लाल किले का निर्माण कार्य मुर्हरम के दिन 13 मई 1638 को शुरू किया गया। लाल किले की रूप-रेखा उस समय के वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी ने तैयार की। लाल किले को बनाने में लगभग 10 वर्ष का समय लगा और यह सन् 1648 में बनकर तैयार हुआ। शाहजहाँ ने इसे अपने महल के रूप में बनवाया था। पूरी तरह से लाल पत्थरों से बना होने के कारण इसका नाम लाल किला पड़ा। लाल किला मुगल शासक शाहजहाँ के शासनकाल की रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। मुस्लिम परंपराओं के अनुसार ही इस किले का निर्माण किया गया था। लाल किले में हमें मुस्लिम महलों की प्रतिकृतियाँ दिखाई देने के साथ-साथ पर्शियन परंपराओं की छवि भी दिखाई देती है। मुमताज महल, रंग महल, खास महल, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, हमाम, शाह बुर्ज आदि लाल किले के अन्य प्रमुख आकर्षक केन्द्र हैं। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर लाल किले पर भारत के प्रधानमंत्री तिरंगा झंड़ा फहराते हैं और बाद में भाषण भी देते हैं। लाल किले के ऐतिहासिक महत्त्व और इतिहास को देखते हुए UNESCO ने सन् 2007 में इसे World Heritage Siteघोषित किया है।

लाल किला भारत के पुरानी दिल्ली राज्य में स्थित है। इस किले को पाँचवे मुगल बादशाह शाहजहाँ ने सन. 1638 में बनवाया था। इस किले को लाल किला इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसका निर्माण अधिकतर लाल पत्थरों का इस्तमाल करके बनाया गया है। लाल किला दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली भव्‍य किलों में से एक है। इसकी दीवारें 2.5 किलोमीटर लंबी और यमुना नदी की ओर इसकी दीवारों की कुल ऊँचाई 18 मीटर और शहर की ओर 33 मीटर है। लाल किला सलीमगढ़ के पूर्वी छोर पर स्थित है। नापने पर ज्ञात हुआ है कि इसकी योजना एक 82 मी. की वर्गाकार ग्रिड (चौखाने) का प्रयोग करके बनाई गई है। दिल्ली में स्थित यह ऐतिहासिक किला मुगलकालीन वास्तुकला की नायाब धरोहर है, जिसका मुख्य प्रवेश द्वार लाहौर गेट है। इस किले के साथ भारत का इतिहास भी काफी करीब से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री प्रात: 7 बजे लाल किले पर झण्डा लहराते हैं और अपने देशवासियों को अपने देश की नीति पर भाषण देते हैं। हज़ारों लोग उनका भाषण सुनने के लिए यहाँ एकत्रित होते हैं।

इतिहास

लाल किले का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी राजधानी को आगरा से दिल्ली परिवर्तित करने पर बनवाया था। लाल किले का भी ताजमहल की तरह यमुना नदी के किनारे पर निर्माण किया गया है। इस किले का निर्माण होने के बाद स्वयं शाहजहाँ के द्वारा इस किले में विकास कार्यों को जोड़ा गया, जिनको औरंगजेब एवं अंतिम मुग़ल शासकों के द्वारा पूर्ण किया गया। उसके उपरांत लाल किले में कई और बदलाव ब्रिटिश काल में सन. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भी किए। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात अंग्रेजों ने लाल किले को ब्रिटिश सेना के मुख्यालय के रूप में इस्तमाल किया। उसी दौरान ब्रिटिश सेना के द्वारा किले के अस्सी प्रतिशत मंडपों और उद्यानों को तबाह कर दिया गया, सन. 1903 तबाह हुए मंडपों और उद्यानों को पुन: स्थापित उम्मैद दानिश द्वारा किया गया। सन. 2000 में इस किले पर ‘लश्कर-ए-तोयबा’ के आतंकवादी संगठन ने हमला भी किया था, जिसमें इस आतंकवादी संगठन ने दो भारतीय सैनिकों और एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
भारत स्वतंत्र होने के पश्चात भी सन. 2003 तक इस किले के कुछ जरुरी हिस्से भारतीय सेना के पास ही रहे थे।

निर्माण कार्य

लाल किले का निर्माण सन. 1638 में मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने करवाया, इसके निर्माण कार्य में दस वर्षों का समय लगा। इस किले की कलाकृतियों को बनाने के लिए भारतीय, यूरोपीय एवं फारसी कला का इस्तमाल किया गया। इन तीनों कला के मिश्रण को ‘शाहजहाँनी शैली’ के नाम से जाना जाता है। लाल किले की दीवारों को 2.5 कि.मी लम्बा और यमुना नदी की तरफ से 18 मीटर ऊँचा निर्मित किया गया है, जबकि शहर की तरफ से इस किले की दीवार को 33 मीटर ऊँचा बनाया गया है।

पर्यटन

लाल किला दिल्ली शहर में आए देश-विदेशों से दर्शकों का प्रमुख आकर्षक केंद्र है। प्रत्येक वर्ष लाल किले को देखने के लिए विदेशों से हजारों की संख्या में दर्शक आते हैं। लाल किला दिल्ली में मौजूद सभी स्मारकों में से सबसे बड़ा स्मारक है। इस किले में मुगल इतिहास का वर्णन करते हुए, ध्वनि और प्रकाश शो शाम के समय होता है, जो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

 

किलों की तालिका

क्र संकिले का नामनिर्माण वर्षनिर्माणकर्तास्थान
1लक्ष्मणगढ़ किलासन. 1862 राजा लक्ष्मण सिंहसीकर, राजस्थान
2गागरोन किला12वीं शताब्दीराजा बीजलदेवझालावाड, राजस्थान
3मदन महल किलासन. 1100राजा मदन सिंहजबलपुर, मध्य प्रदेश
4ग्वालियर किला14 वीं सदीराजा मानसिंह तोमरग्वालियर, मध्य प्रदेश
5रणथंभोर किलासन. 944चौहान राजा रणथंबन देवसवाई माधोपुर, राजस्थान
6जूनागढ़ किलासन. 1594राजा रायसिंहबीकानेर, राजस्थान
7मेहरानगढ़ किलासन. 1459राव जोधाजोधपुर, राजस्थान
8लोहागढ़ किलासन. 1733महाराजा सूरजमल भरतपुर, राजस्थान
9कुम्भलगढ़ किलासन. 1458राजा महाराणा कुम्भाराजसमन्द, राजस्थान
10भानगढ़ किलासन. 1573राजा भगवंत दासअलवर, राजस्थान
11आगरा किलासन. 1565अकबरआगरा, उत्तर प्रदेश
12लाल किलासन. 1648शाहजहाँदिल्ली
13पुराना किला16 वीं शताब्दीशेरशाह सूरीदिल्ली