार पीने से रक्तचाप बढ़ जाता है।

सेंधा नमक के नुकसान

  1. उच्च रक्तचाप, शोथ (Edema) से पीड़ित व्यक्तियों को सेंधा नमक का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए, इससे रक्तचाप बढ़ सकता है।
  2. सेंधा नमक में आयोडीन की काफी कम पाई जाती है। सेंधा नमक को आयोडीन युक्त नमक के साथ मिलाकर खाना चाहिए।