महात्मा गाँधी स्लोगन | Mahatma Gandhi Slogan

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हमारे भारत देश के ‘राष्ट्रपिता’ महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी है और भारत देश के लोग प्यार से इन्हें बापू कहते हैं। गुजरात के पोरबंदर में जन्में बापू का जन्म महान कार्यों के लिए प्रसिद्ध है। बापू ने 200 साल से गुलाम भारत देश को अपने बल से नहीं बल्कि अहिंसा के रास्ते पर चलकर आजाद कराया और इतिहास में महान लोगों में अपनी जगह बनाई। अहिंसा के मार्ग पर बापू जी को अंग्रेजों के द्वारा काफी जुल्म सहने पड़े, परन्तु बापू जी के दृढ़ संकल्प के आगे अंग्रेजों को घुटने टेकने पड़े और यह बात साबित की, जहाँ बल काम ना आए वहाँ मनुष्य को अपने ज्ञान व विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।

‘महात्मा गाँधी’ पर आधारित स्लोगन निम्नलिखित हैं।

स्लोगन.1

जब आपका सामना किसी विरोधी से हो, तो उसे प्रेम से जीतें, अहिंसा से जीतें।

स्लोगन.2

किसी की मेहरबानी माँगाना, अपनी आजादी बेचना है।

स्लोगन.3

कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है।

स्लोगन.4

आप मुझे बेडियों से जकड़ सकते हैं, यातना भी दे सकते हैं, यहाँ तक कि आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप कदापि मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते।

स्लोगन.5

दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल–दिल से बात करता है।

स्लोगन.6

जहाँ पवित्रता है, वहीं निर्भयता है।

स्लोगन.7

आप कभी भी यह नहीं समझ सकेंगे कि आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक कि आप उन्हें खो नहीं देंगे।

स्लोगन.8

विश्व में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान् उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता, सिवाय रोटी देने वाले के रूप में।

स्लोगन.9

आँख के बदले में आँख पूरे दुनिया को अँधा बना देगी।