महात्मा गांधी स्मारक

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यह स्मारक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है। महात्मा गांधी सन् 1937 में कन्याकुमारी आए थे। इस स्मारक की स्थापना सन् 1956 में हुई थी। तीन सागरों का संगम स्थल होने के कारण धरती का यह छोर एक पवित्र स्थान है। गांधी जी के अस्थि अवशेेषों का एक अंश इस संगम स्थल पर भी प्रवाहित किया गया था। समुद्र तट पर जिस जगह गांधी जी के अस्थि कलश को समुद्र में विसर्जित करने से पहले लोगों के दर्शन के लिए रखा गया था, वहां आज एक अद्भुत स्मारक है। इस स्मारक को गांधी मंडप कहते हैं। इसमें गांधी जी के संदेश और उनके जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं को चित्रों के द्वारा दिखाया गया है। स्मारक में गुंबद के नीचे वह स्थान एक पीठ के रूप में है, जहाँ अस्थि कलश को रखा गया था। इस इमारत की वास्तुकला इस तरह से है कि हर साल गांधी जी के जन्मदिन 2 अक्टूबर को सूरज की किरणें ठीक उसी जगह पर पड़ती हैं, जहाँ अस्थि कलश को रखा गया था। हर वर्ष 2अक्टूबर को यहाँ उनका जन्मदिन मनाया जाता है।

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