लाल किला | Lal Qila | Red Fort in Hindi

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लाल किला भारत के पुरानी दिल्ली राज्य में स्थित है। इस किले को पाँचवे मुगल बादशाह शाहजहाँ ने सन. 1638 में बनवाया था। इस किले को लाल किला इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसका निर्माण अधिकतर लाल पत्थरों का इस्तमाल करके बनाया गया है। लाल किला दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली भव्‍य किलों में से एक है। इसकी दीवारें 2.5 किलोमीटर लंबी और यमुना नदी की ओर इसकी दीवारों की कुल ऊँचाई 18 मीटर और शहर की ओर 33 मीटर है। लाल किला सलीमगढ़ के पूर्वी छोर पर स्थित है। नापने पर ज्ञात हुआ है कि इसकी योजना एक 82 मी. की वर्गाकार ग्रिड (चौखाने) का प्रयोग करके बनाई गई है। दिल्ली में स्थित यह ऐतिहासिक किला मुगलकालीन वास्तुकला की नायाब धरोहर है, जिसका मुख्य प्रवेश द्वार लाहौर गेट है। इस किले के साथ भारत का इतिहास भी काफी करीब से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री प्रात: 7 बजे लाल किले पर झण्डा लहराते हैं और अपने देशवासियों को अपने देश की नीति पर भाषण देते हैं। हज़ारों लोग उनका भाषण सुनने के लिए यहाँ एकत्रित होते हैं।

इतिहास

लाल किले का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी राजधानी को आगरा से दिल्ली परिवर्तित करने पर बनवाया था। लाल किले का भी ताजमहल की तरह यमुना नदी के किनारे पर निर्माण किया गया है। इस किले का निर्माण होने के बाद स्वयं शाहजहाँ के द्वारा इस किले में विकास कार्यों को जोड़ा गया, जिनको औरंगजेब एवं अंतिम मुग़ल शासकों के द्वारा पूर्ण किया गया। उसके उपरांत लाल किले में कई और बदलाव ब्रिटिश काल में सन. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भी किए। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात अंग्रेजों ने लाल किले को ब्रिटिश सेना के मुख्यालय के रूप में इस्तमाल किया। उसी दौरान ब्रिटिश सेना के द्वारा किले के अस्सी प्रतिशत मंडपों और उद्यानों को तबाह कर दिया गया, सन. 1903 तबाह हुए मंडपों और उद्यानों को पुन: स्थापित उम्मैद दानिश द्वारा किया गया। सन. 2000 में इस किले पर ‘लश्कर-ए-तोयबा’ के आतंकवादी संगठन ने हमला भी किया था, जिसमें इस आतंकवादी संगठन ने दो भारतीय सैनिकों और एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
भारत स्वतंत्र होने के पश्चात भी सन. 2003 तक इस किले के कुछ जरुरी हिस्से भारतीय सेना के पास ही रहे थे।

निर्माण कार्य

लाल किले का निर्माण सन. 1638 में मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने करवाया, इसके निर्माण कार्य में दस वर्षों का समय लगा। इस किले की कलाकृतियों को बनाने के लिए भारतीय, यूरोपीय एवं फारसी कला का इस्तमाल किया गया। इन तीनों कला के मिश्रण को ‘शाहजहाँनी शैली’ के नाम से जाना जाता है। लाल किले की दीवारों को 2.5 कि.मी लम्बा और यमुना नदी की तरफ से 18 मीटर ऊँचा निर्मित किया गया है, जबकि शहर की तरफ से इस किले की दीवार को 33 मीटर ऊँचा बनाया गया है।

पर्यटन

लाल किला दिल्ली शहर में आए देश-विदेशों से दर्शकों का प्रमुख आकर्षक केंद्र है। प्रत्येक वर्ष लाल किले को देखने के लिए विदेशों से हजारों की संख्या में दर्शक आते हैं। लाल किला दिल्ली में मौजूद सभी स्मारकों में से सबसे बड़ा स्मारक है। इस किले में मुगल इतिहास का वर्णन करते हुए, ध्वनि और प्रकाश शो शाम के समय होता है, जो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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