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पंचतंत्र की कहानियां

एक स्थान पर जीर्णधन नाम का बनिये का लड़का रहता था। धन की खोज में उसने परदेश जाने का विचार किया। उसके घर में विशेष सम्पत्ति तो थी नहीं, केवल एक मन भर (40 किलो) वजन की लोहे की तराजू थी। उसे एक महाजन पास धरोहर रखकर वह विदेश...
किसी गाँव में एक साधू मंदिर पर रहता था और लोगों की सेवा करता था। उसे जो कुछ भिक्षा मांगकर मिलता, वह उसे मंदिर में साफ़-सफाई करने में उसका साथ देने वाले को दान कर देता था। उस मंदिर में एक चूहा भी रहता था, वह चूहा अक्सर उस...
जंगल में हिरन, कौआ, कछुआ और चूहे की गहरी मित्रता थी। एक बार जंगल में शिकारी आया और उस शिकारी ने हिरन को अपने जाल में फंसा लिया। अब बेचारा हिरन असहाय सा जाल में फंसा था। उसे लगा कि आज मेरी मृत्यु निश्चित है, इस डर से वह...
एक समय की बात है, गर्मियों के दिनों में एक चींटी बहुत प्यासी थी और वो अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश कर रही थी। इधर-उधर  पानी तलाश करने के बाद वह एक नदी के पास पहुंची, लेकिन पानी पीने के लिए वह सीधे नदी में नहीं...
एक गाँव में एक लड़की अपनी माँ के साथ रहती थी। वो लड़की मन की बहुत चंचल थी और अक्सर सपनों में खो जाया करती थी। एक दिन वो लड़की दूध से भरा वर्तन लेकर शहर जाने की सोच रही थी। उसने अपनी माँ से पूछा- “माँ, मैं शहर...
किसी राजा के राजमहल में एक बन्दर सेवक के रुप में रहता था। वह राजा का बहुत विश्वास-पात्र और भक्त था। अन्त:पुर (हरम) में भी वह बिना रोक-टोक जा सकता था। एक दिन जब राजा सो रहा था और बन्दर पंखा झल रहा था तो बन्दर ने देखा, एक...
एक जंगल में बरगद के पेड़ के नीचे बहुत से बगुले रहते थे। उसी पेड़ की जड़ में एक साँप भी रहता था। साँप बगुलों के छोटे-छोटो बच्चों को खा जाता था। साँप के द्वारा बार-बार बच्चों के खाये जाने पर बगुला बहुत ही उदास होकर नदी के किनारे...
दो मित्र धर्मबुद्धि और पापबुद्धि हिम्मत नगर में रहते थे। एक बार पापबुद्धि के मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं मित्र धर्मबुद्धि के साथ दूसरे देश जाकर धनोपार्जन करूँ। बाद में किसी न किसी कारण से उसका सारा धन ठग-हड़प कर सुख-चैन से पूरी जिंदगी जीऊंगा।...
एक जंगल में एक पेड़ पर गौरैया का घोंसला था। एक दिन बहुत जोर की ठंड पड़ रही थी। ठंड से कांपते हुए तीन-चार बंदर उसी पेड़ के नीचे आ कर रुक गये। एक बन्दर बोला- “कहीं से आग तापने को मिल जाये तो ठंड दूर हो सकती है।”...
वर्षों पहले हिमालय की किसी कन्दरा में एक बलवान सिंह रहा करता था। एक दिन वह भैंसे का शिकार करके अपनी गुफा को वापस लौट रहा था। तभी रस्ते में सिंह को एक कमजोर सा सियार मिला। सियार ने सिंह को लेटकर दण्डवत् प्रणाम किया। जब सिंह ने सियार...

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