नैना लाल किदवई की जीवनी | Naina Lal Kidwai Biography in Hindi

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परिचय

नैना लाल किदवई एक वरिष्ठ भारतीय बैंक कर्मचारी हैं और वर्तमान में HSBC (Hongkong and Shanghai Banking Corporation) बैंक की भारतीय शाखा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्हें सन 2000 से 2003 तक विश्व की सर्वोच्य 50 कॉरपोरेट महिलाओं की श्रेणी में मशहूर उद्योग पत्रिका ‘फोर्ब्स’ शामिल कर चुकी है। फार्च्यून की ‘ग्लोबल लिस्ट ऑफ टॉप वुमेन’ में भी वह शामिल रह चुकी हैं। इसके अलावा ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ इन्हें सन 2006 में ग्लोबल वुमेन लिस्ट में शामिल कर चुका है और भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया है। नैना लाल किदवई हावर्ड बिजनेस स्कूल से MBA करने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

शुरूआती जीवन

नैना लाल किदवई का जन्म सन 1957 में दिल्ली में पंजाबी खत्री समुदाय के एक हिन्दू परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम ‘सुरिंदर लाल’ था। इनकी शुरूआती पढ़ाई हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर से हुई तथा इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से MBA किया। नैना लाल किदवई हावर्ड बिजनेस स्कूल से MBA करने वाली पहली भारतीय महिला हैं। वह भारत में किसी विदेशी बैंक का निर्देशन करने वाली पहली महिला हैं। वह एक योग्य ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट’ और CAG (Comptroller and Auditor General) के ऑडिट एडवाइजरी बोर्ड में भी रह चुकी हैं।

करियर

सन 1982 से लेकर सन 1994 तक उन्होंने ‘एएनज़ेड ग्रिंडलेज’ में कार्य किया, जहाँ नैना लाल किदवई ने ‘इन्वेस्टमेंट बैंक’, ‘ग्लोबल NRI सर्विसेज’ और रिटेल बैंकिंग, (पश्चिमी भारत) के प्रमुख के तौर पर कार्य किया। सन 1994 से लेकर 2002 तक उन्होंने ‘मोर्गन स्टेनले’ और ‘जे एम मोर्गन स्टेनले’ में ‘इन्वेस्टमेंट बैंकिंग’ के प्रमुख के तौर पर कार्य किया। सन 1982 से लेकर 1994 तक उन्होंने स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक में भी कार्य किया और 1984 से 1991 तक ‘रिटेल बैंकिंग’ में मुख्य प्रबंधक रहीं। सन 1989 से 1991 तक नैना लाल किदवई ने ‘इन्वेस्टमेंट बैंक इंडिया’ में मुख्य प्रबंधक और प्रमुख के तौर पर कार्य किया। सन 1987 से 1989 तक वो ‘इन्वेस्टमेंट बैंक’ के उत्तर भारत का प्रबंधक रहीं। उन्होंने ‘प्राइस वाटरहॉउस कूपर्स’ में भी सन 1977 से 1980 तक कार्य किया। इस प्रकार धीरे-धीरे नैना लाल किदवई सफलता का पायदान चढ़ती रहीं।

इसके बाद वो HSBC से जुडीं और इनवैस्टमेंट बैंक को शिखर तक पहुंचाया। अपने मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर नैना लाल किदवई HSBC बैंक में एक के बाद एक नए मुकाम हासिल करती रहीं। ‘न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज’ पर मशहूर भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी ‘विप्रो’ की लिस्टिंग में भी उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने भारत के दो प्रसिद्ध औद्योगिक घरानों टाटा और बिडला के बीच समझौता कराकर संपूर्ण भारत में मोबाइल फ़ोन सेवा के प्रसार में अहम योगदान दिया।

व्यक्तिगत जीवन

नैना लाल किदवई के पिता एक बीमा कंपनी के CEO (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) थे और उनकी माँ उद्योगपति ‘ललित मोहन थापर’ की बहन थीं। नैना लाल किदवई के पति ‘राशिद किदवई’ हैं, जो ‘ग्रासरूट ट्रेडिंग नेटवर्क फॉर वीमेन’ नामक एक NGO (Non-Governmental Organization) चलाते हैं। उन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी संगीत का बहुत शौक है और ट्रेकिंग के लिए हिमालय पर जाना पसंद करती हैं।

अवार्ड एवं सम्मान

  • सन 2000 से 2003 तक उन्हें प्रसिद्ध पत्रिका ‘फोर्ब्स’ ने विश्व की सर्वोच्य 50 कॉरपोरेट महिलाओं में शामिल किया।
  • फार्च्यून ने ‘ग्लोबल लिस्ट ऑफ टॉप वुमेन’ में शामिल किया।
  • उन्हें एशिया की तीसरी बिजनेस विमन का खिताब ‘फोर्च्यून पत्रिका’ ने दिया।
  • सन 2006 में उन्हें ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने ग्लोबल वुमेन लिस्ट में शामिल किया किया।
  • भारत सरकार द्वरा उन्हें सन 2007 में ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया।
  • सन 2012 में उन्हें फिक्की (फैडरेशन औफ इंडियन चैंबर्स औफ कौमर्स ऐंड इंडस्ट्री) का अध्यक्ष चुना गया।
  • उन्हें बैंकिंग में उत्कृष्टता के लिए ऑल लेडीज़ लीग की दिल्ली वूमन ऑफ़ द डिकेड अचीवर्स अवार्ड 2013 भी मिला है।