जैसे को तैसा | Jaise Ko Taisa in Hindi

एक स्थान पर जीर्णधन नाम का बनिये का लड़का रहता था। धन की खोज में उसने परदेश जाने का विचार किया। उसके घर में विशेष सम्पत्ति तो थी नहीं, केवल एक मन भर (40 किलो) वजन की लोहे की तराजू थी। उसे एक महाजन पास धरोहर रखकर वह विदेश चला गया। विदेश से वापिस आने के बाद उसने महाजन से...

चूहा और साधू | Chuha Aur Sadhu in Hindi

किसी गाँव में एक साधू मंदिर पर रहता था और लोगों की सेवा करता था। उसे जो कुछ भिक्षा मांगकर मिलता, वह उसे मंदिर में साफ़-सफाई करने में उसका साथ देने वाले को दान कर देता था। उस मंदिर में एक चूहा भी रहता था, वह चूहा अक्सर उस साधु का रखा हुआ अन्न खा जाता था। साधु ने चूहे को...

चार मित्र और शिकारी | Char Mitra Aur Shikari in Hindi

जंगल में हिरन, कौआ, कछुआ और चूहे की गहरी मित्रता थी। एक बार जंगल में शिकारी आया और उस शिकारी ने हिरन को अपने जाल में फंसा लिया। अब बेचारा हिरन असहाय सा जाल में फंसा था। उसे लगा कि आज मेरी मृत्यु निश्चित है, इस डर से वह घबराने लगा। तभी उसके मित्र कौए ने ये सब देख लिया...

प्यासी चींटी और कबूतर | Pyasi Chiti Aur Kabootar in Hindi

एक समय की बात है, गर्मियों के दिनों में एक चींटी बहुत प्यासी थी और वो अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश कर रही थी। इधर-उधर  पानी तलाश करने के बाद वह एक नदी के पास पहुंची, लेकिन पानी पीने के लिए वह सीधे नदी में नहीं जा सकती थी। वह एक छोटे से पत्थर के ऊपर चढ़ गई...

दिन में सपने | Din mein Sapne in Hindi

एक गाँव में एक लड़की अपनी माँ के साथ रहती थी। वो लड़की मन की बहुत चंचल थी और अक्सर सपनों में खो जाया करती थी। एक दिन वो लड़की दूध से भरा वर्तन लेकर शहर जाने की सोच रही थी। उसने अपनी माँ से पूछा- “माँ, मैं शहर जा रही हूँ, क्या आपको कुछ मंगवाना है।” उसकी माँ ने कहा- “मुझे...

मूर्ख मित्र | Murkh Mitra in Hindi

किसी राजा के राजमहल में एक बन्दर सेवक के रुप में रहता था। वह राजा का बहुत विश्वास-पात्र और भक्त था। अन्त:पुर (हरम) में भी वह बिना रोक-टोक जा सकता था। एक दिन जब राजा सो रहा था और बन्दर पंखा झल रहा था तो बन्दर ने देखा, एक मक्खी बार-बार राजा की छाती पर बैठ जाती थी। पंखे...

मूर्ख बगुला और नेवला | Murkh Bagula aur Nevla in Hindi

एक जंगल में बरगद के पेड़ के नीचे बहुत से बगुले रहते थे। उसी पेड़ की जड़ में एक साँप भी रहता था। साँप बगुलों के छोटे-छोटो बच्चों को खा जाता था। साँप के द्वारा बार-बार बच्चों के खाये जाने पर बगुला बहुत ही उदास होकर नदी के किनारे आ बैठा और उसकी आँखों में आँसू भरे हुए थे।...

मित्र-द्रोह का फल | Mitra Droh Ka Fal in Hindi

दो मित्र धर्मबुद्धि और पापबुद्धि हिम्मत नगर में रहते थे। एक बार पापबुद्धि के मन में एक विचार आया कि क्यों न मैं मित्र धर्मबुद्धि के साथ दूसरे देश जाकर धनोपार्जन करूँ। बाद में किसी न किसी कारण से उसका सारा धन ठग-हड़प कर सुख-चैन से पूरी जिंदगी जीऊंगा। इसी नियति से...

चिड़िया और बन्दर | Chidiya Aur Bandar in Hindi

एक जंगल में एक पेड़ पर गौरैया का घोंसला था। एक दिन बहुत जोर की ठंड पड़ रही थी। ठंड से कांपते हुए तीन-चार बंदर उसी पेड़ के नीचे आ कर रुक गये। एक बन्दर बोला- “कहीं से आग तापने को मिल जाये तो ठंड दूर हो सकती है।” दूसरे बन्दर ने सलाह दी- “देखो यहाँ कितनी पत्तियां गिरी पडी...

सिंह और सियार | Singh Aur Siyar in Hindi

वर्षों पहले हिमालय की किसी कन्दरा में एक बलवान सिंह रहा करता था। एक दिन वह भैंसे का शिकार करके अपनी गुफा को वापस लौट रहा था। तभी रस्ते में सिंह को एक कमजोर सा सियार मिला। सियार ने सिंह को लेटकर दण्डवत् प्रणाम किया। जब सिंह ने सियार से ऐसा करने का कारण पूछा तो उसने...

गौरैया और हाथी | Gauraiya Aur Hathi in Hindi

किसी पेड़ पर एक गौरैया अपने पति के साथ रहती थी। वह अपने घोंसले में अंडों से चूजों के निकलने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। एक दिन की बात है गौरैया अपने अंडों के साथ सो रही थी और उसका पति हर रोज की तरह भोजन का इंतजाम करने लिए बाहर गया हुआ था। तभी वहां एक गुस्सावर हाथी...

तीन मछलियों की कथा | Teen Machhliyon Ki Katha in Hindi

एक नदी के किनारे उसी नदी से जुड़ा एक बड़ा तालाब था। उस तालाब में मछलियों का प्रिय भोजन काई तथा जलीय सूक्ष्म पौधे उगते थे। ऐसे स्थान मछलियों को बेहद पसंन्द आते हैं। उस तालाब में नदी से बहुत सी मछलियां आकर रहती थीं। वह तालाब लम्बी घास व झाडियों द्वारा घिरा होने के कारण...

मुर्ख बातूनी कछुआ | Murkh Batuni Kachuya in Hindi

एक तालाब में कम्बुग्रीव नामक एक कछुआ रहता था। उसी तालाब में दो हंस तैरने के लिए आते थे। हंस बहुत हसमुख और मिलनसार थे। हंसो और कछुए दोनों में दोस्ती हो गई। हंसो को कछुए का धीरे-धीरे चलना और सीधापन बहुत पसंन्द आया, हंस बहुत ज्ञानी थे। हंस तो हर रोज दूर-दूर तक घूमकर आते...

टिटिहरी का जोड़ा और समुद्र का अभिमान | Titihari Ka Joda Aur Samudra Ka Abhiman in Hindi

समुद्र के किनारे एक भाग में एक टिटिहरी का जोड़ा रहता था। टिटिहरी ने अंडे देने से पहले अपने पति टिटिहरे को सुरक्षित स्थान खोजने के लिये कहा। टिटिहरे ने कहा- “यहाँ सभी स्थान पर्याप्त सुरक्षित हैं, तू चिंता मत कर।” टिटिहरी बोली- “जब समुद्र में ज्वार आता है, उसकी लहरें...

शेर, ऊंट, सियार और कौवा | Sher Unt Siyar Aur Kauwa in Hindi

किसी वन में मदोत्कत नाम का शेर निवास करता था। बाघ, कौआ और सियार, ये तीन उसके नौकर थे। एक दिन उन्होंने एक ऐसे ऊंट को देखा, जो अपने गिरोह से भटक कर उनकी ओर आ गया था। उसको देखकर शेर  कहने लगा- “अरे वाह यह अजीव जीव है, जाकर पता लगाओ कि यह वन्य प्राणी है या ग्राम्य...

नीले सियार की कहानी | Neele Siyar Ki Kahani in Hindi

एक बार की बात है। एक सियार जंगल में एक पुराने पेड़ के नीचे खड़ा था। पूरा पेड़ तेज हवा के झोंके से गिर पड़ा, सियार उसकी चपेट में आ गया और बुरी तरह से घायल हो गया। वह किसी तरह खिसकता-खिसकता अपने घर तक पहुंचा। कई दिन बाद वह घर से बाहर निकला उसे भूख लग रही थी। शरीर कमजोर हो...

खटमल और बेचारी जूं | Khatmal Aur Bechari Ju in Hindi

एक राजा के आराम करने के कमरे में मंदरीसर्पिणी नाम की जूं ने डेरा डाल रखा था। हर रोज रात में राजा सो जाता तो जूं चुपके से अपने स्थान से बाहर निकलती और राजा का खून चूसकर फिर वापस अपने स्थान पर आ छिपती। संयोग से एक दिन अग्निमुख नाम का एक खटमल भी राजा के कमरे में आ...

चुतुर खरगोश और शेर | Chatur Khargosh Aur Sher in Hindi

किसी घने जंगल में एक शेर रहता था। वह रोज शिकार पर निकलता और एक ही दिन में कई-कई जानवरों का शिकार कर देता। जंगल के जानवर डरने लगे कि अगर शेर इसी तरह शिकार करता रहा तो एक दिन ऐसा आयेगा कि जंगल में कोई भी जानवर नहीं बचेगा। सारे जंगल में सनसनी फैल गई। शेर को रोकने के लिये...

बगुला भगत और केकड़ा | Bagula Bhagat Aur Kekda in Hindi

एक वन प्रदेश में एक बहुत बड़ा तालाब था। हर प्रकार के जीवों के लिए उसमें भोजन सामग्री होने के कारण वहां अनेक प्रकार के जीव, पक्षी, मछलियाँ, कछुए और केकडे आदि निवास करते थे। पास में बगुला रहता था, जिसे मेहनत करना बिल्कुल पसंद नही था। उसकी आँखें भी कुछ कमज़ोर थी। बगुला...

दुष्ट सर्प और कौवे | Dusht Sarp Aur Kauwa in Hindi

एक जंगल में बहुत ही पुराना एक बरगद का पेड़ था। उस पेड़ पर एक कौआ-कव्वी का जोडा घोंसला बनाकर रहता था। उसी पेड़ के खोखले तने में कहीं से आकर एक दुष्ट सर्प रहने लगा। हर वर्ष मौसम आने पर कव्वी घोंसले में अंडे देती और दुष्ट सर्प मौक़ा पाकर उनके घोंसले में जाकर अंडे खा...