कलौंजी का वैज्ञाानिक नाम निगेल्ला सटिवा (Nigella sativa) है। कलौंजी में आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर जैसे बहुत सारे मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लगभग 15 एमीनो एसिड वाला कलौंजी शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन की कमी को पूरा करता है। कलौंजी एक अच्छा एंटी-आॅक्सीडेंट है, जो कोलेस्ट्राॅल के खिलाफ उपयोगी होता है।

कलौंजी के फायदे

  1. कलौंजी का उपयोग मुँहासे, फोड़े-फुंसी, चेहरे के दाग-धब्बे को दूर करने के लिए किया जाता है।
  2. कलौंजी के तेल से रोजाना सिर की मालिश करने से बालों की जड़ मजबूत बनती हैं।
  3. कलौंजी में मौजूद एंटी-आॅक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण बालों को झड़ने से रोकते हैं।
  4. कलौंजी का उपयोग याददाश्त शक्ति, एकाग्रता और सतर्कता को बढ़ाने में किया जाता है।
  5. कलौंजी हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है। एक चम्मच बकरी के दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर रोजाना 1 हफ्ते तक पीने से हृदय मजबूत बनता है।
  6. कलौंजी के उपयोग से ब्लड कैंसर, आँत और गले के कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
  7. मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए कलौंजी का उपयोग करना बहुत ही लाभदायक है।
  8. कलौंजी का तेल आँखों की रोशनी को बढ़ाने के साथ-साथ मोतियाबिंद जैसे रोग को भी ठीक करने में सक्षम है।
  9. आधा चम्मच कलौंजी तेल और दो चम्मच शहद के मिश्रण को गुनगुने पानी के साथ एक दिन में तीन बार लेने से मोटापा कम हो जाता है।

कलौंजी के नुकसान

  1. पित्त दोष वाले व्यक्ति, जिन्हें गर्मी और तीखापन सहन नहीं होता, उनको कलौंजी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. कलौंजी के सेवन से अमाशय में जलन की संभावना बन सकती है।
  3. जिन महिलाओं को मासिक धर्म बहुत ज्यादा होते हैं, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  4. उच्च रक्तचाप की दवा खाने वाले व्यक्तियों को कलौंजी का सेवन करने में सावधानी बरतनी चाहिए।