महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना | Mahatma Gandhi Pravasi Suraksha Yojana in Hindi

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महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना का शुभारंभ अप्रैल 2014 को संयुक्त अरब अमीरात में किया गया। मंत्रालय ने उत्प्रवासन जांच अपेक्षित Emigration Check Required पासपोर्ट रखने वाले विदेशी भारतीय कर्मकारों के लिए महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना नामक एक पेंशन और जीवन बीमा निधि आरंभ की है। यह योजना विदेश मंत्रालय के अधीन है। इसके अंतर्गत विदेशों में रह रहे भारतीय मजदूरों के लिए पेंशन और जीवन बीमा की व्यवस्था करना है। सरकार का महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना के अंतर्गत अंशदान 5 वर्ष की अवधि के लिए या सदस्य कर्मकार के भारत वापस आने तक, जो भी पहले हो, उपलब्ध रहेगा। महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना एक वाॅलेंटियरी स्कीम है।

महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना का उद्देश्य सरकारी अंशदान करते हुए विदेशी भारतीय कर्मकारों को उनकी वापसी और पुनर्वास के लिए बचत, उनकी वृद्धावस्था के लिए बचत और कवरेज की अवधि के दौरान प्राकृतिक मृत्यु से उनके लिए जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार का महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना के अंतर्गत अंशदान पांच वर्ष की अवधि के लिए अथवा सदस्य कर्मकार के भारत आने तक, जो भी पहले हो उपलब्ध रहेगा।

महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैंः

  • समस्त ऐसे महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना के सदस्यों के लिए जो एनपीएस-लाइफ में प्रतिवर्ष 1 हजार रूपये से 12 हजार रूपये के बीच बचत करते हैं, स्वलंबन प्लेटफार्म की तर्ज पर 1 हजार रूपये प्रतिवर्ष का सरकारी अंशदान।
  • ऐसी विदेशी भारतीय महिला कर्मियों के लिए जो एनपीएस-लाइफ में प्रतिवर्ष 1 हजार रूपये से 12 हजार रूपये के बीच बचत करती हैं, प्रवासी भारतीय मामले मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष 1 हजार रूपये का अतिरिक्त सरकारी अंशदान।
  • ऐसी विदेशी भारतीय कर्मियों के लिए जो प्रतिवर्ष 4 हजार रूपये से अधिक बचत करते हैं। प्रवासी भारतीय मामले मंत्रालय द्वारा उनकी वापसी और पुनर्वास के लिए 900 रूपये का विशेष सरकारी योगदान।

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