एन. चंद्रबाबू नायडू की जीवनी | N. Chandrababu Naidu Biography in Hindi

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परिचय

नारा चंद्रबाबू नायडू को लोग ‘एन. चंद्रबाबू नायडू’ के नाम से भी जानते हैं। एन. चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद, आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने और सन 2014 से इस पद पर आसीन हैं। उन्होंने सन 1994 से लेकर सन 2004 तक संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य किया है। वर्तमान में एन. चंद्रबाबू नायडू TDP (Telugu Desam Party) के अध्यक्ष हैं।

सन 2014 के विधानसभा चुनावों में एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपनी पार्टी को बेहतरीन जीत दिलाने में पार्टी का नेतृत्व किया था, क्योंकि उनकी पार्टी TDP 175 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही थी। लोकसभा चुनाव में भी TDP-BJP (Bharatiya Janata Party) पार्टी गठबंधन के साथ क्षेत्र में सबसे अधिक मतों की गणना के साथ उभर कर सामने आई थी।

जन्म एवं शिक्षा

एन. चंद्रबाबू नायडू का जन्म आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के चित्तूर जिले में 20 अप्रैल 1950 को एक किसान परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम ‘एन. खर्जुरा नायडू’ तथा इनकी माता का नाम ‘अम्मानम्मा’ था। एन. चंद्रबाबू नायडू ने शेशापुरम ग्राम पंचायत और चंद्रगिरी विद्यालयों में पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने तिरुपति के एस.वी. आर्ट्स कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की और बाद में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। एन. चंद्रबाबू नायडू अपने कॉलेज के दिनों से ही सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करने लगे थे।

राजनैतिक जीवन

एन. चंद्रबाबू नायडू को स्थानीय युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनने का मौका मिला था। उनके राजनैतिक जीवन में निर्णायक मोड़ तब आया, जब उन्होंने सन 1978 में होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। एन. चंद्रबाबू नायडू न केवल 28 वर्ष की आयु में विधायक बने, बल्कि वे MP (Member of Parliament) मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र के मंत्री बने।

सन 1994 में राज्य में अपने शासनकाल के समय एन. चंद्रबाबू नायडू ने कार्यशीलता की एक प्रबंधकीय शैली के साथ खुद तकनीकी समझ रखने वाले मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य किया। एन. चंद्रबाबू नायडू राज्य के लिए विजन 2020 के साथ आए और उन्होंने ऐलान किया कि उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के बजाय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर जाना जाए।

एन. चंद्रबाबू नायडू के दृष्टिकोण के आलेख के मुताबिक, 2020 तक आंध्र प्रदेश एक नव-परिवर्तित राज्य होगा और इस परिवर्तन में सूचना प्रौद्योगिकी एक अहम भूमिका निभाएगी। विशेष रूप से उसमें एन. चंद्रबाबू नायडू ने हैदराबाद को सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र में तब्दील करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई थी। इन योजनाओं में से कई योजनाओं को उन्होंने, 8 वर्षों में मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होते हुए लागू किया। एन. चंद्रबाबू नायडू की छवि एक CEO की है और वे अपने कार्यालय में कंप्यूटरों से डेटा विश्लेषण और उसके अनुसार काम करते हैं।

सन 1999 के विधानसभा चुनावों में एन. चंद्रबाबू नायडू ने TDP गठबंधन के साथ 185 सीटों पर जीत हासिल करके अपनी पार्टी की जीत का नेतृत्व किया। सन 2004 में उनकी पार्टी को एक बड़ा झटका तब लगा था, जब वह केवल 49 सीटों पर ही जीत हासिल करने में कामयाब हो पाए थे। एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपनी पार्टी का फिर से गठन करने और मंच पर वापसी करने के लिए शपथ ली। TDP ने सन 2009 के विधानसभा चुनावों में अपना बेहतर प्रदर्शन किया और कांग्रेस ने राज्य में सत्ता को बरकरार रखा, लेकिन सन 2014 के चुनावों में एन. चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा के साथ गठबंधन करके सत्ता में वापसी की थी।