प्रधानमंत्री उज्जवला योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक बहुत ही महत्तवाकांक्षी योजना है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से की। इस योजना के अंतर्गत 3 करोड़ BPL परिवार की महिलाओं को मुफ्त LPG गैस कनेक्शन दिया गया।

योजना के अंतर्गत भारत सरकार अगले 3 साल में 5 करोड़ BPL परिवारों को मुफ्त में LPG गैस कनेक्शन उपलब्ध कराएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है, जो कि मुफ्त में LPG गैस कनेक्शन वितरित करके पूरा किया जा सकता है। योजना को लागू करने का एक मुख्य उद्देश्य यह भी है कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और उनकी सेहत में सुधार भी होगा।

वर्तमान में उपयोग में आने वाले अशुद्ध जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करना और शुद्ध ईंधन के उपयोग को बढ़ाकर प्रदूषण में कमी लाना भी योजना के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। जो बीमारियाँ खाना बनाने के लिए उपयोग में आने वाले अशुद्ध जीवाश्म ईंधन के जलने से होती है, उज्जवला योजना के लागू होने के बाद उनमें भी कमी आने की संभावना है। इस प्रकार यह योजना महिलाओं और बच्चों को स्वस्थ रखने में भी सहायक सिद्ध होगी।

BPL परिवार की महिलाओं को मुफ्त LPG गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए मंत्रिमंडल ने 8000 करोड़ रूपये की योजना को मंजूरी दी है। वित्त वर्ष 2016-2017 के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्री अरूण जेटली पहले ही 2000 करोड़ रूपए चिन्हित कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना वित्त वर्ष 2016-17 से लेकर 2018-19 तक 3 वर्ष के लिए चलायी जायेगी। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रह रहे परिवार जो कि गरीबी रेखा से नीचे हैं, उन्हें मुफ्त में LPG गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जायेगा। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन किया गया है।