मल्लिका श्रीनिवासन की जीवनी | Mallika Srinivasan Biography in Hindi

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परिचय

मल्लिका श्रीनिवासन भारत की सबसे प्रभावशाली महिला बिजनेस लीडर्स में से एक हैं और मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र बनाने वाली कंपनी टैफे TAFE (Tractors and Farm Equipment Limited) की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। मल्लिका श्रीनिवासन ने उचित दामों में अच्छी गुणवत्ता वाला ट्रैक्टर बनाकर विश्व भर में शोहरत प्राप्त की है। ‘व्हॉर्टन स्कूल ऑफ बिजनेस’ से MBA मल्लिका श्रीनिवासन AGCO कारपोरेशन और टाटा स्टील के साथ-साथ टाटा ग्लोबल बेवरेजेज के बोर्ड की सदस्य भी हैं। लीडरशिप और उद्यमिता के लिए उन्हें BBC (British Broadcasting Corporation) ने ‘फर्स्ट बिजनेस वूमेन ऑफ ईयर अवॉर्ड फॉर इंडिया’ से सम्मानित किया है। प्रसिद्ध पत्रिका ‘फ़ोर्ब्स इंडिया’ ने उनको एशिया के टॉप-50 बिजनेस वीमेन की सूची में और ‘फॉर्च्यून इंडिया’ ने भारत की दूसरी सबसे प्रबल महिलाओं की श्रेणी में शामिल किया है। इसके अलावा इकोनॉमिक्स टाइम्स (बिजनेस वीमेन ऑफ ईयर), बिजनेस टुडे (पावरफुल वीमेन ऑफ इंडिया), और NDTV (New Delhi Television) (बिजनेस थॉट लीडर) ने भी सम्मानित किया है। TVS Motor के CMD (Chief Managing Director) ‘वेणु श्रीनिवासन’ उनके पति हैं।

शुरूआती जीवन

मल्लिका श्रीनिवासन का जन्म 19 नवंबर 1959 को दक्षिण भारत में हुआ था। इनके पिता का नाम ‘शिवशैलम’ तथा इनकी माता का नाम ‘इंद्रा शिवशैलम’ था। ये उनकी सबसे बड़ी पुत्री हैं। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से MA की डिग्री प्राप्त की और आगे की शिक्षा पाने के लिए अमेरिका चली गयीं और पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के ‘व्हार्टन स्कूल’ से MBA की डिग्री हासिल की।

करियर

मल्लिका श्रीनिवासन सन 1986 में भारत वापस आने के बाद अपने परिवार के ‘टैफे’ कारोवार में शामिल हो गयीं और कंपनी में शामिल होने के बाद शुरू से ही सहज व संपन्न कारोबारी कार्यनीति अपनाई। जब उन्होंने टैफे कंपनी में काम करना शुरू किया था,तब टैफे कंपनी का टर्नओवर करीब 85 करोड़ रूपए था और  यह टर्नओवर बढ़कर करीब 160 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया है। मल्लिका श्रीनिवासन अपने पिता तथा टैफे कंपनी के कर्मचारियों के सहयोग और दिशा निर्देश से एक के बाद एक सकारात्मक बदलाव लाती गयीं और धीरे-धीरे टैफे कम्पनी ने अपने व्यापार को बहुत क्षेत्रों में विस्तार कर लिया, जिसमें प्रमुख हैं- ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी, डीजल इंजन, इंजीनियरिंग प्लास्टिक, हाइड्रोलिक पंपों और सिलेंडर, बैटरी, ऑटोमोबाइल फ्रेंचाइजी और वृक्षारोपण आदि।

मल्लिका श्रीनिवासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी- ट्रैक्टर की पुरानी तकनीक को बदलना तथा ट्रैक्टर के  डिजाइन एवं मॉडल को बदलना और उनमें नए-नए फीचर्स जोड़ना, पर लागत व मूल्य न बढ़ने देना। 90 के दशक में ट्रैक्टर के मार्केट में भी काफी मंदी आई। मल्लिका श्रीनिवासन ने ऐसे कठिन समय में अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए बिजनेस ग्रोथ, टर्नओवर व मार्जिन को दांव पर लगाकर प्रोडक्शन को कम कर दिया। उन्होंने अपने डीलर्स को भरोसा दिलाया कि कंपनी विषम परिस्थितियों में भी उनके साथ है। इस सोच ने टैफे कंपनी की मार्केट में प्रसिद्धि बढ़ाई।

मल्लिका श्रीनिवासन ने सन 2005 में आयशर ट्रैक्टर इंजन व गीयर्स के व्यापार को खरीद लिया। इससे टैफे कंपनी को दो फायदे हुए। एक, कम हॉर्स पावर के ट्रैक्टर की भारतीय बाजार में शुरुआत के साथ-साथ अमेरिकी बाजार में शुरुआत हुई। इस अधिग्रहण के साथ कंपनी दक्षिण भारतीय न रहकर राष्ट्रीय बन गई और टैफे ट्रैक्टर मार्केट में दूसरे (प्रथम महिंद्रा एंड महिंद्रा) नंबर पर आ गया। कंपनी का कारोबार करीब 67 देशों में पहुंचा। 1 बिलियन डॉलर कंपनी बनने के साथ-साथ टैफे ट्रैक्टर व फार्म इक्विपमेंट उद्योग की ग्लोबल खिलाड़ी बन गई। मल्लिका श्रीनिवासन ने उद्योग भारतीय उद्योग जगत के कई संघों जैसे ‘ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया’और ‘मद्रास चैंबर ऑफ़ कॉमर्स’ का नेतृत्व किया है और भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान जैसे संघों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है।

मल्लिका श्रीनिवासन के नेतृत्व में टैफे कंपनी विश्व की शीर्ष तीन ट्रैक्टर विनिर्माता और भारत की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्यातक कंपनी के रूप में उभरकर सामने आई है। भारतीय उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र में अपने योगदान के कारण मल्लिका श्रीनिवासन एक प्रतिष्ठित नाम है। उन्हें आपरेशंस में सर्वोत्कृष्टता, कृषि मशीनरी बिजनेस पुन: र्परिभाषित करने और उच्च गुणवत्तायुक्त व प्रासंगिक उत्पाद प्रदान करने की TAFE की क्षमताओं का लाभ उठाकर भारतीय कृषि के क्षेत्र में परिवर्तन लाने व ग्राहक फोकस के लिए अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।

सामाजिक क्षेत्र में कार्य

भारत में उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य के विकास को सुधारने में अत्यधिक दिलचस्पी रही और इसी दिशा में उन्होंने शंकर नेत्रालय, चेन्नई, में कैंसर अस्पताल और तिरुनेलवेली जिले में पढ़ाई और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े हुए कई संस्थानों की सहायता की है।

अवार्ड एवं सम्मान

  • सन 1999 में BBC (British Broadcasting Corporation) द्वारा ‘फर्स्ट बिज़नेस वीमेन ऑफ़ द ईयर अवार्ड फॉर इंडिया’ से सम्मानित किया।
  • सन 2005 मे ज़ी अस्तित्व पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • सन 2005 में IIM लखनऊ (विजयपत सिंघानिया पुरस्कार) द्वारा ‘नेशनल लीडरशिप पुरस्कार’ से सम्मानित किया।
  • सन 2005-2006 में इकनोमिक टाइम्स द्वारा ‘बीज़नेस वुमन ऑफ़ थे ईयर’ से सम्मानित किया।
  • सन 2007 में पेनसिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस ने उन्हें 125 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया।
  • सन 2004-2010 में बिज़नेस टुडे द्वारा ‘25 मोस्ट पावरफुल वीमेन इन इंडियन बिज़नेस’ के सूचि में लगातार 7 साल तक रहीं।
  • सन 2010 में मद्रास विश्वविद्यालय द्वारा ‘वीमेनष्स डे अवार्ड’ से सम्मानित किया।
  • सन 2010 में इंडिया टुडे द्वारा ‘25 पावर वीमेन’ के सूची में शामिल किया।
  • सन 2010 में द इकनोमिक टाइम्स ने उन्हें ‘इंडिया इंक मोस्ट पावरफुल वीमेन लीडर्स’ से सम्मानित किया।
  • सन 2011 में अर्न्स्ट एंड यंग ने ‘एंट्रेप्रेनुएर ऑफ़ द ईयर’ से सम्मानित किया।
  • सन 2012 में फ़ोर्ब्स एशिया पत्रिका ने उन्हें एशिया के ‘50 पावर वीमेन’ के सूची में रखा।
  • सन 2012 में द इकनोमिक टाइम्स ने उन्हें ‘इंडिया इंक्स मोस्ट पावरफुल CEO और टॉप वीमेन CEO चुना।
  • सन 2012 में फ़ोर्ब्स इंडिया ने उन्हें ‘फोर्ब्स इंडिया लीडरशिप अवार्ड्स ‘वीमेन लीडर ऑफ़ द ईयर’ चुना।
  • सन 2012 में फार्च्यून इंडिया ने उन्हें ‘भारत के मोस्ट पावरफुल वीमेन इन बिज़नेस’ की श्रेणी में दूसरे नम्बर पर रखा।
  • सन 2013 में NDTV प्रॉफिट बिज़नेस लीडरशिप अवार्ड्स’ में उन्हें ‘बिज़नेस थॉट लीडर ऑफ़ द ईयर 2012 में चुना गया
  • सन 2014 में भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया।
  • सन 2014 में ‘बिज़नेस टुडे’ ने उन्हें भारतीय व्यापार में सबसे शक्तिशाली महिलाओं में ‘हॉल ऑफ फ़ेम’ से सम्मानित किया।
  • सन 2014 में ‘फेमिना’ ने उन्हें भारत की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल किया।
  • सन 2014 में ‘फार्च्यून एशिया’ ने उन्हें भारत की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल किया।
  • सन 2014 में ‘फार्च्यून इंडिया’ ने उन्हें भारतीय व्यापार में सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल किया।
  • सन 2015 में XLRI ज़ेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा ‘सर जहांगीर घांडी’ पदक से सम्मानित किया।
  • सन 2016 में ‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन’ द्वारा उन्हें BBC 100 पावर वुमन 2016 से सम्मानित किया।
  • सन 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा देवी पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • सन 2017 में ‘तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय’ द्वारा उन्हें विज्ञान के मानद डॉक्टरेट (ऑनोरिस कोसा) से सम्मानित किया।