नेपोटिज्म शब्द का प्रचलन इटली से हुआ था यह एक लैटिन शब्द Nephos से आया है Nephos अर्थात Nephew.इस
शब्द का अंग्रेजी अर्थ होता है भतीजा यानी भाई का बेटा । इटली के चर्च में पादरी को अपनी जगह छोड़कर नए व्यक्ति
का चुनाव करना होता था, तो लोग अधिकतर अपने भतीजे को ही चुनते थे, क्योंकि पादरी होने के कारण उनकी अपनी
कोई संतान नहीं होती थी। वहीं से या शब्द नेपोटिज्म काफी प्रचलन में आया और सामान्य बोलचाल की भाषा में यह
उपयोग होने लगा।

नेपोटिज्म का मतलब | Nepotism Meaning in Hindi


नेपोटिज्म का मतलब उस स्थिति से होता है जिसमें अपने परिवार या करीबी को ज्यादा महत्व देकर उन्हें नौकरी या कोई
दूसरा फायदा कराया जाता है जिसमें काबिलियत या योग्यता से ज्यादा रिश्ते को आधार मान लिया जाता है।
सरल शब्दों में नेपोटिज्म का मतलब पक्षपात या भाई- भतीजावाद भी कहा जाता है। जहां अपने परिवार के लोगों को
प्राथमिकता देना चाहे वे योग्य हो या नहीं अपने अधिकारों या प्रभावों से अपने परिवार के सदस्यों या अपने करीबियों का
अनुचित लाभ कराना।

अक्सर देखा जाता है की कई बार राजनीतिक पार्टी या किसी फिल्म इंडस्ट्री में उच्च पद पर आसीन लोगो के परिवार के
बाद आने वाले उनके बच्चे या अगली पीढ़ी उनकी वजह से अपना हक जताने लगते हैं। कहीं पर कोई परिणाम या पुरस्कार
अवार्ड दिए जाते है तो नेपोटिज्म के कारण सारा श्रेय किसी और को मिल जाता है बजाए जो सही हकदार है उनके। अगर
योग्य व्यक्ति को उसकी परिश्रम और योग्यता का पुरस्कार ना मिले वहां उस पक्षपात को नेपोटिज्म कहां जाएगा।
कुछ क्षेत्रों में नेपोटिज्म का बहुत अधिक प्रभाव देखा जाता है।


राजनीति में नेपोटिज्म का बहुत अधिक प्रभाव देखने को मिलता है, राजनीति के क्षेत्र में नेपोटिज्म का प्रभाव बहुत ही
पुराने समय से चला आ रहा है। इस क्षेत्र में कुछ पद पर आसीन व्यक्ति अपने बाद अपने ही परिवार के किसी सदस्य या
अपने किसी बहुत करीबी को ही देखना चाहते रहे हैं ताकि सत्ता उनके परिवार में ही कायम रहे इस विचारधारा में खो
कर वे यह नहीं देखते की उनके बाद सत्ता के पद पर आने वाला व्यक्ति उस पद तथा उसकी जिम्मेदारियों के काबिल है या
नहीं।


फिल्मी क्षेत्र में भी नेपोटिज्म के प्रभाव को साफ साफ देखा गया है इस फिल्मी दुनिया में शुरुआत में कुछ लोगों ने अपनी
कठोर मेहनत तथा योग्यता के आधार पर अपना एक अलग मुकाम बनाया है। कई फिल्मी हस्तियों ने अपने काम और
सफल अभिनय से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में अपना और भारत का नाम रोशन किया है। अब जब उनकी
अगली पीढ़ी अभिनय के क्षेत्र में आना चाहती है तो वह उन्हें अपने संबंधों तथा सफलता के अधिकार का उपयोग करके
आसानी से अभिनय करने का मौका दूसरे सभी कलाकारों से पहले दिलवा देते है यह देखें समझे बिना की उनकी अगली
पीढ़ी में उनकी तरह ही अभिनय की समझ तथा हुनर है या नहीं। इस कोशिश में कई बहुत अच्छे कलाकारो को मौका ही
नहीं मिल पाता की वे अपने अभिनय की योग्यता को दुनिया के सामने ला पाएं। और इस तरह दर्शक भी अच्छा अभिनय
देखने से वंचित हो जाते हैं। कई कलाकार इस उपेक्षा और अनदेखी को सहन नहीं कर पाते और अवसाद से ग्रस्त हो जाते
हैं इसी अवसाद के बड़ जाने से वे कुछ गलत निर्णय ले बैठते हैं जैसे खुदकुशी या आत्महत्या। यह बहुत ही गंभीर समस्या है
जिसकी वजह से कई प्रतिभाशाली कलाकारों को हम खो चुके हैं तथा आगे आने वाले समय में नेपोटिज्म को खत्म नहीं
किया गया तो हम कई प्रतिभाशाली कलाकारों को खो बैठेंगे।

व्यवसाय और नौकरी के क्षेत्रों में भी नेपोटिज्म देखा जाता है। किसी मेहनती एवं प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा बनाया हुआ
अपना सफल व्यवसाय अपनी अगली पीढ़ी को मात्र नेपोटिज्म की वजह से सौप देना बिना उनकी योग्यता को समझे एक
बहुत ही गलत निर्णय हो सकता है । पहले उन्हें अपनी अगली पीढ़ी को उस जिम्मेदारी के लिए तैयार करना उन्हें
परखना जरूरी है। जब वे काबिल हो तभी उन्हें अपना व्यवसाय सपना सही है ना कि मात्र नेपोटिज्म की वजह से।
नौकरी के क्षेत्र में भी नेपोटिज्म की वजह से बहुत से गलत निर्णय के बहुत गलत परिणाम देखने को मिलते हैं, उच्च पद पर
बैठा हुआ व्यक्ति अपने अधिकारों का अनुचित प्रयोग करके अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए बिना उनके
योग्यता देखें किसी ऐसे पद की जिम्मेदारी दे दी जाती है जो वे नहीं निभा सकते इस वजह से व्यवसाय एवं काम की जगह
पर साथ काम कर रहे योग्य लोगों पर भी बुरा असर पड़ता है।


नेपोटिज्म एक बहुत ही गंभीर समस्या है जिससे जड़ से मिटाना बहुत ही जरूरी है।