पिप्पली | Pippali ke Fayde | Benefits of Long Pepper in Hindi

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पिप्पली का वैज्ञानिक नाम पाइपर लोंगम (Piper longum) है

आयुर्वेद में पिप्पली के कच्चे फलों को औषधि के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पिप्पली की अधिकतर दो प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। बड़ी पिप्पली मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर से मँगवाई जाती है और छोटी पिप्पली भारत में अच्छी मात्रा में पैदा होती है।

पिप्पली के फायदे

  1. पिप्पली को पानी में पीसकर पेस्ट तैयार करें। उस तैयार पेस्ट को माथे पर लगाने से सिर दर्द में आराम मिलता है।
  2. पिप्पली का लगभग आधा ग्राम चूर्ण शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से मोटापा खत्म हो जाता है।
  3. पिप्पली चूर्ण में शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कोलेस्ट्राॅल सही बना रहता है और हृदय रोग में आराम मिलता है।
  4. पिप्पली में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले गुण पाये जाते हैं। तपेदिक (T.B.) और अन्य संक्रामक रोगों की चिकित्सा में इसका उपयोग बहुत ही गुणकारी है।
  5. 30 ग्राम पिप्पली फल का पेस्ट 50 मि.ली. घी में भूनकर, इसमें चीनी या शहद और गाय का कच्चा दूध मिलाकर सेवन करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile dysfunction) और शीघ्रपतन की परेशानी दूर हो जाती है।
  6. तीन पिप्पली का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से श्वास, खांसी, ज्वर और मलेरिया जैसे रोग ठीक हो जाते हैं।
  7. पिप्पली का चूर्ण दूध में उबालकर पीने से फ्लू ठीक हो जाता है।
  8. पिप्पली के पत्ते चबाने या पानी में उबालकर, इसका उबला हुआ पानी पीने से दस्त बन्द हो जाते हैं।
  9. बच्चों के दांत निकलते समय पिप्पली चूर्ण शहद में मिलाकर चटाने से दांत आसानी से निकलते है।
  10. स्त्रियों में मासिक धर्म Menstrual cycle) की समस्या होने पर पिप्पली और पिप्पली की जड़ डेढ़-डेढ़ ग्राम मिलाकर, उसका काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलता है।

पिप्पली के नुकसान

  1. शिशुओं को पिप्पली का सेवन नहीं कराना चाहिए।
  2. स्तनपान करा रही महिलाओं को इसका कम ही इस्तेमाल करना चाहिए।
  3. गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने से पहले डाॅक्टर से परार्मश अवश्य लेना चाहिए।