जायफल

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जायफल का वैज्ञाानिक नाम मिरिस्टिका फ्रैगरैंस (Myristica fragrans) है। जायफल सुगंधित और स्वाद में मीठा होता है। अधिकतर लोग जायफल और जावित्री को एक चीज मानते हैं, पर ये दोनों अलग-अलग हैं। जायफल और जावित्री एक ही पेड़ से निकलते हैं। जायफल बीज होता है और इसके ऊपर के छिलके को जावित्री कहते है। आयुर्वेद में जायफल का बहुत अधिक महत्तव है। जायफल तेल का इस्तेमाल काॅस्मेटिक और कई प्रकार की दवाओं में किया जाता है।

जायफल के फायदे

  1. रात को सोते समय गर्म दूध में जायफल का पाउडर मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है और अनिद्रा की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  2. जायफल का पाउडर चाय या दूध में मिलाकर पीने से कामेच्छा अच्छी रहती है और शरीर को आराम मिलता है।
  3. जायफल के उपयोग से हमारा पाचन तंत्र ठीक बना रहता है।
  4. जायफल का तेल दाँत दर्द में बहुत ही लाभकारी होता है।
  5. जायफल के उपयोग से दिमाग तेज होता है और यादाश्त भी अच्छी रहती है।
  6. जायफल को घिसकर लेप बनाकर, आँखों की पलकों पर चारों तरफ लगाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।
  7. जायफल के उपयोग से गले के विकार दूर हो जाते हैं और आवाज की गुणवत्ता में सुधार आता है।
  8. सिरदर्द और जोड़ों में दर्द वाले स्थान पर जायफल पेस्ट लगाने से आराम मिलता है।
  9. जायफल का उपयोग 9 महीनों से ऊपर के बच्चों में ठंड और खाँसी से बचने के लिए किया जाता है।
  10. जायफल पाउडर पानी या दूध में मिलाकर, पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से दाने और मुँहासे के निशान ठीक हो जाते हैं।

जायफल के नुकसान

  1. जायफल के अधिक सेवन से घबराहट, नसों में कमजोरी, हाइपोथर्मिया, चक्कर आना और उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है।

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