हाथ पतली आकृतियों और जाल से बहुत ही कलात्मक लगते हैं। यह आकृति आपकी कुहनियों की ओर जाती हैं और इसमें मुख्य रूप से मोर, घेरे और फूलों की पत्तियों का प्रयोग किया जाता है। इस मेंहदी आकृति में दोनों हाथों में उचित समानता होती है और इसमें राजस्थानी युग की झलक साफ दिखायी पड़ती है।