महबूबा मुफ़्ती की जीवनी | Mehbooba Mufti Biography in Hindi

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महबूबा मुफ़्ती एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा जम्मू और कश्मीर की 13वीं और एक महिला के रूप में राज्य की पहली मुख्यमंत्री हैं। महबूबा मुफ्ती से पहले सन 1980 में ‘सैयदा अनवरा तैमूर’ असम राज्य की पहली मुस्लिम मुख्यमंत्री बनी थीं। इस प्रकार वे देश के किसी राज्य की दूसरी मुस्लिम मुख्यमंत्री हैं।

महबूबा मुफ़्ती का जन्म 22 मई 1959 को बिजबेहारा के अनंतनाग ज़िले में हुआ था। इनके पिता का नाम ‘मोहम्मद मुफ़्ती सैयद’ तथा इनकी माता का नाम ‘गुलशन नज़ीर’ हैं। महबूबा मुफ़्ती ने कश्मीर यूनिवर्सिटी से अपनी LLB की डिग्री प्राप्त की। सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनने से पहले इन्होंने अपने पति से तलाक लिया।

महबूबा मुफ़्ती ने 4 अप्रैल 2016 को जम्मू और कश्मीर के 13वें मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली। शपथ लेने के साथ ही महबूबा मुफ़्ती जम्मू और कश्मीर में सरकार का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बन गई और भारत के किसी राज्य की दूसरी मुस्लिम महिला मुख्यमंत्री बनीं। महबूबा मुफ़्ती सन 1996 से 1999 तक कांग्रेस विधायक दल जम्मू और कश्मीर विधान सभा की जानी मानी नेता रही। सन 1996 से 1999 और 2002 से 2004 तक 2 बार जम्मू कश्मीर विधान सभा सदस्य रही। जब महबूबा मुफ़्ती ने कांग्रेस की सीट के लिए जम्मू और कश्मीर के बिजबेहरा विधान सभा में अपनी जीत सुनिश्चित की। इसी कारण असेंबली में 5 साल तक फारुक अब्दुल्ला के समय यह विपक्ष का नेतृत्व करती नजर आई।

महबूबा मुफ़्ती पहली महिला हैं जो जम्मू-कश्मीर से एक सक्रिय राजनीति का हिस्सा हैं और साथ ही एक बहुप्रसिद्ध चेहरा भी हैं। इनकी राजनितिक शुरुआत कांग्रेस पार्टी से हुई, लेकिन आपसी मतभेद के कारण इनके पिता ने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया और जम्मू कश्मीर पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन किया। तब वर्ष 1999 में इन्होंने कांग्रेस से अपनी विधानसभा सीट के लिए त्यागपत्र दे दिया और जम्मू कश्मीर पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी की उपाध्यक्ष बनाई गई। सन 1999 में इन्होंने श्रीनगर से अपना संसदीय चुनाव उमर अब्दुला के खिलाफ लड़ा, लेकिन इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन सन 2002 के राज्यसभा चुनाव में पहलगाम सीट पर अहमद मीर के खिलाफ दक्षिण कश्मीर में अपनी जीत दर्ज की।

महबूबा मुफ़्ती सन 2004 में 14वीं लोकसभा के लिये नियुक्त की गई, सन 2009 में जम्मू कश्मीर पीपल डोमेक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष चुनी गई। महबूबा मुफ़्ती ने सन 2014 में हुए चुनावों में अगले 5 साल के कार्यकाल के लिए अनंतनाग-पुलवामा सीट जीती, जिसमें उन्होंने 44 हजार 735 वोटों के अंतर के साथ नेशनल कांफ्रेंस के ‘मिर्जा महबूब बेग’ को हराया। जम्मू और कश्मीर राजनीतिक मौसम में तब बदलाव हुआ जब ‘उमर अब्दुल्ला’ सरकार द्वारा राज्य में बाढ़ की वजह से हाल ही में तबाही के कथित कुप्रबंधन की पृष्ठभूमि तैयार हुई, जिसका मोहम्मद मुफ़्ती सैयद की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने जमकर फायदा उठाया और आगामी चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में बंधकर अपनी पार्टी को जीत दिलाई और मुख्यमंत्री पद हासिल किया। पार्टी ने सन 2014 के आम चुनावों में 6 लोकसभा सीटों में से 3 पर जीत हासिल दर्ज की। 7 जनवरी 2016 को रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद महबूबा मुफ़्ती ने पीडीपी की बागडोर संभाली और भाजपा के साथ गठबंधन कर रियासत में सरकार बनाई। महबूबा मुफ़्ती अपनी कट्टर राजनैतिक व्यवहार के लिये जानी जाती हैं।