प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना | Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana in Hindi

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15 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का शुभारंभ करते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा- “अगर देश के लोगों की क्षमता को समुचित और बदलते समय की आवश्यकता के अनुसार कौशल का प्रशिक्षण देकर निखारा जाता है, तो भारत के पास दुनिया के 4 से 5 करोड़ कार्यबल उपलब्ध करवाने की क्षमता होगी।” भारत के युवाओं में कौशल का विकास करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरूआत की है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विभिन्न कार्यों में सक्षम बनाकर देश में रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस योजना को Ministry of Skill Development & Entrepreneurship द्वारा नियंत्रित और नियमित किया जाता है। इस योजना के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। 23 मार्च 2017 तक युवाओं को कौशल ट्रेनिंग प्रदान करने के लिए देश भर में कुल 2150 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ट्रेनिंग केन्द्र संचालित हैं। इन ट्रेनिंग केन्द्रों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के विभिन्न अधिकृत ट्रेनिंग भागीदारों द्वारा संचालित किया जाता है।

इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं में आवश्यक कार्यकर्ताओं को देखते हुए प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं में जैसे मेक इन इण्डिया योजना, डिजिटल इण्डिया प्रोजेक्ट, स्वच्छ भारत अभियान आदि के अंतर्गत नौकरी दी जायेगी। इस योजना के अंतर्गत सरकार कम से कम 24 लाख युवाओं को विभिन्न तरह के तकनीकि क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना चाहती है, जिसका कुल शुल्क 15 हजार करोड़ रूपए का है। प्रशिक्षण समाप्त हो जाने के बाद प्रशिक्षित युवाओं को 8 हजार रूपए और कोर्स कम्पलीशन प्रमाण पत्र दिया जायेगा। यह प्रमाण पत्र सभी जगहों पर मान्य होगा।

देश के युवाओं में कई ऐसी प्रतिभाएं भी हैं, जो हैं तो कारगर परन्तु किसी वजह से लोगों तक नहीं पहुँच पा रहे और लोग उसका लाभ नहीं उठा पा रहे। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाला प्रमाण पत्र पूरे भारत में मान्य होगा। एक न्यूनतम शुल्क के साथ सरकार युवाओं को प्रशिक्षित कर ये प्रमाण पत्र देगी, जिसके आधार पर उन्हें निजी अथवा सरकारी क्षेत्रों में नौकरियाँ प्राप्त हो सकेंगी।