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मसाले

भोजन को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाने के लिए उसमें मिलाए जाने वाले सूखे बीज, जड़, फल, छाल आदि के चूर्ण को मसाला कहते हैं। मसाले का उपयोग स्वाद और सुगंध को बदलने के लिए भी किया जाता है। सीमित मात्रा में मसालों का सेवन करने से लाभ मिलता है।

पिप्पली का वैज्ञानिक नाम पाइपर लोंगम (Piper longum) है आयुर्वेद में पिप्पली के कच्चे फलों को औषधि के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पिप्पली की अधिकतर दो प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। बड़ी पिप्पली मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर से मँगवाई जाती है और छोटी पिप्पली भारत में अच्छी मात्रा में पैदा होती...
करी पत्ता का वैज्ञाानिक नाम मुरार्या कोनीजी(Murraya koenigii) है। करी पत्ता में लोहा, कैल्शियम फास्फोरस और कई प्रकार के विटामिन्स पाए जाते है, जो शरीर को एनीमिया, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि रोगों से बचाते हैं। इसके साथ-साथ करी पत्ता में विटामिन B2, विटामिन B6 और विटामिन B9 प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं, जिससे हमारे बाल...
कलौंजी का वैज्ञाानिक नाम निगेल्ला सटिवा (Nigella sativa) है। कलौंजी में आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर जैसे बहुत सारे मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लगभग 15 एमीनो एसिड वाला कलौंजी शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन की कमी को पूरा करता है। कलौंजी एक अच्छा एंटी-आॅक्सीडेंट है, जो...
जायफल का वैज्ञाानिक नाम मिरिस्टिका फ्रैगरैंस (Myristica fragrans) है। जायफल सुगंधित और स्वाद में मीठा होता है। अधिकतर लोग जायफल और जावित्री को एक चीज मानते हैं, पर ये दोनों अलग-अलग हैं। जायफल और जावित्री एक ही पेड़ से निकलते हैं। जायफल बीज होता है और इसके ऊपर के छिलके को...
मेथी का वैज्ञाानिक नाम ट्राइगोनेला फिनॅम.ग्रीक्यूम (Trigonella foenum-graecum) है। मेथी में फायटो-न्युट्रिएंट्स के साथ-साथ लौह, मैग्नीशियम, फाॅस्फोरस, मैंगनीज, विटामिन B6, और ताँबे जैसे खनिज तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते है। मेथी के बीज और पत्तियों में रोगाणुरोधी, एंटी-आॅक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, मधुमेह विरोधी और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। स्वाद में मेथी का पत्ता...
सौंफ का वैज्ञाानिक नाम फाॅनिकुलम वल्गेर (Foeniculum vulgare) है। सौंफ में वायुनाशी, एंटी-स्पास्मोडिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, रोगाणुरोधी, कफ निस्सारक, मूत्रवर्धक, एंटी-कार्सिनोजेनिक, एंटी-आॅक्सिडेंट आदि औषधीय गुण पाए जाते हैं। सौंफ में विटामिन C, पोटेशियम, मैंगनीज, लोहा, फाॅलेट और फाइबर मौजूद हैं। सौंफ एक माउथ फ्रेशनर (Mouth Freshener) के रूप में भी लोकप्रिय है। सौंफ के फायदे खाना खाने के...
सेंधा नमक का वैज्ञाानिक नाम हैलाइट (halite) है | सेंधा नमक में सोडियम क्लोराइड सबसे प्रमुख घटक (98%)है। इसमें कई उपयोगी खनिज तत्व जैसे आयोडीन, लिथियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, क्रोमियम, मैंगनीज, लोहा, जस्ता, स्ट्रोटियम आदि शामिल हैं। सेंधा नमक दुर्लभ आयुर्वेदिक पदार्थो में से एक है, जिसका इस्तेमाल व्रत में भी किया...
बड़ी इलायची का वैज्ञानिक नाम एॅमोमुम सुबुलेटम (Amomum Subulatum) है। बड़ी इलायची में पोषक तत्व, फाइबर और आॅयल मौजूद होते है, जो कई तरह की बीमारियों को दूर करते हैं। बड़ी इलायची में एंटीआॅक्सीडेंट, पोटेशियम और विटामिन C जैसे गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता...
अजवाइन का वैज्ञानिक नाम ट्रैसीस्पर्मम एॅमी (Trachyspermum ammi) है। अजवाइन पाचक, तीखी, गर्म, कड़वी, दिल के लिए लाभकारी, बुखार, उल्टी, पेट के रोग, जोड़ों में दर्द आदि समस्याओं को दूर करने वाली औषधि है। अजवाइन के फायदे अजवाइन को शहद के साथ नियमित सेवन करने से पथरी की समस्या भी दूर होती...
हींग का वैज्ञानिक नाम फेरूला एसा-फौटिडा (Ferula assa-foetida) है। हींग में प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फास्फोरस, लौह, नियासिन और कैरोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हींग में एंटी-बायोटिक, एंटी-आॅक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, मूत्रवर्धक और एंटी-कार्सिनोजेनिक जैसे गुण भी होते हैं। हींग के फायदे हींग का सेवन करने से पेट की परेशानियाँ जैसे अपच,...

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