राज रेड्डी की जीवनी | Raj Reddy Biography in Hindi

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राज रेड्डी एक भारतीय मूल के ‘अमेरिकी कम्प्यूटर वैज्ञानिक’ और ‘ट्यूरिंग अवॉर्ड’ के विजेता हैं। इन्होंने ही ‘कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय’ में रोबोटिक्स संस्थान की थी। राज रेड्डी ने भारत में ‘राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज एंड टेक्नोलॉजीज’ खोलने में मदद की, ताकि भारत के गरीब और काबिल लोगों को भी उच्च शिक्षा मिल सके। राज रेड्डी हैदराबाद के ‘इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी’ के अध्यक्ष भी हैं।

राज रेड्डी पहले एशियाई हैं, जिन्हें ए.सी.एम. ट्यूरिंग अवॉर्ड मिला है। इन्हें यह पुरस्कार सन् 1994 में मिला था, यह पुरस्कार कृत्रिम बुद्धि (Artificial Intelligence) में किए इनके काम के लिए दिया गया था, यह पुरस्कार कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है।

जीवन

राज रेड्डी का जन्म 13 जून 1937 को कटूर, चित्तूर जिला, मद्रास प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत में हुआ था। इनके पिता का नाम ‘श्रीनिवासुल रेड्डी’ था, वे एक किसान थे और उनकी माता का नाम ‘पिचम्मा’ था, जो एक गृहणी थी। राज रेड्डी अपने परिवार में पहले व्यक्ति थे, जो कॉलेज तक पहुंचे। सन् 1958 में राज रेड्डी ने सिविल इंजीनियरी में स्नातक की डिग्री मद्रास विश्वविद्यालय (अब अण्णा विश्वविद्यालय, चेन्नई) के इंजीनियरिंग कॉलेज, गिंडी से प्राप्त की। उसके बाद राज रेड्डी ऑस्ट्रेलिया चले गए, वहाँ उन्होंने सन् 1960 में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने सन् 1966 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की।

राज रेड्डी ने अपने शैक्षणिक करियर की शुरुआत 1966 में स्टैनफोर्ड में एक सहायक प्रोफेसर के तौर पर की थी। राज रेड्डी 1979 से 1991 तक ‘कार्नेगी मेलों विश्वविद्याल’ में रोबोटिक्स संस्थान के संस्थापक निदेशक थे। राज रेड्डी पिट्सबर्ग में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं और उनकी दो बेटियां श्यामला और गीता हैं, जो पश्चिम तट पर रहते हैं।

करियर

राज रेड्डी ‘मोज़ा बिंट नासर विश्वविद्यालय’ में कंप्यूटर विज्ञान और ‘कार्नेगी मेलों विश्वविद्यालय’ में रोबोटिक के प्रोफेसर हैं। राज रेड्डी ने ऑस्ट्रेलिया में 1960 से IBM के लिए काम करना शुरू किया। वे 1966 से 1969 तक स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक कंप्यूटर वैज्ञानिक के तौर पर काम करते रहे।

राज रेड्डी ने 1969 में ‘कार्नेगी मेलों विश्वविद्यालय’ में कंप्यूटर साइंस के सहयोगी प्रोफेसर के तौर पर काम करना शुरू किया। वे 1984 में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बने। राज रेड्डी 1979 से 1991 तक कार्नेगी मेलों विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स संस्थान के संस्थापक निदेशक रहे।

थे और 1991 से 1999 तक कंप्यूटर साइंस के स्कूल के डीन भी रहे। कंप्यूटर साइंस के स्कूल में डीन के तौर पर राज रेड्डी ने लैंग्वेज टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट, ह्यूमन कंप्यूटर इंटरेक्शन इंस्टिट्यूट, सेंटर फॉर ऑटोमेटेड लर्निंग एंड डिस्कवरी (मशीन लर्निंग डिपार्टमेंट), और ‘दा इंस्टिट्यूट फॉर सॉफ्टवेयर रिसर्च’ नामक इंस्टीट्यूट को बनवाने में सहायता की। राज रेड्डी IIT हैदराबाद की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष के साथ-साथ राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नोलॉजीज, भारत की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष और चांसलर हैं।