ममता बनर्जी की जीवनी | Mamata Banerjee Biography in Hindi

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परिचय

ममता बनर्जी बंगाली मूल की एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जिन्हें ‘दीदी’ के नाम से भी जाना जाता है। ममता बनर्जी सन 2011 के बाद से पश्चिम बंगाल की 8वीं और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अलग होने के बाद सन 1998 में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ (AITC या TMC) पार्टी की स्थापना की और इसकी अध्यक्ष बनीं। ममता बनर्जी इससे पहले 2 बार रेल मंत्री भी रह चुकी हैं।

पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्ट सरकार के औद्योगीकरण के लिए सिंगुर में कृषिविदों और किसानों की लागत पर विशेष आर्थिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण की नीतियों के विरोध के बाद वह प्रमुखता से बढ़ीं। सन 2011 में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में TMC कांग्रेस गठबंधन के लिए एक शानदार जीत हासिल की, जिसमें 34 वर्षीय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) – ने ‘वाम मोर्चा सरकार’ का नेतृत्व किया, जिसने इस प्रक्रिया में दुनिया की सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से कम्युनिस्ट सरकार का नेतृत्व किया।

सन 2012 में, ‘टाइम पत्रिका’ ने ममता बनर्जी को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में नामित किया। ‘ब्लूमबर्ग मार्केट्स पत्रिका’ ने उन्हें सितंबर 2012 में वित्त की दुनिया के 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में सूचीबद्ध किया।

शुरूआती जीवन

ममता बनर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में 5 जनवरी 1955 को हुआ। उनके पिता का नाम ‘प्रोमिलेश्वर बनर्जी’ तथा उनकी माता का नाम ‘गायत्री देवी’ था। वे मध्यम वर्गीय परिवार से थीं और उन्होंने अपने राजनीतिक सफ़र की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के साथ की। उन्होंने जोगमया देवी कॉलेज, दक्षिण कोलकाता, से इतिहास विषय में स्नातक किया और कोलकाता विश्वविद्यालय से इस्लामिक इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। ममता बनर्जी ने अपना शिक्षण जारी रखते हुए श्री शिक्षायातन कॉलेज से एक और डिग्री हासिल की। इसके बाद जोगेश चन्द्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता से उन्होंने कानून की डिग्री भी प्राप्त की।

राजनीतिक करियर

ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के सदस्य के तौर पर की थी। उन्हें युवा अवस्था में राज्य महिला कांग्रेस की महासचिव नियुक्त किया गया। सन 1984 में कोलकाता के जादवपुर लोक सभा क्षेत्र से उन्होंने अनुभवी साम्यवादी नेता ‘सोमनाथ चटर्जी’ के विरुद्ध चुनाव लड़ा और चुनाव जीतकर वे सबसे कम उम्र की भारतीय सांसद बन गई। उन्होंने अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव पद पर भी कार्य किया।

सन 1991 में ‘नरसिम्हा राव’ की सरकार में ममता बनर्जी मानव संसाधन, युवा कल्याण-खेलकूद और महिला-बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री भी रहीं। उनके द्वारा प्रस्तावित खेल-कूद विकास योजना को सरकार की बहाली न मिलने पर उन्होंने विरोध के तौर पर अपना त्यागपत्र दे दिया। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उन्हें स्वच्छ कांग्रेस चाहिए। सन 1996 में केन्द्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी ही सरकार द्वारा पेट्रोल की कीमत बढ़ाये जाने पर विरोध व्यक्त किया था। कांग्रेस से मतभेद के चलते उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर अपना अलग दल बनाने का निश्चय किया और ‘आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ की स्थापना की। उनकी पार्टी ने काफी कम समय में बंगाल की साम्यवादी सरकार के खिलाफ कड़ी चुनौती खड़ी कर दी।

ममता बनर्जी सन 1999 में NDA गठबंधन सरकार में शामिल हो गयीं और उन्हें केन्द्रीय रेल मंत्री के पद पर चुना गया। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता से किए हुए अधिकतर वादे भी पूरे किए। वित्तीय सन 2000-01 के समय में उन्होंने 19 नई ट्रेनों की घोषणा की। उन पर लगे कुछ आरोपों के चलते 2001 में उन्होंने NDA सरकार से भी गठबंधन तोड़ दिया, लेकिन 2004 में वे फिर से NDA से जुड़ीं और कोयला और खदान मंत्री का पद संभाला।

सन 2006 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। ये उनके पार्टी की सबसे बड़ी असफलता थी। इस के पश्चात तृणमूल कांग्रेस ने UPA सरकार से गठबंधन किया और ममता बनर्जी फिर एक बार रेल मंत्री बनाई गई। सन 2011 के विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक सफ़र में एक नया मोड़ लेकर आया। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत के साथ ही 20 मई 2011 को ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बन गई।

मुख्य कार्य

  • कांग्रेस से सम्बन्ध खत्म करने के बाद ममता बनर्जी ने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ की स्थापना की। उन्होंने ‘टाटा मोटर्स’ के द्वारा कारखाने लगाये जाने का विरोध किया। पश्चिम बंगाल सरकार के 10 हजार एकड़ जमीन को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ- Special Economic Zone) बनाने के प्रस्ताव का ममता बनर्जी ने जोरदार विरोध किया।
  • उन्होंने अपने सर्वप्रथम रेल मंत्री शासनकाल के समय पर्यटन के विकास के लिए IRCTC (Indian Railways Catering and Tourism Corporation) लिमिटेड का निर्माण कर उसे पर्यटन परियोजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा।

जीवन घटनाचक्र

  • ममता बनर्जी का जन्म सन 1955 में कोलकाता में हुआ।
  • ममता बनर्जी सन 1976 में पश्चिम बंगाल महिला कांग्रेस की महासचिव बनी।
  • सन 1984 में सबसे युवा सांसद बनी।
  • सन 1989 में मालिनी भट्टाचार्य, जादवपुर के खिलाफ चुनाव में हार मिली।
  • सन 1991 में CPI-M के ‘बिपला दास गुप्ता’ को हरा कर फिर एक बार लोक सभा की सदस्य बनी।
  • ‘नरसिम्हाराव’ सरकार में मानव संसाधन, युवा कल्याण- खेलकूद और महिला-बाल विकास मंत्रालय की राज्यमंत्री बनी।
  • सन 1997 में कोलकाता में ‘आल इंडिया तृणमूल कोंग्रेस’ की स्थापना की।
  • सन 1998 में ‘आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस औपचारिक रूप से अस्तित्व में आई।
  • सन 1999 में ‘बीजेपी’ के नेतृत्व वाली NDA सरकार में केन्द्रीय मंत्री बनी।
  • सन 2001 में NDA से गठबंधन तोडा।
  • सन 2001 में NDA में वापसी की।
  • सन 2004 में ‘कोयला और खदान मंत्री’ बनी।
  • सन 2006 में ‘सिंगूर’ में टाटा मोटर्स की परियोजना के विरुद्ध प्रदर्शन किया।
  • सन 2009 में UPA सरकार में रेल मंत्री चुनी गई।
  • सन 2011 में ‘साम्यवादी सरकार’ को हराकर पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी।