पाकिस्तान में हुई दोबारा चुनाव की मांग

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पाकिस्तान में चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक उथल-पुथल नहीं थम रही है। चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के बीच राजनीतिक दलों ने चुनाव के परिणाम को खारिज कर दिया है। इन दलों ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
आपको बता दें कि इस्लामाबाद में हुई विपक्षी राजनीतिक दलों की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी PMN (N) भी शामिल थी। चुनाव में तीसरे नंबर पर रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इन राजनीतिक दलों का कहना है कि वे नए सिरे से दोबारा चुनाव कराने की मांग उठाएंगे। दूसरी तरफ अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी ‘तहरीक-ए-इंसाफ’ की जीत पर शंका व्यक्त की है।

शाहबाज शरीफ विपक्षी राजनीतिक दलों की बैठक में हुए शामिल

इस बैठक में शाहबाज शरीफ, जो पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं, भी शामिल हुए। शाहबाज शरीफ ने कहा कि उनकी पार्टी PMN (N) ने अभी तक यह फैसला नहीं किया है कि वे संसद का बहिष्कार करेंगे या नहीं। इससे पहले पार्टी ने कहा था कि वे विपक्ष में बैठने को तैयार है।
मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमाल (MMA) पार्टी के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे दोबारा चुनाव कराने के लिए अभियान चलाएंगे और विरोध प्रदर्शन भी करेंगे। फजलुर रहमान ने आगे बताया कि वे इस चुनाव को  सिरे से  खारिज करते हैं, क्योंकि यह लोगों का सच्चा जनादेश नहीं है।

तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को मिली सबसे अधिक सीटें

25 जुलाई को हुए आम चुनाव के परिणाम से कई राजनीतिक विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है।
चुनाव में क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी PMN (N) दूसरे नंबर पर रही। चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद 12 से अधिक राजनीतिक दलों ने संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की जीत पर कई सवाल उठाए गए। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना की मदद से इमरान खान को जिताया गया है।

किसी के पास बहुतम नहीं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए 137 सीटों के बहुमत की जरूरत होती है। इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को 115 सीटें मिली हैं। तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी है, लेकिन वो बहुमत के आंकड़े से दूर है। ऐसे में इमरान खान को गठबंधन सरकार बनानी होगी। विपक्षी दलों के इस मोर्चाबंदी से इमरान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

अमेरिका ने चुनाव के परिणाम पर चिंता जताई

अमेरिका ने पाकिस्तान के आम चुनाव के संबंध में चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पूर्व मतदान हुई चुनावी प्रक्रिया में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए हैं। अमेरिका ने मतदान पूर्व हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की, जिसने चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया।
शुक्रवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान चुनावों में हुई कथित हेरा-फेरी पर भी चिंता व्यक्त की। पाकिस्तान में ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’ चुनावों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा- “अमेरिका दक्षिण-एशिया में सुरक्षा और स्थिरता के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में नई सरकार के साथ काम करने की उम्मीद कर रहा है।”