रामलीला मैदान से किसानों का संसद की ओर ‘आक्रोश मार्च’

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शीतकालीन सत्र के पहले देशभर से आए हजारों किसानों ने शुक्रवार को अपनी कवायद तेज कर दी है।  ‘अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति’ के बैनर तले लगभग 200 किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समाजिक संगठनों से किसानों की मांग का समर्थन करते हुये आंदोलन में भागीदारी की है।

किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर 2 दिवसीय आंदोलन के पहले दिन किसानों के साथ डॉक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित लोगों के समूह रामलीला मैदान में एकत्र हो गए। आज किसान रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक पैदल मार्च निकालने वाले हैं। बड़ी संख्या में बिहार, पंजाब व उत्तर -प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार दोपहर से ही जमा थे।

दिल्ली में यातायात प्रभावित ना हो इसके लिए आज शुक्रवार को 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। लगभग 60 हजार लोगों की क्षमता वाले रामलीला मैदान में दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के करीब 25 से 30 डॉक्टरों ने रामलीला मैदान पर किसानों के लिए एक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भोजन और रात के समय सर्दी से बचने के लिए जरूरी कपड़ों की व्यवस्था की गई है।

208 संगठन जुड़े

2 दिवसीय विरोध कार्यक्रम ‘अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति’ की अगुवाई में हो रहा है, जिससे अलग–अलग क्षेत्रों और राज्यों में काम कर रहे 208 किसान एवं सामाजिक संगठन जु़ड़े हैं।

2019 में चुकानी होगी कीमत

किसानों की मांग है कि किसानों के लिए अलग से संसद सत्र बैठे। किसान के समक्ष संकट पर विस्तार से चर्चा हो और इन संकटों का हल निकले। सामाजिक कार्यकर्ता ‘मलयश्री हाशमी’ ने कहा कि यह सत्र कम से कम 21 दिनों का हो। लेखक हरियश राय ने कहा कि विशेष सत्र में किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हो। किसानों ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसान कर्ज मुक्ति के साथ फसलों का डेढ़ गुना दाम नहीं मिला, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में सरकार को इसकी कीमत चुकानी होगी।

पहले दिन पैदल मार्च किया

किसान मुक्ति मार्च के पहले दिन बृहस्पतिवार को ‘स्वराज इंडिया पार्टी’ के अध्यक्ष योगेंद्र यादव व जय किसान आंदोलन के संयोजक अभिक साहा के नेतृत्व में देशभर से आए किसानों ने बिजवासन से रामलीला मैदान तक 25 किलोमीटर का पैदल मार्च किया।

हक मांगने नहीं, लेने आए

‘राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी. एम.  सिंह ने कहा कि हम यहां पर अपने हक को मांगने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि अपना हक लेने आए हैं। किसान देश को खिलाता है ऐसे में देश को किसानों की इज्जत रखनी चाहिए।

किसानों की मुख्य मांगें

  • फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा मिले।
  • किसान की पूरी तरह कर्ज माफी हो।
  • एम. एस. स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू किया जाए।
  • किसानों को पेंशन भी दी जाए।

DU के शिक्षकों ने दिया समर्थन

DU के शिक्षक एवं छात्र किसानों के समर्थन में शुक्रवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रही रैली में शामिल होंगे। इससे पहले बृहस्पतिवार उन्होंने अंबेडकर स्टेडियम में किसानों को खाने के पैकेट भी बांटे।

 

 

 

 

 

 

 

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