व्यक्तियों के कोट्स | Vyaktiyo Ke Quotes | Quotes of Individuals in Hindi

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व्यक्तियों के कोट्स प्रसिद्ध लेखकों और व्यक्तियों के महान विचारों और अनुभव के आधार पर हैं।

 व्यक्तियों के प्रमुख कोट्स:

“व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है। वह जो सोचता है, वही बन जाता है।” – Lord Mahavir
“आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है। अर्थात दुष्ट व्यक्ति का कितना भी सम्मान कर लें, वह सदा दुःख ही देता है।” – Chanakya
“एक हज़ार लोगों के प्यार के लिए भी किसी एक व्यक्ति की दुश्मनी मोल ना लें।” – Al Ghazali
“कोमल शब्द पत्थर दिलों को भी पिघला देते हैं और कठोर शब्द रेशम जैसे नर्म दिलों को भी कठोर बना देते हैं।” – Al Ghazali
“उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता।” – Swami Vivekananda
“आलसी व्यक्तियों के लिए भगवान अवतार नहीं लेते, वह मेहनती व्यक्तियों के लिए ही अवतरित होते हैं, इसलिए कार्य करना आरम्भ करें।” – Bal Gangadhar Tilak
“आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बिमारी को मारने के लिए सबसे बढ़िया दवाई है। ये आपको एक सफल व्यक्ति बनाती है।” – Abdul Kalam
“अगर आप अच्छे के लिए सोचते हो, लोग भी अच्छे मिलेंगे।” – Confucius
“बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।” – Dr Bhimrao Ambedkar
“जो लोग चतुराई से जीते हैं, उन लोगों को मौत से भी डरने की जरुरत नहीं है।” – Buddha
“कठिन परिस्थितयों में कुछ लोग टूट जाते हैं, तो कुछ लोग रिकॉर्ड बना देते हैं।” – Shiv Khera
“व्यसनी व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता।” – Chanakya
“मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।” – Chanakya
“दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं।” – Chanakya
“मूर्ख लोग कार्यों के मध्य कठिनाई उत्पन्न होने पर दोष ही निकाला करते हैं।” – Chanakya
“विचार ना करके कार्य करने वाले व्यक्ति को लक्ष्मी त्याग देती है।” – Chanakya
“व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं बल्कि उसके चरित्र से आंकी जाती है।” – Mahatma Gandhi
“इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये जरूरी है।” – Abdul Kalam
“आज्ञा देने की क्षमता प्राप्त करने से पहले प्रत्येक व्यक्ति को आज्ञा का पालन करना सीखना चाहिए।” – Swami Vivekananda
“दुनिया मज़ाक करे या तिरस्कार, उसकी परवाह किए बिना मनुष्य को अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए।” – Swami Vivekananda