मलेरिया एक तरह का बुखार है जो संक्रमित मादा ऐनोफ्लीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर गंदे पानी में रहते हैं और आमतौर पर दिन ढलने के बाद ही काटते हैं।

मुख्य लक्षण

  • बुखार होना और एक दिन छोड़कर बहुत तेज बुखार आना।
  • जी मिचलाना, सिरदर्द होना, मांसपेशियों में दर्द होना, उल्टी आना।
  • बुखार के साथ शारीर मैं कंपकपी होती है।
  • भूख कम लगती है और साँस लेने में तकलीफ होती है।
  • प्लेटलेट में कमी आ सकती है और शारीर पर लाल चकते पड़ सकते हैं।

मुख्य कारण

मलेरिया का मुख्य कारण संक्रमित ऐनोफ्लीज मच्छर में मौजूद प्लासमोडियम परजीवी है। ऐनोफ्लीज मच्छर के काटने पर यह परजीवी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करके लीवर को संक्रमित कर देता है, जिससे लीवर में मलेरिया को फैलाने वाले सूक्ष्म जीव बनने लगते हैं। यह जीव लीवर से रक्त में पहुँच जाते हैं जिससे लाल रक्त कण टूटने लगते हैं और व्यक्ति को मलेरिया हो जाता है।

जब कोई साधारण ऐनोफ्लीज मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो उस व्यक्ति के रक्त में पहले से ही मौजूद परजीवी उस मच्छर के अन्दर पहुँचकर उसे संक्रमित कर देता है। यह संक्रिमित मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो उसे मलेरिया हो जाता है।

मलेरिया से बचाव

  • घर के आस-पास साफ-सफाई रखें और पानी इकट्ठा ना होने दें।
  • घर के खिड़की दरवाजे खुले न रखें।
  • पूरे कपडे पहने जिससे कि शरीर पूरी तरह से ढक जाए।
  • ऐसी जगह ना जाएँ जहाँ पानी इकट्ठा हो या झाड़ियाँ हों।
  • खुले में सोएं तो मच्छरदानी लगाकर सोएँ।

घरेलू उपचार

दवा के अलावा मलेरिया के उपचार के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं। कुछ आसान एवं कारगर घरेलू नुस्ख़े निम्नलिखित हैं।

  • चूना: लगभग 60 मि.ली. पानी में तीन ग्राम चूना घोल लें और इसमें एक निम्बू निचोड लें। इसको पियें को रोज़ पिए, बुखार में राहत मिलेगी।
  • चिरायता: 250 मि.ली. पानी में 15 ग्राम चिरायता, कुछ लौंग और दालचीनी मिला लें। इस पेय का सेवन बुखार कम करने में मदद करता है।
  • नींबू: बुखार कम करने के लिए गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर भी पीया जा सकता है।
  • दालचीनी, काली मिर्च, शहद: एक गिलास पानी में एक चम्मच दालचीनी, एक चम्मच शहद, और आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर गरम करें। ठंडा होने पर इसको पियें।
  • तुलसी: 10 ग्राम तुलसी के पत्तों के रस में आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिला लें। जब बुखार कम हो या ना हो तब इस मिश्रण को चाटने से बुखार ठीक हो सकता है।
  • धतूरा: धतूरा की नई कोपल दो नग को गुड के साथ मिलाकर गोली बना लें। दिन में दो बार इसका सेवन करने से मलेरिया ठीक हो सकता है।
  • अदरक: एक गिलास पानी में 10 ग्राम अदरक और 10 ग्राम मुन्नका डालकर तब तक उबालें जब तक यह मिश्रण आधा ना रह जाए। ठंडा होने पर इसको पीयें।
  • अन्न से परहेज़ करें: अन्न ना खाएं, फल, जूस और पानी लेते रहें।