राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार | Rajiv Gandhi Khel Ratna Award

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राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार भारत में दिया जाने वाला एक पुरस्कार है, जो खिलाडियों को दिया जाता है। यह पुरस्कार खेल की दुनिया में दिया जाने वाला भारत का सबसे बड़ा पुरस्कार है। इस पुरस्कार का नाम भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी के नाम पर रखा गया है। इस पुरस्कार में एक मेडल, एक प्रशस्ति पत्र और 7.5 लाख रुपय दिए जाते हैं। इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ता को भारत सरकार की तरफ से रेलवे की मुफ्त पास की सुविधा दी जाती है, जिसके तहत ‘राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार’ और ध्यानचंद पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता  राजधानी या शताब्दी रेल गाड़ियों में फर्स्ट या सेकंड क्लास एयर कंडीशनर कोच में मुफ्त में सफ़र कर सकते हैं।

यह पुरस्कार खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हर साल दिया जाता है। इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं का चुनाव मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक समिति करती है। यह पुरस्कार उन खिलाडियों का सम्मान करते हुए दिया जाता है, जिन्होंने 4 साल तक खेल की दुनिया में बेहतरीन प्रदर्शन किया हो।

राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार की स्थापना 1991–92 में हुई थी, यह पुरस्कार किसी खिलाडी को उसके प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। 2014 में पुरस्कार चयन समिति के सुझावों के बाद फरवरी 2015 में मंत्रालय ने पुरस्कार के लिए खिलाडियों का 4 साल का प्रदर्शन देखना शुरू कर दिया।

राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के नामांकन के लिए 30 अप्रैल तक या अप्रैल के अंतिम कार्य दिवस तक का समय दिया जाता है, मगर किसी भी खेल के लिए 2 से ज्यादा खिलाडियों का नामांकन नहीं किया जा सकता है। 12 सदस्यों की एक समिति अंतरराष्ट्रीय खेलों जैसे- ओलंपिक खेलों, पैरालाम्पिक खेलों, एशियाई खेलों, और राष्ट्रमंडल खेलों में खिलाडियों का प्रदर्शन देखती है और कुछ अच्छे खिलाडियों का नामांकन करती है। बाद में वह समिति आगे की प्रक्रिया के लिए अपने सुझाव खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार को दे देती है।

इस पुरस्कार को पाने वाले पहले प्राप्तकर्ता चैस ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद थे, उन्हें यह पुरस्कार 1991-92 में अपने प्रदर्शन के लिए सम्मान के तौर पर दिया गया था। बाद में स्पॉट शूटर अभिनव बिंद्रा को यह पुरस्कार मिला और वे इस पुरस्कार को पाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाडी बने। आमतौर पर यह पुरस्कार 1 साल में केवल 1 व्यक्ति को ही दिया जाता है, हालांकि कुछ अपवाद किए जाते हैं, जब (1993–94, 2002, 2009, 2012, और 2016–17) इन सालों में 1 से ज्यादा लोगों को राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार दिया गया था।

राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के 2017 तक, 14 खेल विषयों में कुल 34 प्राप्तकर्ता रहे हैं – एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बिलियर्ड्स, मुक्केबाजी, शतरंज, क्रिकेट, फील्ड हॉकी, जिमनास्टिक, शूटिंग, स्नूकर, टेनिस, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग और यॉट रेसिंग। हाल ही में राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार को पाने वालों में पैरा एथलीट जेवलिन थ्रो वाले ‘देवेंद्र झज्हरिया’ और हॉकी ‘खिलाड़ी सरदार सिंह’ हैं।

नामांकन

राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए नामांकन सभी सरकारी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा किया जाता है, उनमें से कुछ संघ हैं- भारतीय ओलंपिक संघ, भारतीय खेल प्राधिकरण (SIA- Sports Authority of India), खेल संवर्धन और नियंत्रण बोर्ड, और राज्य और संघ शासित प्रदेश सरकारें। हर खेल के लिए ज्यादा से ज्यादा 2 खिलाडियों का नामांकन किया जा सकता है। क्रिकेट के लिए नामांकन SAI (Sports Authority of India) और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त होता है, सभी गैर-मान्यता प्राप्त या निलंबित राष्ट्रीय खेल संघों की ओर से भी नामांकन SAI और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ही देते है। राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के पिछले प्राप्तकर्ता भी किसी 1 खिलाडी का नामांकन कर सकते हैं, उसी खेल के लिए जिसमें उन्हें खुद यह पुरस्कार मिला हो।

सरकार योग्य मामलों में दो खिलाड़ियों को अपनी तरफ से नामांकित कर सकती है, अगर नामांकन करने वाले संघो ने उन खिलाडियों के लायक होने के बाद भी उनका नामांकन नहीं किया हो तो। किसी दिए गए वर्ष के लिए नामांकन 30 अप्रैल तक या अप्रैल के अंतिम कार्य दिवस तक ही स्वीकार किया जाता है।